2019 में भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पकड़ने का दावा करने वाले पाकिस्तानी मेजर सैयद मोइज अब्बास शाह दक्षिण वजीरिस्तान में टीटीपी के साथ मुठभेड़ में मारे गये हैं। यह जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों और सोशल मीडिया पर सामने आई है।
मेजर सैयद मोइज पाकिस्तान की विशेष सेवा समूह यानी एसएसजी की छठी कमांडो बटालियन में तैनात थे। खैबर पख्तूनख्वा के सरारोघा क्षेत्र में तेहरिक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान मारे गए। इस घटना ने भारत-पाकिस्तान के बीच 2019 के तनावपूर्ण क्षणों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, मेजर सैयद मोइज अब्बास शाह दक्षिण वजीरिस्तान के सरारोघा क्षेत्र में टीटीपी आतंकवादियों के खिलाफ एक सैन्य ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान हुए भीषण गोलीबारी में उनकी मौत हो गई। पाकिस्तानी सेना ने अभी तक इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर कई पोस्टों में यह दावा किया गया है कि मेजर मोइज की मृत्यु टीटीपी के हमले में हुई। यह क्षेत्र लंबे समय से आतंकवादी गतिविधियों का गढ़ रहा है और पाकिस्तानी सेना वहां नियमित रूप से ऑपरेशन चलाती रहती है।
क्या थी 2019 की घटना
मेजर सैयद मोइज अब्बास शाह उस समय चर्चा में आए थे जब फरवरी 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष के दौरान उन्होंने भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पकड़ने का दावा किया था। 27 फरवरी 2019 को भारत ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले के जवाब में बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर हवाई हमला किया था। इसके अगले दिन पाकिस्तानी वायु सेना ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके दौरान अभिनंदन वर्धमान का मिग-21 बाइसन विमान क्षतिग्रस्त हो गया और वह पाकिस्तानी सीमा में उतर गए।
अभिनंदन ने उस दौरान एक पाकिस्तानी एफ़-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था जिसके लिए उन्हें बाद में वीर चक्र से सम्मानित किया गया। हालाँकि, उनके विमान के क्षतिग्रस्त होने के बाद वह पैराशूट से उतरे और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।
मेजर मोइज ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई थी। अभिनंदन को 1 मार्च 2019 को अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद रिहा कर दिया गया था और उनकी वापसी भारत में राष्ट्रीय गौरव का क्षण बनी थी।
पाकिस्तान और भारत में प्रतिक्रियाएँ
इस खबर ने भारत में सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी है। कई लोगों ने इसे 'न्याय का चक्र' बताया है। एक यूजर ने लिखा, 'शिकारी खुद शिकार हो गया।' जबकि अन्य ने अभिनंदन की बहादुरी को याद किया। भारत में इस घटना को 2019 के तनाव की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है, जब अभिनंदन की रिहाई ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को कम करने में मदद की थी।
पाकिस्तान में हालांकि इस घटना पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कुछ स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पोस्टों में मेजर मोइज को 'शहीद' के रूप में बताया गया है। टीटीपी ने हाल के महीनों में पाकिस्तान में कई हमले किए हैं, जिससे देश के भीतर सुरक्षा स्थिति जटिल बनी हुई है।
टीटीपी का बढ़ता प्रभाव पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है और यह घटना इस बात का संकेत है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारत के लिए यह घटना 2019 की यादों को ताजा करती है जब दोनों देश युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे।
अभिनंदन की वीरता की गूंज
अभिनंदन वर्धमान की कहानी भारत में आज प्रेरणा का स्रोत है। उनके मिग-21 से पाकिस्तानी एफ-16 को मार गिराने और हिरासत में रहते हुए उनकी साहसिकता ने उन्हें राष्ट्रीय नायक बनाया। इस घटना के बाद भारत ने अपनी वायु सेना की ताकत को और मजबूत करने पर जोर दिया है। मेजर मोइज की मौत की खबर ने इन यादों को फिर से जीवंत कर दिया है और कई भारतीयों ने सोशल मीडिया पर अभिनंदन की बहादुरी को सलाम किया है।