शिक्षा मंत्रालय के NEET-UG से जुड़ा प्रस्ताव पेपर लीक की घटना के बाद आया है। यह कदम ISRO के पूर्व चेयरमैन के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली सात सदस्यों की कमिटी की सिफारिशों पर आधारित है। कमिटी का गठन 2024 में पेपर लीक के बाद हुआ था।
नीट यूजी 2027 कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट
एक के बाद एक नीट पेपर लीक के मामले आने से भारी दबाव झेल रही सरकार अब NEET-UG 2027 कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट कराएगी। इसके अलावा नीट परीक्षा कराने वाली एजेंसी एनटीए में भी बड़ा फेरबदल किया जाएगा। एक मीडिया रिपोर्ट है कि यह कदम ISRO के पूर्व चेयरमैन के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली सात सदस्यों की हाई-पावर्ड कमिटी की सिफारिशों पर आधारित है। इस कमिटी का गठन 2024 में पेपर लीक की घटना के बाद हुआ था। द इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है।
NEET-UG परीक्षा मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित कराई जाती है। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए व्यापक सुधार योजना पर काम कर रहा है। इसी के तहत नये बदलाव लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
5-6 दिनों में होगी परीक्षा
नीट की परीक्षा पहले पूरे देश में एक ही दिन आयोजित होती रही थी, लेकिन अब इसमें बदलाव किए जाने की तैयारी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ NEET-UG 2027 एक ही दिन के बजाय 5 से 6 दिनों में आयोजित की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा देशभर के क़रीब 500 शहरों में होगी। इसके लिए लगभग 1000 परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। हर दिन करीब 5 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। अधिकांश परीक्षा केंद्र केंद्रीय विद्यालयों जैसे सरकारी संस्थानों में बनाए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, सरकार मुख्य रूप से सरकारी शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाएगी। इनमें केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय व अन्य सरकारी शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा कुछ प्रतिष्ठित निजी संस्थानों को भी परीक्षा केंद्र बनाया जा सकता है। हर केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 500 परीक्षार्थियों को परीक्षा देने की व्यवस्था की जाएगी।लगातार पेपर लीक के आरोप झेल रही सरकार का कहना है कि इसका मक़सद है कि लाखों छात्रों की परीक्षा सुरक्षित तरीक़े से कराई जा सके और एक ही दिन में परीक्षा कराने से जुड़े जोखिम कम हों।
NTA में होगा आमूल-चूल बदलाव
शिक्षा मंत्रालय केवल परीक्षा का तरीका ही नहीं बदल रहा, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए की पूरी कार्यप्रणाली में भी बड़े बदलाव किए जाएंगे। द इंडियन एक्सप्रस ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि एनटीए में सुधार के तहत संगठनात्मक ढांचा, प्रशासनिक व्यवस्था, तकनीकी सिस्टम, परीक्षा प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों पर काम होगा। रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है, 'NTA को ऊपर से नीचे तक पूरी तरह बदला जाएगा।' बताया जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
क्यों लिया जा रहा यह फैसला?
सरकार का यह फैसला हाल के वर्षों में सामने आए NEET पेपर लीक मामलों के बाद लिया गया है। इस वर्ष आयोजित परीक्षा में करीब 22 लाख छात्रों ने भाग लिया था। लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई को हुई परीक्षा रद्द करनी पड़ी और दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। पेपर लीक की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। जहाँ कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर युवाओं के बीच आंदोलन छेड़ रखा है, वहीं कॉकरोच जनता पार्टी भी उनके इस्तीफे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही है।
राधाकृष्णन समिति की सिफारिश
सरकार का यह फ़ैसला पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों पर आधारित बताया जा रहा है। यह समिति 2024 में पेपर लीक विवाद के बाद बनाई गई थी। समिति ने सुझाव दिया था कि NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित बनाया जाए ताकि सुरक्षा बढ़ाई जा सके और पेपर लीक की संभावना कम हो।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मई में दोबारा आयोजित NEET परीक्षा की घोषणा करते समय कहा था कि अगली परीक्षा से इसे कंप्यूटर आधारित बनाया जाएगा। हालांकि उस समय यह बदलाव लागू नहीं हो सका था। अब सरकार इसे NEET-UG 2027 से लागू करने की तैयारी में है।रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि एनटीए में सुधार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत अधिसूचना जारी की जाएगी। इसमें परीक्षा की तारीखें, शिफ्ट का समय, परीक्षा केंद्रों की सूची, शहरों की जानकारी, कंप्यूटर आधारित परीक्षा के दिशा-निर्देश शामिल होंगे।
पेपर लीक की जांच जारी
इस बीच पेपर लीक मामले में जांच अभी जारी है। सरकार का कहना है कि अभी तक कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है और यदि जांच में किसी बड़े व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।
हाल ही में सामने आई एक जांच के अनुसार, पिछले दो दशकों में देशभर में 1 लाख से अधिक अभ्यर्थियों वाली 45 बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए, लेकिन इनमें से केवल दो मामलों में ही दोषियों को सजा मिल सकी।
इसी अनुभव को देखते हुए सरकार अब परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह तकनीक आधारित और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। NEET-UG 2027 का नया प्रारूप इसी बदलाव का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।