संसद के बजट सत्र का बाकी हिस्सा आज 9 मार्च से शुरू हो रहा है। सत्र एक तूफानी शुरुआत के साथ सामने आने जा रहा है। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होने वाली है, जबकि मिडिल ईस्ट में तेजी से बढ़ते अमेरिका-इसराइल-ईरान युद्ध ने भी विपक्ष को मोदी सरकार को घेरने का मौका दे दिया है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर से पेश किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि बिरला ने सदन की कार्यवाही संचालित करते हुए खुलेआम पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया है। नोटिस मिलने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की अध्यक्षता से खुद को अलग कर लिया है और मामला तय होने तक कुर्सी पर वापस लौटने की संभावना नहीं है।
हालांकि, एनडीए के पास मजबूत बहुमत होने के कारण इस प्रस्ताव के सफल होने की संभावना बहुत कम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से ओम बिरला का समर्थन किया है और कहा है कि स्पीकर ने संविधान और संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों को बनाए रखा है।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार 9 मार्च को सदन को मिडिल ईस्ट में तेजी से बढ़ते संकट पर जानकारी देंगे। यह संकट 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इसराइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हवाई हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। यह युद्ध अब दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है और इसमें लेबनान के हिजबुल्लाह जैसे समूह भी शामिल हो गए हैं, जिससे क्षेत्रीय संकट और गहरा गया है।
सरकार खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर नजर रख रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के दिनों में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक, कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सहित कई क्षेत्रीय नेताओं से बात की है, जिसमें भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है।
विपक्षी दल सरकार से भारत की कूटनीतिक स्थिति, बढ़ते तेल मूल्यों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में संभावित व्यवधानों पर सवाल उठाने वाले हैं।
इसके अलावा, घरेलू राजनीतिक विवाद भी उभरने वाले हैं। विपक्ष पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) पर चिंताएं उठाएगा, जबकि भाजपा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हालिया राज्य यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल से जुड़े आरोप लगा सकती है।
सत्र से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दिल्ली में बैठक की और रणनीति तय की। पार्टी ऊर्जा सुरक्षा, बेरोजगारी और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग जैसे मुद्दे उठाने की योजना बना रही है।
बजट सत्र का यह दूसरा भाग 2 अप्रैल तक चलेगा। इसमें 2026-27 के लिए विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों की जांच और इस साल की शुरुआत में घोषित कर प्रस्तावों वाले वित्त विधेयक 2026 को पारित करने पर ध्यान केंद्रित रहेगा।

यह सत्र राजनीतिक टकराव और अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच संसद की कार्यवाही को प्रभावित करेगा, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में उतर रहे हैं।