पश्चिम बंगाल में आज गुरुवार 23 अप्रैल को पहले चरण के लिए और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए। दोनों ही राज्यों में बेहद कड़ा मुकाबला है।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गुरुवार को आजादी के बाद सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। पश्चिम बंगाल में 91.78 प्रतिशत और तमिलनाडु में 84.69 प्रतिशत वोट पड़े। चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पिछले 2011 के रिकॉर्ड 84.72% को पार कर लिया गया, जबकि तमिलनाडु ने भी 78.29% के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दी। दोनों राज्यों में चुनाव के दौरान लोगों ने बहुत उत्साह से वोटिंग की। बंगाल में कुछ जगहों पर थोड़ी हिंसा हुई, लेकिन इसके बावजूद लोगों की भागीदारी बहुत अच्छी रही। तमिलनाडु में भी कड़ी टक्कर का मुकाबला देखा जा रहा था।
इससे पहले पश्चिम बंगाल में शाम 5 बजे मतदान खत्म होने के समय तक 89.93 फीसदी वोटिंग हो चुकी थी। 2021 के विधानसभा चुनाव में बंगाल में क़रीब 82 फीसदी लोगों ने वोट डाला था। बीजेपी की ओर से पीएम मोदी और अमित शाह ने जीत का दावा कर डाला है। टीएमसी नेताओं ने भी जीत का दावा किया है लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि बंगाल में गुरुवार को पहले चरण का मतदान था। अभी 29 अप्रैल को दूसरे चरण का भी मतदान होना है।
कई हफ्तों के ज़ोरदार चुनाव प्रचार के बाद 23 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान हुआ। पश्चिम बंगाल में भारी मतदान की उम्मीद पहले से ही थी। पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हुआ। तमिलनाडु में सभी 234 निर्वाचन क्षेत्रों में एक ही चरण में मतदान हुआ। तमिलनाडु में लगभग 5.67 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में पहले चरण में लगभग 3.6 करोड़ मतदाताओं ने अपना वोट डाले। पश्चिम बंगाल की शेष सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।
शाम 5 बजे तक पश्चिम बंगाल में 89.93% और तमिलनाडु में 82.24% मतदान हो चुका था। हालांकि ये आंकड़ा अभी बदलेगा। जिसकी सूचना देर रात आएगी या कल आएगी।
मुझे बीजेपी एजेंट कहा गयाः हुमायूं कबीर
नौदा में हुई हिंसा के बाद हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र पर जाने के दौरान उन पर अचानक हमला किया गया, जिसके बाद टीएमसी समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, नारे लगाए और उनकी गाड़ी को घेर लिया। उन्हें "भाजपा एजेंट" बताया। इस घटना के बाद उन्होंने एडिशनल एसपी को निलंबित करने की मांग की है। हुमायूं कबीर ने हिंसा की स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने इस मामले में टीएमसी के तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
पश्चिम बंगाल में बाद दोपहर 3 बजे तक 78.77% और तमिलनाडु में 70% मतदान हो चुका था।
केंद्रीय बल आईकार्ड क्यों चेक कर रहे हैं
पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर केंद्रीय बल मतदाताओं के आईकार्ड चेक कर रहे हैं। हालांकि उनकी ड्यूटी कानून व्यवस्था संभालने के लिए लगाई गई है। लेकिन वो पूरी मुस्तैदी से आईकार्ड चेक कर रहे हैं। इस वजह से मतदान धीमा चल रहा है। मालदा में सुजापुर निर्वाचन क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार सबीना यास्मीन ने केंद्रीय बलों पर मतदान बाधित करने का आरोप लगाया है। एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "केंद्रीय बल कई मतदान केंद्रों पर समस्या पैदा कर रहे हैं। उनका काम कानून व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन वे पहचान पत्र भी जांच रहे हैं। इस वजह से मतदान धीमा चल रहा है। उन्हें लगता है कि अगर लोग धूप में लंबे समय तक खड़े रहेंगे, तो वे बिना वोट डाले ही लौट जाएंगे। उनका इरादा कम मतदान कराना है। हम शिकायत दर्ज करा रहे हैं।"
आसनसोल में बीजेपी प्रत्याशी पर हमला
आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि जब वह कार में बैठी थीं, तब उनकी कार का शीशा पत्थर से तोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान यह घटना बार-बार घटी है। उन्होंने इस तरह की हरकतों के पीछे के मकसद पर सवाल उठाया और दावा किया कि अल्पसंख्यक मतदाताओं के बीच भाजपा को समर्थन मिल रहा है। पॉल ने कहा कि उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दे दी है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
राज्य में छिटपुट झड़पों के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदारः सीपीआईएम
सीपीआई (एम) के पश्चिम बंगाल सचिव मोहम्मद सलीम ने कुछ जिलों से आ रही छिटपुट झड़पों के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया। दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज में भाजपा के उम्मीदवार के साथ तृणमूल समर्थकों द्वारा मारपीट किए जाने के आरोप के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और पुलिस पर्यवेक्षकों को अधिक सतर्क रहना चाहिए था। सलीम ने पीटीआई से कहा, "बीरभूम और मुर्शिदाबाद के कुछ हिस्सों में हुई कुछ हिंसा को छोड़कर अब तक मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा है। लेकिन, चुनाव आयोग की अक्षमता स्पष्ट है।" मोहम्मद सलीम ने कहा कि हिंसा और उम्मीदवारों पर हमले की छिटपुट घटनाओं ने मतदान को बाधित किया, जिसके बाद चुनाव आयोग ने प्रभावित क्षेत्रों से रिपोर्ट मांगी।
- दोपहर 1 बजे तक बंगाल में 62.18% और तमिलनाडु में 56.81% मतदान हो चुका था। बंगाल से हिंसा की कुछ खबरें आ रही हैं। लेकिन अभी तक कहीं गंभीर मामला सामने नहीं आया है।
- सुबह 11:00 बजे तक तमिलनाडु में 37.56% और पश्चिम बंगाल (पहला चरण) में 41.11% मतदान। बंगाल में मतदान तेज़ी से हो रहा है और पोलिंग बूथों पर भारी भीड़ लाइन में लगी हुई है। कुछ स्थानों पर ईवीएम खराब होने की वजह से मतदान रोकना पड़ा।
बीजेपी प्रत्याशी की पिटाई
दक्षिण दिनाजपुर में बीजेपी प्रत्याशी शुभेंदु शेखर को भीड़ ने पीटा। प्रत्याशी और सुरक्षाकर्मी ने वहां से भागकर जान बचाई। हमले की वजह बीजेपी प्रत्याशी द्वारा मतदान केंद्र पर मतदाताओं को डराना धमकाना बताया गया है। पिटाई का वीडियो भी सामने आया है। सुवेंदु सरकार पर हमले के आरोपों के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चुनाव आयोग ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है, जबकि मामले के संबंध में तलाशी अभियान अभी भी जारी है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से बीजेपी और चुनाव आयोग की फजीहत हो रही है। इस वीडियो से पता चलता है कि जनता बीजेपी प्रत्याशी से काफी नाराज़ है।
बंगालः मुर्शिदाबाद में देसी बम फेंकने का आरोप, सिलीगुड़ी में झड़प
मुर्शिदाबाद के नौदा निर्वाचन क्षेत्र में आमजनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। नौदा पुलिस थाना क्षेत्र के शिवनगर गांव में बूथ नंबर 173 पर तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके खिलाफ "वापस जाओ" के नारे लगाए। इस प्रदर्शन का नेतृत्व तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष हबीब शेख कर रहे हैं। इससे पहले यहां देसी बम फेंकने का आरोप बीजेपी ने लगाया। आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने मुर्शिदाबाद जिले के नौदा में हुए देसी बम हमले की घटना पर कहा, "मैंने यह बात सुबह ही कही थी। ममता बनर्जी सरकार ऐसी हरकतें करेगी, बम फेंकेगी, बिजली कटौती करेगी। वे कैमरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। यह टीएमसी की रणनीति है। उन्हें लगता है कि वे ऐसी हरकतें करके मतदाताओं को मतदान करने से रोक सकते हैं। क्यूआरटी, चुनाव आयोग को ऐसी घटनाओं का संज्ञान लेना चाहिए।" केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, "चुनाव आयोग को अधिक सतर्क रहना चाहिए क्योंकि इस क्षेत्र में बम हमलों का इतिहास रहा है।"
सिलीगुड़ी के एक बूथ पर सीपीएम और टीएमसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। सीपीएम ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कार्यकर्ता मतदान केंद्र से 100 मीटर के भीतर तक घुस गए थे। सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ में बूथ संख्या 26/237 पर टीएमसी समर्थकों और भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष के बीच झड़प हो गई।
