घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में रविवार को ₹29 प्रति सिलेंडर की नई बढ़ोतरी के बाद अब तीन महीनों में कुल ₹89 की वृद्धि हो चुकी है। दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹942 हो गई है। विपक्षी दलों ने इस बढ़ोतरी पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वेस्ट एशिया युद्ध के दौरान तेल को लेकर किए गए दावों को याद दिलाया है।
मार्च में अमेरिका-ईरान युद्ध के बहाने देश में ₹60 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 7 जून रविवार को ₹29 की बढ़ोतरी की गई। मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) में 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के कारण उपभोक्ता सामान, खासकर ईंधन सप्लाई पर प्रभाव पड़ा है।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कुकिंग गैस महंगी होने पर क्या कहा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि घरेलू एलपीजी की बढ़ती कीमतें "सामान्य लोगों के रसोईघरों को जला रही हैं"। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीनों में कीमत में ₹89 की बढ़ोतरी हुई है और आम आदमी महंगाई के बोझ तले दबा हुआ है। खड़गे ने एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में घरेलू एलपीजी की कीमतों में कुल ₹530 की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यूपीए काल के दौरान भाजपा के सड़क आंदोलनों का हवाला देते हुए पूछा, "तो अब भाजपा नेता सिलेंडर लेकर सड़कों पर क्यों नहीं बैठ रहे हैं?"
खड़गे ने संसद में प्रधानमंत्री मोदी के वेस्ट एशिया युद्ध के दौरान 41 देशों से ईंधन विविधीकरण (Fuel Diversification) के दावों का जिक्र करते हुए कहा, "उसका क्या हुआ? आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी की कमी क्यों है?" खड़गे ने कहा कि 2025-26 में उज्ज्वला योजना में 5.56 करोड़ परिवारों ने केवल एक या एक भी Refill नहीं करवाया। इनमें से 3.30 करोड़ ने तो एक भी सिलेंडर Refill नहीं लिया। ये तो West Asia Crisis के पहले की बात है। क्या ये मोदी सरकार की लूट का नतीजा नहीं है?

कांग्रेस ने अलग से किए गए ट्वीट में कहा- "वसूली सरकार"। तीन महीनों में ₹89 की बढ़ोतरी। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने चेतावनी दी कि स्थिति आने वाले दिनों में और खराब हो सकती है। उन्होंने सरकार से सभी दलों की बैठक बुलाकर समाधान निकालने की मांग की।

तृणमूल कांग्रेस ने कहा- यही बीजेपी मॉडल है

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कहा कि यह बढ़ोतरी लाखों परिवारों के पहले से टाइट चल रहे घरेलू बजट पर "एक और झटका" है। पार्टी ने कहा, "यह बीजेपी का मॉडल है: जब वैश्विक संकट आते हैं, तो गरीब चिंतित रहते हैं जबकि अमीर फलते-फूलते हैं।"

सपा ने इसे बीजेपी प्रायोजित महंगाई बताया

समाजवादी पार्टी ने कहा कि जनता "बीजेपी प्रायोजित महंगाई" से परेशान है। पार्टी ने एक्स पर लिखा, "केवल तीन महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹89 महंगा हो गया। जनता से यह लूट कब रुकेगी? भाजपा हटाओ, देश बचाओ।"

सरकार का पक्ष, अभी भी सस्ती गैस का दावा

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि भारतीय घरेलू उपभोक्ता पड़ोसी देशों और कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अभी भी खाना पकाने के गैस के लिए काफी कम भुगतान करते हैं।
मंत्रालय के अनुसार दिल्ली में सामान्य उपभोक्ता को 14.2 किग्रा एलपीजी सिलेंडर के लिए ₹942 चुकाने पड़ते हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थी प्रभावी रूप से ₹642 प्रति सिलेंडर चुकाते हैं। एक सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति लागत अब ₹1,600 से अधिक हो चुकी है। उज्ज्वला लाभार्थियों को साल में पहले चार रिफिल पर ₹300 प्रति सिलेंडर का सीधे बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मिलता है, जो औसत वार्षिक खपत के बराबर है। यह मदद अपरिवर्तित रहेगी। PMUY से बाहर के घरेलू उपभोक्ता भी बाजार-लिंक्ड लागत से लगभग ₹700 कम चुकाते हैं। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी हैं, लेकिन सरकार घरेलू एलपीजी के लिए प्रभावी कीमत को मॉडरेट करती रहती है। वितरण लागत के कारण विभिन्न स्थानों पर खुदरा कीमतें थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।
उधर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हैदराबाद के बशीरबाग में बढ़ती एलपीजी और ईंधन कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन निकाला।