भारत में एक व्यक्ति के नाम पर मोबाइल कनेक्शन रखने की सीमा अब और सख्ती से लागू होने जा रही है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि तय सीमा तक SIM कार्ड रखने वाले ग्राहकों को इसके बाद नया मोबाइल कनेक्शन जारी न किया जाए। यह व्यवस्था 24 अगस्त 2026 से लागू होगी।
DoT ने 17 अगस्त को जारी एक सर्कुलर में टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को ऐसे तकनीकी और संगठनात्मक उपाय करने के निर्देश दिए हैं, जिनसे यह पता लगाया जा सके कि कोई ग्राहक अपने नाम पर तय सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन लेने की कोशिश तो नहीं कर रहा है। यदि ग्राहक पहले ही अधिकतम सीमा तक पहुंच चुका है, तो उसे इसकी जानकारी दी जाएगी और नया कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।

एक व्यक्ति कितने SIM कार्ड रख सकता है?

SIM कार्ड की संख्या पर यह सीमा नई नहीं है। DoT ने एक दशक से भी पहले एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन की सीमा तय की थी। यह सीमा अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों और टेलीकॉम सर्किलों को मिलाकर लागू होती है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ ईस्ट वाले राज्यों के लिए अलग नियम है। इन क्षेत्रों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 6 मोबाइल कनेक्शन रखने की अनुमति है।

नए सिम कार्ड के लिए 24 अगस्त से नए नियम लागू होने जा रहे हैं

नई व्यवस्था में बदलाव सीमा में नहीं, बल्कि उसके नियम के तरीके में किया गया है। अब टेलीकॉम कंपनियों को नया SIM जारी करने से पहले यह जांचना होगा कि संबंधित व्यक्ति के नाम पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन दर्ज हैं।
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नया SIM लेते समय बताने होंगे पुराने नंबर

नए मोबाइल कनेक्शन के लिए आवेदन करते समय ग्राहक को अपने नाम पर पहले से चल रहे मोबाइल नंबरों की जानकारी भी देनी होगी। इसके लिए Customer Application Form (CAF) में उन सभी मोबाइल कनेक्शनों का उल्लेख करना होगा जो उसके नाम पर हैं।महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटर से लिया गया नंबर या किसी दूसरे टेलीकॉम सर्किल में लिया गया कनेक्शन भी शामिल होगा। यानी केवल उसी कंपनी के नंबरों की गिनती नहीं होगी, जिससे ग्राहक नया SIM ले रहा है।

Digital Intelligence Platform से होगी जांच

SIM की निर्धारित सीमा को लागू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को सरकार के Digital Intelligence Platform (DIP) के जरिए ग्राहक के रिकॉर्ड की जांच करनी होगी। DIP अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराए गए सब्सक्राइबर डेटा को एक साथ लाता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसी व्यक्ति के नाम पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन हैं और क्या उसने अपने लिए निर्धारित सीमा पूरी कर ली है।
इस व्यवस्था के तहत किसी ग्राहक के नाम पर मौजूद कनेक्शनों की जानकारी केवल एक कंपनी के रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगी। अलग-अलग ऑपरेटरों के कनेक्शनों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

23 अगस्त से फोटो आधारित पहचान की सुविधा

DoT ने Digital Intelligence Platform में फोटो आधारित पहचान की एक नई सुविधा भी शुरू करने का फैसला किया है।
23 अगस्त से DIP ऐसे ग्राहकों के लिए एक प्रतिनिधि तस्वीर दिखाएगा, जो अपने क्षेत्र में लागू SIM कनेक्शन की अधिकतम सीमा तक पहुंच चुके हैं। टेलीकॉम कंपनियां नया कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया में इस जानकारी का इस्तेमाल कर सकेंगी। यदि जांच में पता चलता है कि ग्राहक पहले ही निर्धारित सीमा पार कर चुका है, तो उसके नाम पर नया SIM जारी नहीं किया जाएगा।

कंपनियों को 30 नवंबर तक सिस्टम तैयार करने का समय

टेलीकॉम कंपनियों को Digital Intelligence Platform के साथ अपनी तकनीकी और प्रक्रियागत व्यवस्था को पूरी तरह एकीकृत और व्यवस्थित करने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि 24 अगस्त से नियमों का सख्ती से पालन शुरू होगा, जबकि कंपनियों को अपनी पूरी तकनीकी व्यवस्था को DIP के साथ जोड़ने और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए नवंबर के अंत तक का समय मिलेगा।

गलती से सीमा से ज्यादा SIM जारी हुआ तो क्या होगा?

सरकार ने इस दौरान गलती से निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हो जाने की स्थिति के लिए भी अंतरिम व्यवस्था तय की है। DoT के अनुसार, यदि किसी ग्राहक के नाम पर तय सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन गलती से सक्रिय हो जाता है, तो उस अतिरिक्त कनेक्शन को तत्काल एक दिन के लिए निलंबित किया जा सकता है। यह कार्रवाई Customer Application Form में दिए गए नियमों और शर्तों के तहत की जाएगी। इसके बाद संबंधित मामले का समाधान किया जाएगा।

सरकार का क्या है मक़सद?

DoT का कहना है कि इस निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक तय सीमा के भीतर ही मोबाइल कनेक्शनों का इस्तेमाल करें। सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को नए कनेक्शन जारी करने से पहले मौजूदा कनेक्शनों की जांच करने की व्यवस्था मजबूत करने को कहा है। नियमों को लागू करने के दौरान आने वाली समस्याओं और मामलों को संबंधित Licensed Service Areas (LSAs) के स्तर पर संभाला जाएगा।

क्या बदला है?

  • एक व्यक्ति के नाम पर सामान्यतः अधिकतम 9 SIM कनेक्शन की सीमा बरकरार है।
  • जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में सीमा 6 कनेक्शन की है।
  • 24 अगस्त से तय सीमा पूरी कर चुके व्यक्ति को नया SIM जारी करने पर रोक लागू होगी।
  • नए SIM के लिए आवेदन करते समय अपने नाम पर पहले से मौजूद मोबाइल नंबरों की जानकारी देनी होगी।
  • दूसरे ऑपरेटर और दूसरे टेलीकॉम सर्किल के कनेक्शन भी गिने जाएंगे।
  • 23 अगस्त से DIP में सीमा पूरी कर चुके ग्राहकों के लिए फोटो आधारित पहचान सुविधा उपलब्ध होगी।
  • कंपनियों को DIP के साथ तकनीकी एकीकरण पूरा करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है।
  • गलती से सीमा से अधिक कनेक्शन सक्रिय होने पर अतिरिक्त कनेक्शन को एक दिन के लिए निलंबित किया जा सकता है।
इस तरह सरकार ने SIM कार्ड की मौजूदा सीमा में कोई नई संख्या तय नहीं की है, बल्कि अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों और सर्किलों में लिए गए कनेक्शनों को एक साथ जोड़कर एक व्यक्ति के नाम पर तय सीमा के उल्लंघन को रोकने की व्यवस्था को सख्त किया है।