पंजाब पुलिस शनिवार को सांसद संदीप पाठक को गिरफ्तार करने दिल्ली जा पहुंची। लेकिन वो पिछले गेट से निकल गए। पंजाब में उन पर गैर जमानती धाराओं में दो केस दर्ज किए गए हैं। वो हाल ही में आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आए थे।
आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ राज्य के दो अलग-अलग जिलों में गैर-जमानती धाराओं के तहत दो एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। इसके बाद पंजाब पुलिस शनिवार को उन्हें गिरफ्तार करने दिल्ली जा पहुंची। लेकिन संदीप पिछले गेट से निकल गए। यह कार्रवाई उनके भाजपा में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद की गई है। राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी के तमाम नेताओं ने आप और उसके प्रमुख अरविन्द केजरीवाल की निन्दा की है।
पंजाब के सरकारी सूत्रों ने बताया है कि पाठक को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, “पंजाब में राज्यसभा सांसद के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये मामले दो अलग-अलग जिलों में दर्ज किए गए हैं।” संदीप पाठक ने इस घटनाक्रम पर कहा- मुझे ऐसी किसी एफआईआर की जानकारी नहीं है, न ही किसी पुलिस अधिकारी ने मुझे सूचित किया है। मैंने अपना पूरा जीवन ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा में बिताया है। देश किसी भी पार्टी से बड़ा है। मैं कभी भी देश के साथ विश्वासघात नहीं करूंगा, न ही किसी और को ऐसा करने दूंगा। अगर मेरे जैसे किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू की गई है, तो यह केवल उनकी दहशत को दर्शाता है। मैं इस बारे में और कुछ नहीं कहना चाहता।
बीजेपी सांसद की सुरक्षा बढ़ाई गई
इस घटनाक्रम के बाद सांसद संदीप पाठक के दिल्ली स्थित आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई और बैरिकेड लगा दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस की एक टीम इन मामलों के सिलसिले में पाठक को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पहुंची, जिसके चलते उनके आवास पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। दिल्ली पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया और एहतियात के तौर पर इलाके को बैरिकेड कर दिया गया। हालांकि, बताया जा रहा है कि टीम के पहुंचने से पहले ही पाठक पिछले दरवाजे से निकल गए थे।
पाठक उन सात राज्यसभा सांसदों में शामिल थे जिन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा ज्वाइन की थी। 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सांसदों में से सात- पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल की पार्टी पर सिद्धांतों, मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। इन सात सांसदों में से छह पंजाब से थे।
राजनीतिक बदले की भावना का आरोप
भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने इस कार्रवाई को 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है। भाजपा पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा- "पंजाब विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री मान के कथित 'नशे की हालत' से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह एक सुनियोजित साजिश है।"
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- "...आज पंजाब पुलिस ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के आवास पर छापा मारने का प्रयास किया। हम पंजाब से यह सवाल पूछना चाहते हैं: एक ऐसा राज्य जहां कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी दयनीय है... फिर भी, इसे नियंत्रण में लाने के बजाय, पंजाब पुलिस ने आज पाठक के आवास पर इस तरह से छापा मारना चुना। मेरा सवाल केजरीवाल से है, जो स्वयं को इस 'नई राजनीति' का ध्वजवाहक बताते हैं... पंजाब विधानसभा में विपक्ष ने कल ही मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शराब के नशे में होने का गंभीर आरोप लगाया था...।"
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, "जो व्यक्ति कल तक आपके संगठन का मंत्री था, उसने वैचारिक मतभेदों के कारण आपका साथ छोड़ दिया। आपका भ्रष्ट चेहरा देखकर उसने अलग होने का फैसला किया। जो व्यक्ति कल तक आपकी सरकार चला रहा था, वह अचानक अपराधी बन गया है। यह बदले की राजनीति है। पंजाब की जनता इसका करारा जवाब देगी...।"