पीएम मोदी ने जंतर मंतर के छात्र प्रदर्शनकारियों को माफी दे दी। दूसरी तरफ उन्हें अभद्र शब्द बोलने वाली छात्रा का परिवार दहशत में है। धमकियां मिल रही है। छात्रा की मां ने बयान दिया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने सूत्रों के हवाले से कहा कि कोई एफआईआर नहीं है।
नोएडा की छात्रा ने माफी मांगी लेकिन परिवार को धमकियां
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की मां ने अपनी बेटी के खिलाफ दर्ज प्राथमिक (FIR) वापस लेने की मांग की है। बच्ची की मां ने पूरे देश से माफी मांगते हुए कहा कि उनकी बेटी को अपनी गलती का एहसास है और उसे गहरा पछतावा है। वहीं, दिल्ली पुलिस सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि उनकी ओर से इस मामले में कोई नया केस दर्ज नहीं किया गया है और न ही आगे कोई मामला दर्ज करने की योजना है।
'पीएम ने माफ किया तो पुलिस भी बंद करे मामला': मां की अपील
इंडिया टुडे और एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग लड़की की मां ने बातचीत में कहा कि उनकी बेटी 12 से 18 साल की उस नाजुक उम्र में है जहाँ बच्चे आसपास के माहौल और सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम, फेसबुक) से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। उन्होंने कहा- "मेरी बेटी से गलती हुई है। उसे अपने से बड़ों के लिए गाली-गलौज नहीं करनी चाहिए थी। मैं अपनी बेटी की तरफ से पूरे देश से माफी मांगती हूं। सबसे बड़ी बात यह है कि आज उसे अपनी गलती का अहसास है।"उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रदर्शन करने और आवाज उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी बड़े के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना गलत है।
छात्रा की मां ने लगाई सुरक्षा की गुहार
महिला ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद से उनका परिवार खौफ में है। उन्हें लगातार अपना ठिकाना बदलना पड़ रहा है, लोग चेहरा ढके बिना बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और खाने-पीने तक की दिक्कत आ गई है। उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल से संबंध होने से इनकार करते हुए सरकार व पुलिस से सुरक्षा की मांग की।
FIR वापस लेने की मांग
छात्रा की मां ने कहा कि जब पीएम मोदी ने खुद कहा था कि "भटके हुए बच्चों को माफ कर उन्हें सही रास्ते पर लाना चाहिए", तो नाबालिग साबित होने के बाद पुलिस को भी मामला बंद कर FIR रद्द कर देनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला
यह विवाद 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के पेपर लीक आंदोलन के दौरान एक विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ था। लड़की 23 जुलाई को अपने 1 अगस्त के जन्मदिन की खरीदारी के नाम पर घर से निकली थी और जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल हो गई। परिवार को घटना की जानकारी रिश्तेदारों द्वारा वायरल वीडियो भेजने के बाद मिली।
हाथ जोड़कर मांगी थी माफी
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा का वीडियो वायरल होने के बाद, नाबालिग लड़की ने 1 अगस्त को हाथ जोड़कर एक वीडियो जारी किया था। उसने खुद को 15 साल का बताते हुए कहा कि वह माहौल के बहकावे में आ गई थी। इसे अपने जीवन की "पहली और आखिरी गलती" बताते हुए उसने पीएम मोदी और देशवासियों से माफी मांगी थी।
नोएडा पुलिस ने की ज़ीरो एफआईआर
गाजियाबाद की एक महिला की शिकायत पर 29 जुलाई को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के एक्सप्रेसवे थाने में नाबालिग के खिलाफ जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की गई थी। यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत की गई। इसमें धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से किया गया जानबूझकर अपमान, धारा 353(1): सार्वजनिक उपद्रव या अफवाह फैलाने वाले बयान और धारा 356(1) मानहानि की धाराएं लगाई गई थीं।दिल्ली पुलिस का स्पष्टीकरण
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस ने कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की है और न ही उनकी तरफ से इस मामले में कोई नया केस दर्ज किया जाएगा। Zero FIR कानून के तहत मामला संबंधित क्षेत्राधिकार वाले पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया का हिस्सा होता है।