Rahul Gandhi FIR Haldwani Latest News: हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए शुद्धिकरण पर विवाद बढ़ गया है। राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। बीजेपी-आरएसएस से जुड़े वाल्मीकि समाज के लोगों को इसके लिए आगे किया गया है।
नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हलद्वानी में एफआईआर दर्ज की गई है
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सीधे कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक पहुंच गया है। हल्द्वानी पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग देकर वाल्मीकि और अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं भी लगाई हैं। जिस संगठन के लोगों ने एफआईआर कराई है, उनका संबंध आरएसएस-बीजेपी से है।
8 अगस्त को खड़गे की सभा, 11 अगस्त को ‘शुद्धिकरण’
विवाद की शुरुआत 8 अगस्त को हुई, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया था। इसके कुछ दिन बाद 11 अगस्त को इसी मैदान में कुछ लोगों ने कथित तौर पर हवन-यज्ञ और ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम किया। कार्यक्रम में गंगाजल का छिड़काव भी किया गया। कांग्रेस ने इसे खड़गे की दलित पहचान से जोड़ते हुए बीजेपी और आरएसएस की कथित मानसिकता पर सवाल उठाए। वहीं बीजेपी की ओर से कहा गया कि रैली के बाद मैदान में गंदगी थी और धार्मिक स्थल पर आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे, इसलिए वहां धार्मिक अनुष्ठान किया गया। आपत्तिजनक नारों को समुदाय विशेष से जोड़ा गया। खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बयान में समुदाय विशेष का जिक्र किया है। धामी का बयान राहुल गांधी की मांग के बाद आया था। राहुल गांधी ने शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। लेकिन धामी ने इसे दूसरा रूप दिया। धामी के बयान के बाद दलित संगठन और उसके वाल्मीकि नेता सामने आए और उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर कराई।अमित कुमार की शिकायत पर राहुल के खिलाफ केस
राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत अमित कुमार ने दर्ज कराई। वह जवाहर नगर निवासी और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े बताए गए हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह कथित ‘अनुष्ठान और सफाई अभियान’ के दौरान मौके पर मौजूद थे। अमित कुमार ने आरोप लगाया कि 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कार्यक्रम में शामिल लोगों को ‘छुआछूत’ और ‘दलित विरोध’ से जोड़कर पेश किया, जिससे वाल्मीकि समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। शिकायतकर्ता ने खुद को अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित बताते हुए कहा कि कार्यक्रम में अलग-अलग वर्गों के लोगों के साथ अनुसूचित जाति के लोग भी शामिल थे और इस कार्यक्रम का खड़गे की जाति से कोई संबंध नहीं था। इस मामले में विनोद आर्य नामक शख्स का वीडियो बयान भी मौजूद है, जिसे एएनआई न्यूज एजेंसी ने जारी किया है। विनोद का पूरा बयान और वीडियो नीचे है।पुलिस के मुताबिक राहुल गांधी के खिलाफ BNS की ऐसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने और धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने से संबंधित हैं। इसके अलावा SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धाराएं भी FIR में शामिल की गई हैं।
राहुल गांधी ने मांगी थी शुद्धिकरण करने वालों पर FIR
राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्द्वानी की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को छुआछूत का एक रूप बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी। राहुल गांधी ने इसे बीजेपी-आरएसएस की कथित मानसिकता से जोड़ते हुए कहा था कि यह मानसिकता दलितों को आगे बढ़ते, सम्मान से जीते और सफल होते नहीं देखना चाहती। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी राहुल गांधी की मांग का समर्थन करते हुए घटना को शर्मनाक और निंदनीय मानसिकता बताया था।‘मैं खुद दलित हूं, हमने कुछ गलत नहीं किया’-विनोद आर्य
श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के सदस्य विनोद आर्य ने शुद्धिकरण कार्यक्रम का बचाव किया है। उनका कहना है कि सनातन परंपरा के अनुयायी के रूप में जिस स्थान पर भगवान श्रीराम की पूजा और धार्मिक आयोजन होते हैं, वहां स्वच्छता सुनिश्चित करना उनका अधिकार और कर्तव्य है। आर्य ने कहा कि वह खुद दलित हैं और उनके साथ दलित समुदाय के अन्य लोग भी इस गतिविधि में शामिल थे। उनके मुताबिक उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया।उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे स्वयं दलित हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग क्यों की जा रही है। आर्य ने कहा कि वे राहुल गांधी के खिलाफ भी FIR दर्ज कराने और कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि केवल अपने धार्मिक-सफाई कार्यक्रम के कारण उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
कांग्रेस बोली- 20 दिन तक कार्रवाई क्यों नहीं?
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद आश्चर्यजनक है कि 8 अगस्त को खड़गे ने हल्द्वानी में सभा की और उसके बाद 10 अगस्त को बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोगों ने उसी रामलीला मैदान में हवन-यज्ञ किया तथा गंगाजल छिड़ककर कथित तौर पर मैदान का ‘शुद्धिकरण’ किया। धस्माना के मुताबिक कांग्रेस और अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों ने इस घटना को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि 13 अगस्त से 31 अगस्त तक उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जिन पर कथित तौर पर छुआछूत को बढ़ावा देने वाली गतिविधि करने का आरोप है।उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों और गरीब तबकों में देशभर में नाराजगी है। उनके मुताबिक राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के बजाय पहले उन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, जिन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम किया।
ओवैसी का सवाल- 2026 में छुआछूत की घटना कैसे हो सकती है?
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी हल्द्वानी विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह मुद्दा राज्यसभा में उठाया था और बीजेपी की ओर से जेपी नड्डा ने इसकी निंदा भी की थी। लेकिन ओवैसी का आरोप है कि शुद्धिकरण करने वाले लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया और मुख्यधारा के मीडिया में आरएसएस की वेशभूषा में सामने आई हैं।ओवैसी ने कहा कि अगर ऐसा कृत्य खड़गे के बजाय किसी अन्य दलित नेता, जैसे चंद्रशेखर आजाद, के साथ हुआ होता, तब भी कानून वही रहता। उनके मुताबिक मामला किसी व्यक्ति के पार्टी अध्यक्ष होने का नहीं, बल्कि संविधान और कानून का है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में छुआछूत पर प्रतिबंध है और ऐसे में 2026 में उत्तराखंड में इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ओवैसी ने सरकार से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।
विवाद अब दोतरफा कानूनी लड़ाई में बदला
हल्द्वानी का यह विवाद अब केवल बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा है। एक तरफ राहुल गांधी और कांग्रेस ने कथित शुद्धिकरण को दलितों के प्रति छुआछूत और अपमान से जोड़ा है तथा कार्यक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट में कार्रवाई की मांग की थी। दूसरी तरफ कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने राहुल गांधी पर ही जातिवादी टिप्पणी करने और धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है।