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कोरोना पर बैठक : पंजाब ने माँगी विशेष आर्थिक मदद

कोरोना से लड़ने के उपायों और कामयाबी पर हुई समीक्षा बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने विशेष वित्तीय सहायता की माँग की है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हुई बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उदार वित्तीय सहायता पैकेज की माँग की ताकि इस महामारी से लड़ा जा सके।
अमरिंदर सिंह ने यह भी कहा कि राज्य आपदा राहत कोष में से कोरोना के लिए 35 प्रतिशत रकम निकालने की जो मौजूदा सीमा है, उसे बढ़ाई जाए। उनका मानना है कि इतने पैसे से कोरोना से लड़ना मुश्किल है।
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क्या कहा प्रधानमंत्री ने?

दूसरी ओर, प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में देश सही दिशा में जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इन दस राज्यों में यदि कोरोना को हरा दिया गया तो पूरे देश में कोरोना पर जीत हासिल हो जाएगी क्योंकि कुल कोरोना मामले का लगभग 80 प्रतिशत इन्हीं राज्यों से आ रहा है।
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्तर  प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, पंजाब, तमिलनाडु,  पश्चिम बंगाल और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। कोरोना पर मुख्यमंत्रियों से हुई यह सातवीं बैठक थी।
महाराष्ट्र में कोरोना से सबसे ज़्यादा मामले हैं, दूसरे स्थान पर तमिलनाडु और तीसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश हैं।

बढ़ते संक्रमण पर चुप मोदी?

बीते 24 घंटों से सबसे ज़्यादा कोरोना संक्रमण के मामले 5 राज्यों से आए हैं, वे हैं, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश।
इस बैठक में मोदी ने कोरोना के अलावा कुछ राज्यों में बाढ़ की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राहत कार्य के दौरान भी कोरोना से जुड़े दिशा निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए और पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक ऐसे समय की है, जब यह साफ़ हो गया है कि अभी भी भारत में कोरोना की जाँच बहुत ही कम हो रही है। देश में प्रति दस लाख लोगों पर सिर्फ 18 हज़ार लोगों की कोरोना जाँच की गई है। अमेरिका में यह दस लाख लोगों पर दो लाख लोगों का टेस्ट हुआ है।
दूसरी ओर अगस्त में भारत मे कोरोना की रफ़्तार सबसे तेज़ रही है। अगस्त के शुरू के 9 दिनों में आए कोरोना के मामले अमेरिका और ब्राजील से भी ज्यादा हैं। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि प्रधानमंत्री ने राज्यों को नई क्या सुविधा दी या किस राहत का भरोसा दिलाया या कोरोना से लड़ने के नए कौन उपाय सुझाए।

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