पश्चिम बंगाल में पहले दो घंटे में 18.76% और तमिलनाडु में 17.69% वोटिंग हुई। बंगाल में ईवीएम की शिकायतें आ रही हैं।
बंगाल में शासन नहीं बदला तो सनातन पर खतराः सुवेंदु अधिकारी
नंदीग्राम में अपना वोट डालने के बाद, भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पार्टी के पोलिंग एजेंट को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “परिवर्तन जरूर होगा। अगर इस बार नहीं हुआ तो बंगाल में सनातन व्यवस्था खत्म हो जाएगी। चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहा है, लेकिन कुछ गुंडे सक्रिय हैं। हमारे मतदान प्रतिनिधि को गिरफ्तार कर लिया गया है।उनके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
पश्चिम बंगाल के कई मतदान केंद्रों पर मतदान शुरू होने के पहले घंटे में ही लंबी कतारें लग गईं, क्योंकि पहले चरण में लगभग 3.6 करोड़ मतदाता अपना वोट डालने वाले हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की अपील
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बंगाल के मतदाताओं से भारी संख्या में निकलकर वोट डालने को कहा। खड़गे ने एक्स पर लिखा- “आज पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान हो रहा है, ऐसे में मैं सभी नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे बड़ी संख्या में मतदान में भाग लें। आपको हतोत्साहित करने वाली ताकतों से विचलित न हों। आपका वोट आपकी आवाज है, और इसे बुलंद आवाज में सुना जाना चाहिए।”
तमिलनाडुः टीवीके के मुख्य समन्वयक और गोबिचेट्टीपलयम विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार के.ए. सेंगोत्तैयान ने इरोड जिले के कुल्लाम्पलयम मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर एस. कंदासामी ने बताया कि जिले की सभी आठ विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। संपत नगर स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद कंदासामी ने कहा कि मतदान शुरू होने से पहले सभी बूथों पर उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मॉक पोल सफलतापूर्वक हुआ।
बंगाल में पहले चरण में सुपर वीआईपी सीटें
नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी अपनी प्रतिष्ठित सीट बरकरार रखने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे उन्होंने 2021 में ममता बनर्जी को हराकर जीता था। इस सीट पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी। बरहामपुर में कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी दशकों बाद विधानसभा राजनीति में वापसी कर रहे हैं। मथाभंगा में भाजपा के निशिथ प्रमाणिक पार्टी के आधार को मजबूत करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
तमिलनाडु में इन सीटों पर रहेगी नज़र
तमिलनाडु में मतदान शुरू होने के साथ ही कई हाई-प्रोफाइल चेहरे सुर्खियों में हैं, जिससे ये विधानसभा चुनाव हाल के वर्षों में सबसे ज्यादा चर्चित चुनावों में से एक बन गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन कोलाथुर से लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं, और डीएमके को अपनी निरंतरता और शासन के शानदार रिकॉर्ड पर भरोसा है। उदयनिधि स्टालिन भी चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी से चुनाव लड़ रहे हैं और अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्षी मोर्चे पर, एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी सलेम जिले के एडप्पाडी से चुनाव लड़ रहे हैं और अपनी पार्टी की सत्ता में वापसी की कोशिश का नेतृत्व कर रहे हैं। अभिनेता-राजनेता विजय, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, इस मुकाबले में एक नया आयाम जोड़ रहे हैं। वे दो सीटों - पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व से चुनाव लड़ रहे हैं।