राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को पहली बार राम मंदिर निर्माण से जुड़े किसी बड़े अधिकारी ने 'कलंक' बताया है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस पूरे मामले को शर्मनाक बताते हुए कहा कि इस घटना से सभी लोग खुद को छोटा और शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि मंदिर की प्रबंधन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होने दी जाएगी।

निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन मीडिया से बातचीत में नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, 'हमारे कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी भी कह चुके हैं कि यह एक कलंक है। राम मंदिर में ऐसी घटना होना हम सभी के लिए बेहद दुखद है। हमें सिर्फ अफसोस ही नहीं है, बल्कि हम सभी खुद को छोटा महसूस कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह प्रबंधन से जुड़ा मामला है और व्यवस्था को मजबूत बनाकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाएगा।
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'प्रशासनिक ढाँचे को मज़बूत बनाने पर काम हो रहा'

पत्रकारों से बात करते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, 'यह मैनेजमेंट का सवाल है। मुझे पूरा विश्वास है कि व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाने पर काम किया जा रहा है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, तो उन्होंने कहा, 'यह मेरी सिफारिश नहीं थी। एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है, जो सीईओ के चयन की प्रक्रिया देख रही है।' 

इससे पहले नृपेंद्र मिश्रा ने सुझाव दिया था कि मंदिर के बेहतर संचालन के लिए किसी सेवानिवृत्त वरिष्ठ नौकरशाह को सीईओ बनाया जाना चाहिए और पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

नृपेंद्र मिश्रा शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे थे, जहां उन्होंने राम मंदिर निर्माण समिति की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मंदिर निर्माण से जुड़ी प्रमुख एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इन एजेंसियों के साथ मंदिर परिसर और आसपास चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

30 जुलाई तक पूरा होगा मुख्य निर्माण कार्य

नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर के अधिकांश निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं और मुख्य निर्माण 30 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी दो प्रमुख कार्य बाकी हैं।
पुराने अस्थायी रामलला मंदिर की जगह बनने वाले स्मारक का निर्माण पूरा किया जाना है। वहां अखंड ज्योति की व्यवस्था अभी बाकी है। इसके अलावा एक अन्य स्मारक का निर्माण जुलाई के अंत तक पूरा हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि कुछ निर्माण कार्य जुलाई के बाद भी चलते रहेंगे। इनमें लगभग चार किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण, मंदिर परिसर के बाहर बन रहे ऑडिटोरियम का निर्माण, राम कथा संग्रहालय जैसे काम शामिल हैं। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम कथा संग्रहालय का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'संग्रहालय में 20 गैलरियां बनाई जा रही हैं। सभी गैलरियों की स्टोरीलाइन तैयार हो चुकी है। अब यह तय किया जाएगा कि इनमें किस तरह की आधुनिक तकनीक और वीडियो प्रस्तुति का उपयोग किया जाएगा। इस पर निर्माण समिति की बैठक में विस्तार से चर्चा हो रही है।'

चंदा चोरी मामले से बढ़ा विवाद

राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और दान के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार और राम जन्मभूमि ट्रस्ट से जवाब मांग रहा है।

अब पहली बार मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से इस मामले को 'कलंक' बताते हुए स्वीकार किया है कि इस घटना से मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचा है और पूरे प्रबंधन तंत्र को सुधारने की जरूरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होने दी जाएगी।