राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी दलों और एक्टिविस्टों ने साफ़ कर दिया है कि एसआईआर और ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ आंदोलन जारी रहेगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि 'हमारा मिशन देश में लोकतंत्र को बहाल करना है'। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि उनके खिलाफ शिकंजा कस रहा है और संविधान को नुकसान पहुंचाकर बच निकलना आसान नहीं होगा। इस बीच, अमित शाह ने राहुल पर हमला बोला।
अमित शाह ने कहा कि SIR 2024 के बाद शुरू हुआ, लेकिन राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस काफी पहले ही लगातार चुनाव हार रही है। शाह ने पूछा कि क्या यह SIR का नतीजा है? उन्होंने कहा, खुद की समीक्षा करें, बीजेपी और मोदी की लोकप्रियता को SIR का दोष न दें। गुजरात में बीजेपी की जीत का हवाला देते हुए शाह ने 2029 में कांग्रेस की चौथी हार का अनुमान जताया। उन्होंने त्रिपुरा के स्थानीय चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां बीजेपी के प्रदर्शन ने उन दावों को गलत साबित कर दिया, जिनके मुताबिक पार्टी की जीत EVM पर निर्भर करती थी।

'CEC विरोधी प्रोटेस्ट जारी रहेगा'

राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी दलों और एक्टिविस्टों ने साफ़ कर दिया है कि एसआईआर और ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ आंदोलन जारी रहेगा। राहुल ने कहा कि 'हमारा मिशन देश में लोकतंत्र को बहाल करना है'। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि उनके खिलाफ शिकंजा कस रहा है और संविधान को नुकसान पहुंचाकर बच निकलना आसान नहीं होगा।
राहुल गांधी के आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। इनके अलावा CPM के महासचिव एमए बेबी, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष और छात्र संगठन AISA की नेता नेहा बोरा ने भी आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी।
एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव भी इस विरोध अभियान में शामिल हैं। विपक्षी दलों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने कहा कि SIR, मतदाता सूची में नामों को जोड़ने-काटने और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

‘लोकतंत्र को बहाल करना हमारा मिशन’

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अलग-अलग या समानांतर आंदोलन नहीं चला रहा, बल्कि सभी एक साझा आंदोलन का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक, इसका मक़सद भारत में वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करना है। राहुल गांधी ने कहा, 'हम सब एक साथ खड़े हैं। कोई अलग-अलग आंदोलन नहीं हैं। एक ही आंदोलन है। हमारा मिशन भारत में लोकतंत्र को बहाल करना है।'
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उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष देश में वास्तविक लोकतांत्रिक शासन की बहाली के लिए लड़ रहा है। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने उस स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति देने की व्यवस्था रोक दी है और विपक्ष इसके खिलाफ भी संघर्ष करेगा।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि उनके खिलाफ शिकंजा कस रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान को नष्ट करके बच निकलना आसान नहीं होगा। राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं के आरोप चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर चल रहे विवाद के बीच आए हैं। विपक्ष का कहना है कि SIR के ज़रिये मतदाता सूची में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इन आरोपों पर चुनाव आयोग और सरकार का पक्ष भी अहम है।

लोग ‘वोट चोरी’ का पर्दाफाश करेगा: खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पिछले चार दिनों में INDIA गठबंधन की ओर से चलाए गए अभियान को व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विपक्ष के दूसरे नेताओं ने जनता के मुद्दों को गंभीरता से उठाया है। खड़गे के मुताबिक़ दिल्ली में बड़ी संख्या में युवा और आम नागरिक अपने स्तर पर आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने दावा किया कि लोग अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित ‘वोट चोरी’ की योजना का पर्दाफाश करने के लिए तैयार हैं।

मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान से साफ़ है कि कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और दूसरे विपक्षी दलों को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार के बीच साजिश: तेजस्वी

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि तीनों के स्तर पर ऐसी साजिश की जा रही है, जिससे लोकतंत्र को कमजोर किया जा सके और चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ तथा धांधली को बढ़ावा मिले।
तेजस्वी यादव ने ईडी, CBI और आयकर विभाग जैसी संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस मामले में और भी आगे बढ़ गया है। तेजस्वी ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट है और इसके लिए हर तरह का त्याग करने को तैयार है। उन्होंने महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया, भगत सिंह और कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं की विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष अन्याय के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगा।

सुप्रिया सुले बोलीं- जारी रहेगा संघर्ष

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि INDIA गठबंधन का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान को कमजोर किया जा रहा है और उसमें नागरिकों को दिए गए अधिकारों पर खतरा पैदा हो रहा है। सुले ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के नागरिकों को मिले अधिकारों की रक्षा करना ज़रूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन अधिकारों को कुचलने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों और जमीनी स्तर तक जारी रहेगा। सुले ने कहा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट है और अन्याय के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

छात्र नेता नेहा बोरा क्या बोलीं?

AISA की नेता नेहा बोरा ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विपक्षी दलों का एक साथ आना अहम है। उन्होंने बीजेपी पर संविधान निर्माण में भूमिका को लेकर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। नेहा बोरा ने बीजेपी को विपक्ष के आंदोलन का मुख्य निशाना बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का एक मंच पर आना इस संघर्ष के लिए अहम है।
CPM के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने भी कहा कि ज्ञानेश कुमार और कथित ‘वोट चोरी’ में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन नहीं रुकेगा। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने ज्ञानेश कुमार पर तीखी टिप्पणी की और उन पर व्यवस्था को अपराधीकरण की ओर ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर भी निशाना साधा। राउत ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में आंदोलन जारी रहेगा।

विपक्षी नेताओं की मांग है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े आरोपों की जांच हो तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं हैं।
राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने साफ़ किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ी पाबंदियों के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं होगा। तेजस्वी यादव ने भी प्रदर्शन स्थल बदले जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष अपना संघर्ष जारी रखेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने बार-बार लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा का मुद्दा उठाया। विपक्ष का कहना है कि जब तक चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह पीछे नहीं हटेगा।

इस आंदोलन में राजनीतिक दलों के अलावा एक्टिविस्ट और छात्र नेताओं की भागीदारी इसे व्यापक राजनीतिक अभियान का रूप देने की कोशिश के तौर पर देखी जा सकती है। विपक्ष इसे चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों का सवाल बता रहा है।