नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच तेज हो गई है। CBI ने राजस्थान के जामवारामगढ़ से बीजेपी नेता दिनेश बिश्वाल और उनके भाई मंगीलाल बिश्वाल को गिरफ्तार किया है। दोनों पर ₹30 लाख में लीक पेपर खरीदने और इसे आगे बेचने का आरोप है। बीजेपी नेताओं का नाम आने के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सवाल हो रहे हैं लेकिन वो मीडिया के सामने आने को तैयार नहीं हैं। 

मुख्य आरोपी और लीक का नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, गुड़गांव के एक डॉक्टर राकेश कुमार मांडवरिया (जिन्हें सीकर स्थित कंसल्टेंसी ऑपरेटर बताया जा रहा है) ने लीक पेपर प्राप्त किया और इसे 700 छात्रों तक पहुंचाया। दिनेश और मंगीलाल बिश्वाल भाइयों ने कथित तौर पर इस पेपर को परिवार के बच्चों के लिए ₹30 लाख में खरीदा था। बाद में उन्होंने इसे अन्य छात्रों और अभिभावकों को बेचकर मुनाफा कमाने की कोशिश की।
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी लोगों को परीक्षा से करीब एक महीने पहले ही पेपर लीक होने की जानकारी थी। मांडवरिया को देहरादून से गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ता अब परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच कर रहे हैं, जिन्होंने मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया है।राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने पहले इन भाइयों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में CBI को सौंप दिया गया। दोनों फिलहाल CBI हिरासत में हैं।
जांच एजेंसियां मान रही हैं कि लीक का नेटवर्क कई राज्यों (राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र आदि) तक फैला हुआ है। कोचिंग सेंटर्स, मध्यस्थों और छात्रों के बीच लिंक पाए गए हैं। CBI अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों को नए तारीख पर बिना री-रजिस्ट्रेशन के परीक्षा देने का मौका मिलेगा। यह मामला छात्रों, अभिभावकों और पूरे शिक्षा तंत्र के बीच गहरी नाराजगी पैदा कर रहा है। CBI की जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
इस गिरफ्तारी ने देश में तीखा राजनीतिक घमासान छेड़ दिया है। कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए दावा किया है कि दिनेश बिश्वाल जामवारामगढ़ क्षेत्र में सक्रिय बीजेपी कार्यकर्ता हैं। वे बीजेपी युवा मोर्चा से जुड़े रहे हैं और राजेंद्र सिंह राठौर जैसे मंत्रियों के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं। कांग्रेस ने बीजेपी से जवाब मांगा है। विपक्ष ने राजस्थान पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने में देरी का भी सवाल उठाया है।

आरोपी बीजेपी नेता राजस्थान के शिक्षा मंत्री के साथ 

कांग्रेस ने इसे सिस्टम की पूरी तरह विफलता बताया। कांग्रेस ने एक्स पर कहा- NEET परीक्षा के पेपर लीक के आरोपी दिनेश बिनवाल की राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, भाजपा विधायक महेंद्र और कई भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें सार्वजनिक हो गई हैं। इससे साफ पता चलता है कि भाजपा पेपर लीक कांड में कितनी गहराई से शामिल है, मूक दर्शक बनकर नहीं, बल्कि पेपर लीक माफिया के संरक्षक के रूप में। भाजपा लाखों छात्रों की मेहनत, सपनों और भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। इन पेपर लीक घोटालों के कारण निर्दोष छात्र कब तक पीड़ित होते रहेंगे? नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सात साल में 70 पेपर लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है और बीजेपी सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

केजरीवाल का कड़ा बयान- जेन जी से जागने को कहा

पेपर लीक के आरोपों और पेपर रद्द होने पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा, "2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से परीक्षा पेपर लीक की 93 घटनाएं हुई हैं। इनमें से अधिकतर घटनाएं भाजपा सरकारों के कार्यकाल में हुई हैं। इससे 6 करोड़ युवा प्रभावित हुए हैं। पेपर लीक की ज्यादातर घटनाएं भाजपा शासित राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात में हुईं। यह कोई संयोग नहीं है कि केंद्र में भी इन्हीं राज्यों में भाजपा सरकारें हैं। हमें खबरें मिल रही हैं कि हालिया NEET पेपर लीक का केंद्र राजस्थान है। इससे संदेह पैदा होता है- क्या वहां के नेता इसमें शामिल हैं? अगर ऐसा है, तो CBI क्या कर सकती है? मैं Gen-Z से पूछना चाहता हूं: क्या यह सब चलता रहेगा? अगर नेपाल और बांग्लादेश के Gen-Z सड़कों पर उतरकर अपनी सरकारें बदल सकती हैं, तो क्या हमारी Gen-Z पेपर लीक की घटनाओं में शामिल मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकती? मुझे आप पर पूरा भरोसा है...।"

अलख पांडे और खान सर की टिप्पणियां वायरल

नीट पेपर लीक मामले में अलख पांडे और खान सर की टिप्पणियां वायरल हैं। दोनों छात्रों के बीच में काफी लोकप्रिय हैं और एनफ्लुएंसर की हैसियत रखते हैं। अलख पांडे ने कहा कि "व्यवस्था (सिस्टम) भ्रष्ट है। नया भारत, भ्रष्ट व्यवस्था के लिए शून्य जवाबदेही।" खान सर ने कहा- "जिम्मेदारों का सामना करो। 10 रुपये का डायपर लीक नहीं होता, लेकिन NEET परीक्षा लीक होती है। 90,000 स्कूल बंद, शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे।"