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ग़रीब भूखे मर रहे, वे चावल से सैनिटाइज़र बना अमीरों के हाथ धुलवाने में लगे हैं: राहुल

लॉकडाउन से ग़रीबों की बिगड़ती स्थिति के बीच कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने चावल से हैंड सैनिटाइजर बनाने के सरकार के फ़ैसले पर निशाना साधा है और कहा है कि ग़रीब भूखे मर रहे हैं और उनके हिस्से के चावल से सैनिटाइजर बनाए जा रहे हैं। एक दिन पहले ही सरकार ने कहा है कि केंद्र के गोदाम में पड़े अतिरिक्त चावल से इथेनॉल बनाया जाएगा और इसका इस्तेमाल हाथ धोने वाले सैनिटाइज़र और प्रदूषण कम करने के लिए पेट्रोल में मिलाने में किया जाएगा। 

राहुल गाँधी ने ट्वीट कर कहा, 'आख़िर हिंदुस्तान का ग़रीब कब जागेगा? आप भूखे मर रहे हैं और वो आपके हिस्से के चावल से सैनिटाइज़र बनाकर अमीरों के हाथ की सफ़ाई में लगे हैं।'

कोरोना वायरस के कारण लागू किए गए लॉकडाउन के बाद से लगातार ऐसी ख़बरें आ रही हैं जिसमें ग़रीबों के सामने भूखे रहने की नौबत आ गई है। शहरों में फँसे मज़दूरों के सामने यह सबसे ज़्यादा विकट समस्या है। यही कारण है कि लॉकडाउन शुरू होने पर बड़ी संख्या में लोग पैदल ही अपने-अपने घरों के लिए निकल गए। शहरों में काम बंद होने के कारण ग़रीब मज़दूरों को शहर में रहना बेहद मुश्किल हो रहा है। भूखे रहने की नौबत आने पर कुछ लोग अभी भी हज़ार-हज़ार किलोमीटर तक पैदल चलने के लिए जोखिम उठा रहे हैं। हालाँकि, सरकारों ने अपनी-अपनी तरफ़ से खाने-पीने की व्यवस्था करने के दावे किए हैं और उन्होंने भी राहत पैकेज की घोषणा भी की है। लेकिन ऐसी लगातार रिपोर्टें आ रही हैं कि ये नाकाफ़ी साबित हो रहे हैं।

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देश भर में ऐसी स्थिति के बीच ही पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जैव ईंधन समन्वय समिति यानी एनबीसीसी की बैठक में सोमवार को अधिक पड़े अनाजों से इथेनॉल बनाने का फ़ैसला लिया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में ट्वीट भी किया था। 

सरकार के एक बयान में कहा गया, 'यह अनुमोदित किया गया कि भारतीय खाद्य निगम के पास उपलब्ध अतिरिक्त चावल को इथेनॉल में बदलकर अल्कोहल-आधारित हैंड-सैनिटाइज़र बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है और इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम में भी उपयोग में लाया जा सकता है।
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क़मर वहीद नक़वी
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