नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि विदेशी मदद से वह प्रधानमंत्री बने और अब तक पद पर बने हुए हैं। राहुल ने मोदी को खुली बहस की चुनौती दी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि वह विदेशी मदद के सहारे प्रधानमंत्री बने और उसी मदद के दम पर अब तक पद पर बने हुए हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती भी दी है। राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर देश के विकास में बाधा डालने, विदेशी ताकतों के संपर्क में रहने और सोशल मीडिया के जरिए देश में भ्रम फैलाने के आरोप लगाए थे।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि वह देश से झूठ बोलना बंद करें। उन्होंने दावा किया कि देश की आर्थिक व्यवस्था विदेशी ताकतों के नियंत्रण और समर्थन में है तथा विदेशी सोशल मीडिया भी प्रधानमंत्री का पूरा समर्थन करता है। राहुल गांधी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर किसी भी मंच पर और किसी भी समय प्रधानमंत्री से बहस करने के लिए तैयार हैं।
राहुल गांधी ने एक्स पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए लिखा: “मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए। आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने। और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं। आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है। विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है।” राहुल गांधी ने आगे कहा: “मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं। कोई भी मंच, किसी भी समय। हिम्मत है तो आइए। आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं, आप उससे डरते हैं।”प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए थे?
राहुल गांधी ने यह आरोप प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी संपर्कों को लेकर दिए गए बयान के जवाब में लगाया। राहुल गांधी की चुनौती से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष पर निशाना साधा था। प्रधानमंत्री मोदी ने 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया था।इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी सरकार की नीतियों का विरोध करना और सवाल उठाना है, लेकिन विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय देश के विकास में बाधा डाल रहा है। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा:
“लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी सरकार की नीतियों का विरोध करना है, लेकिन यह हमारा दुर्भाग्य है कि विपक्ष विरोधी पक्ष के बजाय अवरोध पक्ष बन गया है।” मोदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी निराशा और हताशा के कारण देश के विकास के रास्ते में बाधाएं खड़ी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह रवैया केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि वह संविधान की गरिमा और उसकी पवित्रता को भी कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा: “यह विरोध नहीं, अवरोध है। उन्होंने इसे अपना राजनीतिक एजेंडा बना लिया है। वे संविधान की गरिमा और पवित्रता को कमजोर करने में लगे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में विपक्ष के विदेशी संपर्कों को लेकर भी सवाल उठाए थे। हालांकि उन्होंने राहुल गांधी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को कांग्रेस नेता की विदेश यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों से जोड़कर देखा गया। मोदी ने कहा कि एक दशक से अधिक समय की निराशा और हताशा के बाद कुछ ताकतें अब खुलकर सामने आ गई हैं।
प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया:
- - विदेशों में कौन किससे गुप्त रूप से मिल रहा है?
- - भारत विरोधी ताकतें किसका समर्थन कर रही हैं?
- - कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है?
मोदी ने कहा कि देश को इन गतिविधियों के पैटर्न को पहचानना होगा और मिलकर उनका मुकाबला करना होगा। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के कथित दुरुपयोग पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल हथियार की तरह किया जा रहा है, अफवाहें फैलाई जा रही हैं और भारत की छवि खराब करने के प्रयास हो रहे हैं। मोदी ने कहा कि देशवासियों को इन चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होना होगा।
विदेशी मदद के आरोपों पर राजनीतिक टकराव तेज
राहुल गांधी की खुली बहस की चुनौती ऐसे समय आई है, जब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी को लेकर पहले से ही टकराव चल रहा है। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के दौरान भी राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखे आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और मतदाता सूची में बदलाव के जरिए मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया गया है।अब प्रधानमंत्री के विदेशी संपर्कों को लेकर दिए गए बयान के जवाब में राहुल गांधी ने भी विदेशी मदद का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं। राहुल गांधी के विदेशी मदद संबंधी दावे और प्रधानमंत्री मोदी के विपक्ष के विदेशी संपर्कों संबंधी आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जा सकता है।