PM Modi Jhooth ki Goonj Rahul Gandhi: पीएम मोदी भारत की 7.8% GDP Growth को बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं। साथ ही लोगों को गोल्ड न खरीदने और यात्रा न करने की सलाह भी दे रहे हैं। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन को ‘झूठ की गूंज’ कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत विकास दर को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। मंगलवार को प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर एक सेल्फी-स्टाइल वीडियो साझा करते हुए कहा कि दुनिया युद्ध, संकट, सप्लाई चेन में बाधा और कोविड के बाद की आर्थिक अस्थिरता से जूझ रही है, लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके वीडियो में ‘झूठ की गूंज’ और ‘निराशा’ फैलाने वालों पर निशाना साधा गया। इसे कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के युवाओं से जुड़े ‘छात्रों की गूंज’ अभियान पर सीधा हमला माना जा रहा है।
PM Modi ने कहा, "...हमें 'स्वदेशी' और 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को अपनाना चाहिए। हमें सिर्फ़ मौज-मस्ती के लिए विदेश यात्रा करने या विदेशों में शादियाँ करने से बचना चाहिए; इसके बजाय, हमें 'भारत में शादी' के मंत्र को अपनाना चाहिए। जब तक बहुत ज़रूरी न हो, हमें Gold खरीदने से भी बचना चाहिए। हम जितना ज़्यादा 'स्वदेशी' और आत्मनिर्भरता पर ज़ोर देंगे, मुझे उतना ही भरोसा है कि आज़ादी के 100 साल पूरे होने तक हम अपने युवाओं को एक 'विकसित भारत' सौंपेंगे। आज की अपनी कड़ी मेहनत से हम निश्चित रूप से अपनी युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करेंगे। आइए, अपनी कोशिशों में कोई कसर न छोड़ें। हमारी नीतियाँ सही हैं और हमारे इरादे नेक हैं। 140 करोड़ भारतीयों की मिली-जुली ताकत देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए एकजुट हो रही है। आइए जश्न मनाएँ, पक्का संकल्प लें और उस संकल्प को हकीकत में बदलने के लिए मिलकर आगे बढ़ें।"
पहली तिमाही में 7.8 फीसदी रही GDP वृद्धि
सरकार की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में भारत की GDP वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही। यह आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमान से बेहतर है। प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम वीडियो के साथ लिखा—“7.8% growth. Strong numbers. Even stronger confidence.” यानी 7.8 फीसदी की वृद्धि, मजबूत आंकड़े और उससे भी मजबूत भरोसा।प्रधानमंत्री इस समय किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। वहीं से उन्होंने भारत की आर्थिक स्थिति पर यह संदेश जारी किया।
‘झूठ की गूंज’ से राहुल गांधी पर निशाना?
प्रधानमंत्री के वीडियो में इस्तेमाल किया गया वाक्यांश ‘झूठ की गूंज’ (Jhooth ki goonj) राजनीतिक रूप से खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राहुल गांधी पिछले कुछ समय से युवाओं, छात्रों, बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चला रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का ‘झूठ की गूंज’ कहना राहुल गांधी के अभियान की ओर इशारा माना जा रहा है। राहुल गांधी ने अपने युवा संवादों में महंगी शिक्षा, रोजगार के अवसरों की कमी, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दे उठाए हैं। कांग्रेस इन मुद्दों के जरिए युवाओं के बीच अपना आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है।विदेश यात्रा और सोने की खरीद पर क्यों जोर?
प्रधानमंत्री मोदी ने गोल्ड न खरीदने और विदेश यात्राएं न करने की सलाह फिर से दी है। उन्होंने शादियों में कम खर्च की भी अपील की। इससे पहले भी मोदी वैश्विक आर्थिक संकट और तेल की बढ़ती कीमतों के संदर्भ में ऐसी अपील कर चुके हैं। मई में ईरान युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ईंधन कीमतों में उछाल के दौरान मोदी ने विदेश यात्रा और सोने के आयात में कटौती की बात कही थी। उनका कहना था कि महंगा कच्चा तेल भारत के आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाल सकता है। ऐसे में अनावश्यक विदेशी खर्च और सोने की खरीद को कम करना अर्थव्यवस्था के लिए मददगार हो सकता हैयुवाओं तक पहुंचने की मोदी की सोशल मीडिया रणनीति
प्रधानमंत्री का इंस्टाग्राम पर सेल्फी-स्टाइल वीडियो डालना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ समय से मोदी सरकार और बीजेपी ने Gen Z यानी युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए सोशल मीडिया और खासकर छोटे वीडियो तथा रील्स पर जोर बढ़ाया है। अगस्त में भी प्रधानमंत्री और सरकार की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर चर्चा हुई थी। सरकार की एक सोशल मीडिया रिपोर्ट में केंद्रीय मंत्रियों के पोस्ट, लाइक्स, फॉलोअर्स और एंगेजमेंट जैसे मानकों का आकलन किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी शीर्ष पर रहे थे। इससे संकेत मिलता है कि सरकार युवाओं के बीच राजनीतिक संवाद के लिए पारंपरिक भाषणों के साथ-साथ इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल कर रही है।GDP पर राजनीतिक बहस भी तेज
7.8 फीसदी की GDP वृद्धि के आंकड़े आने के साथ ही अर्थव्यवस्था को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
बीजेपी ने इसे मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों और भारत की आर्थिक मजबूती का प्रमाण बताया है। वहीं कांग्रेस ने GDP के आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए हैं और अर्थव्यवस्था के दूसरे संकेतकों—जैसे उपभोक्ता मांग, रुपये की स्थिति, निजी निवेश, रोजगार और व्यापार घाटे—पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई है। इस तरह GDP की 7.8 फीसदी वृद्धि केवल आर्थिक आंकड़ा नहीं रह गई है, बल्कि यह सरकार और विपक्ष के बीच आर्थिक नीतियों तथा भारत की वास्तविक आर्थिक स्थिति को लेकर चल रही राजनीतिक बहस का नया आधार भी बन गई है।