लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने जंतर मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने इस पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह से 'गैर-भारतीय' (Un-Indian) करार दिया और मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बर्बरता के लिए युवाओं और देश से माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी को इस घटना पर इस्तीफा देना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठा रहे युवाओं और छात्रों पर लाठियां बरसाना भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है और इस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री को खुद सामने आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी ने दोहराया कि विपक्ष संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के साथ खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं में जवाबदेही तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाता रहेगा।
देश में जारी परीक्षा संकट और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। वहीं, 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार की कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों को लेकर रणनीति बनाई गई। दरअसल, संसद बार-बार स्थगित हो रही है। सरकार विपक्ष को जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाने नहीं दे रही है।

राहुल गांधी की मांग: संसद में हो विस्तृत चर्चा

लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा: "हमारी मांग बिल्कुल सीधी है: संसद में कल छात्रों पर ढहाए गए बर्बर अत्याचार और परीक्षा संकट को लेकर सरकार की पूर्ण रूप से जवाबदेही में कमी पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। अपने ही भविष्य को लेकर जायज सवाल पूछने पर छात्रों को पीटा गया। अगर संसद भारत के युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो फिर इसका क्या औचित्य है? विपक्ष इस मुद्दे को दबने नहीं देगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों की आवाज सड़कों से लेकर संसद तक गूंजे।"

राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के सांसद स्पीकर ओम बिरला से मिले

कोई अपने बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार करता है: मल्लिकार्जुन खड़गे

इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन की बैठक भी हुई। 'इंडिया' गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। भारत को 'लोकतंत्र की जननी' (Mother of Democracy) कहे जाने पर कटाक्ष करते हुए खड़गे ने कहा कि कोई भी लोकतांत्रिक देश अपने ही देश के भविष्य यानी युवाओं और छात्रों पर इस तरह बल प्रयोग नहीं करता।
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खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की जायज मांगों और परीक्षा प्रणाली में फैली धांधलियों पर जवाब देने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

सड़कों से संसद तक आंदोलन का ऐलान

विपक्षी नेताओं ने एकजुट होकर कहा कि देश का युवा परीक्षा में गड़बड़ियों, पेपर लीक और भविष्य को लेकर चिंतित है। जब छात्र अपने हक और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तो उन पर लाठियां बरसाई गईं।
विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे और संसद के चालू सत्र में इस पर तत्काल व विस्तृत चर्चा कराने तथा शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े रहेंगे।

राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे विपक्षी सांसद

विपक्षी पार्टियां दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थकों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार दोपहर संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने की योजना बना रही हैं। विपक्षी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में सोमवार को हुई पुलिस कार्रवाई पर चर्चा हुई और सभी पार्टियां इस बात पर सहमत थीं कि विरोध प्रदर्शन को संसद के बाहर ले जाने की ज़रूरत है। बैठक में शामिल एक सांसद ने कहा, "(मल्लिकार्जुन) खड़गे जी के चैंबर में हुई बैठक के दौरान हमने इस पर चर्चा की और मोटे तौर पर यह तय किया है कि संसद की कार्यवाही के आधार पर हम आज दोपहर मार्च करेंगे। सभी पार्टियां इसके लिए सहमत हैं।"

चंद्रशेखर आज़ाद संसद परिसर में धरने पर

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में आम्बेडकर प्रतिमा के नीचे धरना दे रहे हैं। उनका धरना जंतर मंतर पर पुलिस की बेरहमी के खिलाफ शुरू हो गया है। उन्होंने एक्स पर लिखा- जहाँ संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूँ।
मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ।

जलियांवाला बाग की याद दिलाईः चंद्रशेखर

चंद्रशेखर ने लिखा है- जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी। लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है। इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।