विधानसभा चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा नेता अखिलेश यादव, आप नेता सौरभ भारद्वाज जैसे विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दी सफाई।
डीजल पेट्रोल दाम बढ़ने पर विपक्ष का हमला
पेट्रोल-डीजल की क़ीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर और सीएनजी में 2 रुपये की बढ़ोतरी को विपक्ष ने 'चुनाव ख़त्म होते ही प्रधानमंत्री मोदी की वसूली' क़रार दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों का कहना है कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव ख़त्म होते ही सरकार ने आम लोगों पर बोझ बढ़ा दिया।
कांग्रेस ने कहा, 'महंगाई वाले मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया। पेट्रोल-डीजल 3-3 रुपये महंगे हो गए। सीएनजी भी 2 रुपये बढ़ गई। चुनाव ख़त्म- मोदी की वसूली शुरू!' पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव के दौरान महंगाई नहीं बढ़ने दी थी, लेकिन अब चुनाव ख़त्म होते ही आम आदमी की जेब काटने लगी है।
राहुल गांधी का हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार की गलतियों की क़ीमत जनता को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मोदी सरकार की ग़लती, जनता को भुगतना पड़ेगा। 3 रुपये का झटका तो आ ही गया है। बाकी वसूली किस्तों में होगी।' राहुल ने इसे पब्लिक पर 'वसूली' बताया और कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच भी सरकार जनता की परेशानी नहीं समझ रही है।दाम बढ़ोतरी पर अखिलेश का साइकिल से तंज
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक कार्टून शेयर किया। कार्टून में वह साइकिल चला रहे हैं और पीछे बोर्ड है- 'पेट्रोल पर कम खर्च करो: पीएम'। उन्होंने कैप्शन दिया- 'आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।' यह प्रधानमंत्री के हालिया सुझाव पर तंज था जिसमें उन्होंने लोगों से पेट्रोल बचाने और मितव्ययिता अपनाने को कहा था।टीएमसी ने कहा, "जहां हमारे 'प्रिय' PM नरेंद्र मोदी जी एक और आलीशान विदेश दौरे पर निकल पड़े हैं, वहीं उनके 'प्यारे देशवासी' बढ़ती कीमतों और कभी न खत्म होने वाली मुश्किलों का बोझ उठाने के लिए पीछे छूट गए हैं। पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में यह ताज़ा बढ़ोतरी, तथाकथित 'ऐतिहासिक जनादेश' के ठीक कुछ ही दिनों बाद हुई है, जो इस 'डबल-इंजन सरकार' को मिला था। लोगों ने वोट दिया, और बदले में उन्हें तुरंत ही 'तकलीफ़ें' मिलीं। और यह तो अभी बस शुरुआत है..."।
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगा होना अर्थव्यवस्था की गहरी समस्या दिखाता है। व्यापार घाटा बढ़ रहा है, निर्यात घट रहा है, आयात बढ़ रहा है। नौकरियां कम हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स में सिर्फ 15 प्रतिशत को ही नौकरी मिल रही है। बड़ी कंपनियां छंटनी कर रही हैं। सौरभ ने चेतावनी दी कि आगे भी दाम बढ़ सकते हैं। सरकार को जनता से सच बोलना चाहिए।
जयराम रमेश की चेतावनी
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह बढ़ोतरी महंगाई को और बढ़ाएगी और अर्थव्यवस्था को नुक़सान पहुंचाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता था, तब सरकार ने दाम नहीं घटाए। लेकिन अब जब तेल महंगा हो रहा है तो तुरंत बढ़ोतरी कर दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इससे इस वित्तीय वर्ष में महंगाई 6 प्रतिशत के करीब पहुंच सकती है। आर्थिक विकास के अनुमान भी घट सकते हैं। जयराम रमेश ने सरकार पर आरोप लगाया कि पहले सस्ते तेल का फ़ायदा जनता को नहीं दिया गया, बल्कि उपभोक्ताओं को लूटा गया।कर्नाटक डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अंतरराष्ट्रीय संबंध संभालने में नाकाम रहे हैं। संकट के समय भी भारत की स्थिति मजबूत नहीं हो पाई।
सरकार का पक्ष
इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत के पास पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त सप्लाई है। कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि 2022 से ईंधन की क़ीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं क्योंकि सरकार ने अच्छी नीतियों से स्थिति संभाली। पुरी ने जोर दिया कि कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के ट्रेंड के कारण है, घरेलू स्तर पर कोई सप्लाई संकट नहीं है।आम जनता पर असर
विपक्षी दलों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल-सीएनजी एक साथ महंगे होने से ट्रांसपोर्ट, सामान की ढुलाई और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ेंगी। इससे आम आदमी की मुश्किलें बढ़ेंगी। विपक्ष अब इस मुद्दे पर सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखने की तैयारी कर रहा है। यह बढ़ोतरी चुनाव के ठीक बाद आई है, इसलिए विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है। आम लोगों में महंगाई को लेकर पहले से ही नाराजगी है।