बाल यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ हरदीप सिंह पुरी की तस्वीर पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा। कांग्रेस ने कथित ईमेल, मुलाकातों और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।
एपस्टीन के साथ हरदीप पुरी का फोटो आने के बाद राहुल गांघी ने सरकार को घेरा
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अमेरिका के दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की कथित तस्वीर सामने आने के बाद भारतीय राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुंबई पहुंचने और अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) की ओर से एपस्टीन और पुरी की तस्वीर जारी किए जाने की घटनाओं को जोड़ते हुए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ताओं से सवाल किया कि अमेरिका किस ‘देशद्रोही’ को ब्लैकमेल कर रहा है।
समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं ने भी तस्वीर को लेकर पुरी के पुराने बयानों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार इस मामले में चुप्पी साधे हुए है और अपने मंत्री के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कराने के बजाय उनका बचाव कर रही है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रुबियो मुंबई पहुंचते हैं और अमेरिकी न्याय विभाग एपस्टीन तथा हरदीप पुरी की तस्वीर जारी करता है। इसके बाद उन्होंने भाजपा और RSS के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सवाल किया कि उनके हिसाब से अमेरिका किस ‘देशद्रोही’ को ब्लैकमेल कर रहा है। राहुल गांधी की टिप्पणी ने इस विवाद को भारत-अमेरिका संबंधों और दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि से भी जोड़ दिया है। कांग्रेस इससे पहले भी अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों में पुरी के नाम का उल्लेख होने के आधार पर उनके इस्तीफे की मांग करती रही है। पुरी इन आरोपों को खारिज करते हुए कह चुके हैं कि एपस्टीन के साथ उनकी मुलाकातें पेशेवर कामकाज से संबंधित थीं।
तस्वीर में क्या दिखाई देता है?
विवाद के केंद्र में एक ऐसी तस्वीर है, जिसमें हरदीप सिंह पुरी कथित तौर पर एक मेज के दूसरी ओर जेफरी एपस्टीन के सामने बैठे दिखाई देते हैं। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई और खबरों के मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी एपस्टीन से संबंधित सामग्री में शामिल है। तस्वीर की तारीख स्पष्ट नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने इस तस्वीर को पुरी के उस पुराने दावे पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एपस्टीन के साथ उनकी मुलाकातें एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में हुई थीं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी कुख्यात यौन अपराधी एपस्टीन के साथ। फोटो अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने जारी किया
केसी वेणुगोपाल ने मोदी-शाह की चुप्पी पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने तस्वीर साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार को पुरी और एपस्टीन के संपर्कों की जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की चुप्पी तथा निष्क्रियता अपने ही मंत्रिमंडल के सदस्य पर लगे आरोपों के प्रति गंभीर उदासीनता को दर्शाती है।उन्होंने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि ऐसी सरकार से महिलाओं को क्या उम्मीद करनी चाहिए, जो उनके आरोपों के मुताबिक, गंभीर यौन अपराधों के दोषी व्यक्ति से संपर्क रखने वाले मंत्री का बचाव कर रही है। वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को इस मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या इन नए खुलासों का समझौते की अंतिम शर्तों पर कोई असर पड़ेगा।
पवन खेड़ा का दावा- 2014 से 2017 के बीच 62 ईमेलः कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने पुरी के पुराने स्पष्टीकरण को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि एपस्टीन के साथ पुरी की कथित अकेले की तस्वीर उनके इस बचाव पर सवाल खड़े करती है कि मुलाकातें केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं।
खेड़ा के मुताबिक:
पुरी ने पहले एपस्टीन के साथ सीमित मुलाकातों और कुछ ईमेल का उल्लेख किया था।
- अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध एपस्टीन फाइलों के बारे में खेड़ा ने दावा किया कि 2014 से 2017 के बीच एपस्टीन और पुरी के बीच कम से कम 62 ईमेल का आदान-प्रदान दर्ज है।
- खेड़ा ने 14 मुलाकातों और व्यापक संपर्कों का भी दावा किया। उनके मुताबिक, इनमें कई मुलाकातें आमने-सामने हुई थीं।
खेड़ा ने सवाल किया कि पुरी एपस्टीन के साथ अपने संपर्कों की वास्तविक सीमा और उन मुलाकातों का उद्देश्य सार्वजनिक करेंगे या नहीं। उन्होंने यह भी पूछा कि नई तस्वीर किस मुलाकात की है और भारत सरकार अपने केंद्रीय मंत्री के संपर्कों की जांच कराने का साहस दिखाएगी या नहीं। कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने तस्वीर साझा करते हुए सवाल किया कि क्या हरदीप पुरी ने पहले यह नहीं कहा था कि उन्होंने एपस्टीन से कभी अकेले मुलाकात नहीं की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए यह भी सवाल उठाया कि वे किस तरह के लोगों को अपने आसपास रखते हैं। श्रीनेत ने इस विवाद को महिलाओं के सम्मान और समानता के मुद्दे से भी जोड़ने की कोशिश की।
कांग्रेस सेवा दल के प्रमुख श्रीनिवास बीवी ने भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी अन्य लोकतंत्र में इस तरह के अंतरराष्ट्रीय विवाद के बाद मंत्री ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल भी इस्तीफा दे सकता था। यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी थी, कोई वास्तविक इस्तीफा या संवैधानिक कार्रवाई नहीं।
जेफरी एपस्टीन कौन था?
जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक धनी वित्तीय कारोबारी था, जिसे यौन अपराधों के मामले में दोषी ठहराया गया था। उस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और यौन तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप भी लगे थे। अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मुकदमे की प्रतीक्षा के दौरान उसकी मौत हो गई थी। एपस्टीन के राजनीतिक नेताओं, कारोबारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों से संपर्कों के कारण उसके दस्तावेजों और तस्वीरों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। हरदीप सिंह पुरी और जेफरी एपस्टीन की कथित तस्वीर ने कांग्रेस को केंद्र सरकार पर नए सिरे से हमला करने का मौका दिया है। राहुल गांधी ने ब्लैकमेल का सवाल उठाया, केसी वेणुगोपाल ने मोदी-शाह की चुप्पी पर निशाना साधा और पवन खेड़ा ने ईमेल तथा मुलाकातों के आंकड़े पेश करते हुए पुरी से विस्तृत सफाई मांगी।