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लद्दाख झड़प- हम शांतिप्रिय हैं, पर उकसाने पर उचित जवाब देने में सक्षम: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने आख़िरकार लद्दाख में चीनी सेना की घुसपैठ और गलवान घाटी में भारतीय व चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने आज कहा कि भारतीय सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत शांति चाहता है लेकिन जब उकसाया जाता है तो भारत यथोचित जवाब देने में सक्षम है। चाहे किसी भी तरह की परिस्थिति हो।'

कोरोना वायरस पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले लद्दाख में भारत-चीन विवाद पर बात की। जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दो मिनट का मौन भी रखवाया।

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कुछ देर पहले ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने ख़बर दी है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उस बैठक में सभी दलों के अध्यक्षों के भाग लेने की संभावना है। सर्वदलीय बैठक की घोषण तब हुई है जब आज सुबह ही कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना की है। गलवान घाटी में घटी इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर लोग इसके लिए आलोचना कर रहे थे कि प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री सहित तमाम मंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। मंत्रियों की यह आरोप लगाकर भी आलोचना की जा रही है कि देश को चीन से लगी सीमा पर वास्तविक स्थिति नहीं बताई जा रही है। हालाँकि प्रधानमंत्री की इस प्रतिक्रिया से कुछ देर पहले ही राजनाथ सिंह ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया है।
प्रधानमंत्री ने भी आज कहा, 'मैं शहीदों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ, जवानों और उनके परिवार को भरोसा दिलाता हूँ कि देश आपके साथ है, स्थिति कुछ भी हो देश आपके साथ है।' प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत अपने स्वाभिमान और हर एक इंच ज़मीन की रक्षा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश को गर्व है कि हमारे सैनिक मारते-मारते मरे हैं।
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी ट्वीट आया है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि मुश्किल वक़्त में देश कंधे से कंधा मिलकर खड़ा है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'गलवान में सैनिकों की शहादत बेहद दुखद और पीड़ादायक है। हमारे सैनिकों ने कर्तव्य निभाते हुए अनुकरणीय साहस और वीरता का प्रदर्शन किया और भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं में अपने जीवन का बलिदान दिया।' उन्होंने एक अन्य ट्वीट में आगे कहा, 'देश उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मेरा दिल हताहत सैनिकों के परिवारों के साथ है। राष्ट्र इस कठिन घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमें भारत के वीरों के शौर्य और साहस पर गर्व है।'
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सरकार द्वारा देश को सीमा पर स्थिति के बारे में जानकारी नहीं देने को लेकर सरकार की आलोचना भी की जा रही है। सोशल मीडिया पर नागरिक समाज और कार्यकर्ता तो सवाल पूछ ही रहे हैं विपक्ष भी सरकार से जवाब माँग रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने सैनिकों के शहीद होने के मामले में बुधवार को नये सिरे से सीधे प्रधानमंत्री मोदी को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने इस मामले में ट्वीट कर कई सवाल पूछे। उन्होंने लिखा, 'पीएम चुप क्यों हैं? वह क्यों छिप रहे हैं? अब बहुत हो गया है। हमें यह जानना होगा कि क्या हुआ है। चीन ने हमारे सैनिकों को मारने की हिम्मत कैसे की? हमारी ज़मीन लेने की उसकी हिम्मत कैसे हुई?'

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