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कोरोना पर विपक्षी दलों के नेता आएंगे एक मंच पर, केंद्र को दिखाएंगे एकजुटता!

विपक्षी दलों के नेता शुक्रवार शाम को 3 बजे वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये कोरोना से संबंधित मुद्दों पर बातचीत करेंगे। बताया गया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन सहित कई बड़े नेता इसमें शामिल हो सकते हैं। कम से कम 15 राजनीतिक दलों के नेताओं के वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में शामिल होने की उम्मीद है। 

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कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में राज्य सरकारें केंद्र से सहयोग न मिलने की लगातार शिकायतें कर रही हैं। महाराष्ट्र का कहना है कि उसे उसके हिस्से का जीएसटी का पैसा अभी तक नहीं मिला है। इसी तरह ममता बनर्जी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कोरोना संकट के दौरान भी राजनीति करने और ग़ैर-बीजेपी शासित राज्यों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगा चुकी हैं। 

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कोरोना पर केंद्र के द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज को संघवाद की मूल अवधारणा का उल्लंघन क़रार देते हुए कहा है कि केंद्र सरकार इस पैकेज के ज़रिए ‘हमारे गले पर चाकू रख कर’ हमसे मनमर्जी का काम करवाना चाहती है।

ज़ोन तय करने के अधिकार को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा था कि केंद्र सरकार बिना राज्यों से बातचीत किए ज़ोन बनाने का फ़ैसला ले रही है। उन्होंने कहा था कि दिल्ली में बैठे लोग मुख्यमंत्रियों से सलाह तक नहीं लेते। इसके बाद केंद्र को राज्यों को लॉकडाउन 4 में ज़ोन तय करने का अधिकार देना पड़ा। 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केंद्र से कई बार प्रोत्साहन पैकेज की मांग कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि राज्य बेहद ख़राब आर्थिक हालात का सामना कर रहे हैं और उन्हें तुरंत मदद दिए जाने की ज़रूरत है।

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क़मर वहीद नक़वी
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