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भारत बंद : पंजाब- हरियाणा में व्यापक असर, रेल सेवा प्रभावित

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे किसान आन्दोलन के तहत हुए भारत बंद का पंजाब-हरियाणा में व्यापक असर दिखा है। इन दोनों राज्यों में रेल परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 

प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह रेलवे लाइन पर धरना प्रदर्शन दिया है और बीच ट्रैक पर झंडा लगा कर बैठ गए हैं। इस वजह से रेल प्रशासन ने कई जगहों पर ट्रेनों को बीच-बीच में रेलवे स्टेशनों पर रोक दिया है। 

दिल्ली-चंडीगढ़, दिल्ली अमृतसर (अप-डाउन दोनों), कालका से दिल्ली आने वाली 4 शताब्दी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। नई दिल्ली, अमृतसर, चंडीगढ़, फिरोजपुर जैसे स्टेशनों पर 31 ट्रेनें खड़ी कर दी गई हैं।

रेलवे पुलिस अधिकारी होशियार सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि भारत बंद के कारण 10 एक्सप्रेस ट्रेनों और 50 से ज्यादा मालगाड़ियों का परिचालन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर रेलों का परिचालन एकदम ही ठप हो गया है और सुरक्षा के लिए रेलवे पुलिस मुस्तैद है। 

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'34 ट्रेनें प्रभावित'

रेलवे प्रोटेक्सन फ़ोर्स के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि पंजाब- हरियाणा में ट्रेनों का परिचालन बिल्कुल बंद हो गया है। इन दो राज्यों में भारत बंद के कारण करीब 27 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। 

दिल्ली के नज़दीक हरियाणा में टिकरी बॉर्डर के किसान बहादुरगढ़ स्टेशन पर प्रददर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुल 34 ट्रेनों के परिचालन पर असर हुआ है। कुल मिला कर 15 ट्रेनें हरियाणा में, 12 ट्रेनें  पंजाब में और 3 ट्रेनें बिहार में रोक दी गई हैं। 

punjab-haryana hit by bharat bandh against farm laws as farmers protest widens  - Satya Hindi

मेट्रो रेल सेवा प्रभावित

इसके अलावा हरियाणा में मेट्रो ट्रेन सेवा पर भी असर पड़ा है। डीएमआरसी ने कहा दी है कि पहले टिकरी बॉर्डर, पंडित श्री राम शर्मा, बहादुरगढ़ सिटी और ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश बंद कर दिया गया। बाद में टिकरी बॉर्डर, बहादुरगढ़ सिटी और ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेशन के एंट्री-एग्जिट खोल दिए गए। 

दिल्ली के पास प्रदर्शन

किसानों का प्रदर्शन राजधानी दिल्ली के आसपास के इलाक़ो में भी छिटपुट ढंग से हो रहा है। कई जगहों पर लोग सड़कों पर बैठे हैं, कुछ जगहों पर रास्ता बंद कर दिया गया है। किसानों ने ग़ाज़ीपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 9 बंद कर दिया है। पुलिस ने कई जगहों पर किसानों के रास्ते बंद करने के बाद बैरीकेड लगा दिए हैं। पुलिस ने दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर को पुलिस ने बंद कर दिया है। 

याद दिला दें कि पहले लोकसभा और उसके बाद राज्यसभा में भारी शोऱ शराबे के बीच तीन कृषि क़ानून पारित किए गए थे। ये हैं- फ़ार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) एक्ट, फ़ार्मर्स (इम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फ़ार्म सर्विस एक्ट और एसेंशियल कमोडिटिज़ (अमेंडमेंट) एक्ट। 
किसानों ने इसका विरोध किया और 26 नवंबर को दिल्ली से सटी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सीमा पर धरने पर बैठ गए। उनकी तादात बढ़ती गई और अब भी हज़ारों की तादाद में किसान वहाँ बैठे हुए हैं। उनके आन्दोलन के चार महीने हो गए।इस बीच सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई। किसान तीनों ही कृषि क़ानूनों को रद्द करने की माँग पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि वे इससे कम किसी बात पर राज़ी नहीं होंगे। दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि वह किसानों की बात सुनने और उसके अनुसार ज़रूरत पड़ने पर इन क़ानूनों में संशोधन करने को तैयार है। पर क़ानून वापस किसी सूरत में नहीं लिए जाएँगे। इस पर जिच बरक़रार है। 
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