Bengal Election 2026 rigging allegations का मुद्दा उठाते हुए नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अगर Vote Chori न होती, तो BJP के आज सिर्फ़ 140 सांसद ही होते। राहुल बंगाल से पहले महाराष्ट्र, हरियाणा में वोट चोरी का मामला जोरशोर से उठा चुके हैं।
राहुल गांधी का बीजेपी पर 'वोट चोरी' का आरोप। फाइल फोटो
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 240 लोकसभा सांसदों में से हर छठा सांसद वोट चोरी के जरिए जीता है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा करने और वोट चोरी का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने इस बयान के ज़रिए वोट चोरी का अपना पुराना मुद्दा फिर से जिन्दा कर दिया है। बंगाल से पहले वो हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर भी बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगा चुके हैं।
राहुल गांधी ने 6 मई को एक्स पर लिखा, "कभी सीटें चुराने के लिए वोट चोरी होती है, तो कभी पूरी सरकारें। भाजपा के 240 लोकसभा सांसदों में से लगभग हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। इन्हें भाजपा की भाषा में 'घुसपैठिए' कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही घुसपैठिया है।"
नेता विपक्ष ने बीजेपी का जिक्र करते हुए लिखा- जो संस्थाएँ अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं - वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएँ, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।
राहुल गांधी ने बंगाल चुनाव नतीजों के फौरन बाद 4 मई को बंगाल में वोट चोरी का आरोप लगाया था। राहुल ने कहा था- असम और बंगाल में भाजपा द्वारा चुनाव आयोग के समर्थन से चुनाव धांधली के स्पष्ट उदाहरण हैं। हम ममता जी से सहमत हैं। बंगाल में 100 से अधिक सीटें धांधली से जीती गईं। हमने पहले भी इस तरह की रणनीति देखी है: मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, लोकसभा 2024 आदि। चुनाव चोरी, संस्था चोरी- अब और चारा ही क्या है। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भी 4 मई को दावा किया था कि बंगाल में "100 से ज्यादा सीटें चोरी" की गईं। उन्होंने चुनाव आयोग को "भाजपा आयोग" बताया और भाजपा की जीत को "अनैतिक" तथा "अवैध" करार दिया। भाजपा ने ममता के इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
महाराष्ट्र में वोट चोरी पर राहुल के आरोप क्या थे
राहुल गांधी ने अगस्त और सितंबर 2025 के दौरान कई प्रेस कांफ्रेंस में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में "वोट चोरी" के गंभीर आरोप लगाए थे। दिल्ली में महत्वपूर्ण मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची में भारी संख्या में नए मतदाता जोड़े गए हैं, जो पांच वर्षों में होने वाली सामान्य बढ़ोतरी से कहीं ज्यादा हैं।
राहुल ने आंकड़े भी दिए
चंद्रपुर के राजुरा निर्वाचन क्षेत्र का उदाहरण: उन्होंने विशेष रूप से महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के राजुरा विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ 6,850 फर्जी मतदाता ऑनलाइन जोड़े गए। इनमें से कई के नाम संदिग्ध या निरर्थक (जैसे "YUH UQJJW") थे और पते के स्थान पर बार-बार "सस्ती, सस्ती" जैसे अमान्य शब्द लिखे गए थे।
चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप: गांधी ने चुनाव आयोग (EC) पर भाजपा के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 'फॉर्म 6' के माध्यम से थोक में मतदाता जोड़ने, डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ करने और मतदाता सूची में हेरफेर करने में आयोग की भूमिका संदिग्ध है।
लोकतंत्र की धांधली का ब्लूप्रिंट: राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के चुनावों को "लोकतंत्र की धांधली का ब्लूप्रिंट" करार दिया था। उन्होंने कहा कि यह वही पैटर्न है जो हरियाणा और कर्नाटक में भी देखा गया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डेटा और विजुअल्स पेश करते हुए तर्क दिया था कि ये नए मतदाता असंगत रूप से भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने शिकायत की कि 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के अनुरोध के बावजूद चुनाव आयोग ने मतदाता सूची और मतदान की फुटेज साझा करने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उसके बाद फुटेज देने के नियम ही बदल दिए गए।
राहुल गांधी की "एच फाइल्स", 25 लाख फर्जी वोट का आरोप
राहुल गांधी ने 5 नवंबर, 2025 को कांग्रेस मुख्यालय में एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जहाँ उन्होंने अपने "वोट चोरी" अभियान के तहत "हरियाणा फाइल्स" या "H-Files" जारी कीं। उन्होंने 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली का आरोप लगाते हुए दावा किया कि लगभग 25 लाख फर्जी, डुप्लीकेट और थोक (bulk) मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ा गया, जिसने भाजपा को सत्ता में बनाए रखने में मदद की।
चुनावी धांधली का दावा
अपनी पेशकश (presentation) के दौरान राहुल गांधी ने आंकड़े पेश किए:
- 5.21 लाख: डुप्लीकेट मतदाता।
- 93,174: अमान्य (invalid) मतदाता।
- 19.26 लाख: थोक (bulk) में जोड़े गए मतदाता।
गांधी के अनुसार, हरियाणा की मतदाता सूची में हर आठ में से एक मतदाता (लगभग 12.5%) फर्जी था। यानी 12.5% फर्जी मतदाताओं के फर्जी वोटों से उसने सरकार बना ली।
'ऑपरेशन सरकार चोरी' और सबूत
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर "ऑपरेशन सरकार चोरी" को अंजाम देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी साजिश के कारण कांग्रेस की निश्चित दिख रही जीत हार में बदल गई। उन्होंने धांधली के विशिष्ट उदाहरण भी साझा किए।
- ब्राजीलियाई मॉडल की फोटो: उन्होंने दावा किया कि राई विधानसभा क्षेत्र के 10 बूथों पर 22 अलग-अलग मतदाता प्रविष्टियों के लिए एक ब्राजीलियाई मॉडल की स्टॉक फोटो का इस्तेमाल किया गया, जिनमें नाम अलग-अलग थे।
- संदिग्ध पते: एक ही पते पर कई बार एक जैसी फोटो या भारी संख्या में मतदाताओं के नाम जोड़े जाने के मामले भी सामने आए।
राहुल गांधी ने हरियाणा के चुनावों को देशव्यापी "वोट चोरी" के लिए एक ब्लूप्रिंट बताया और चेतावनी दी कि बिहार जैसे अन्य राज्यों में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से जवाबदेही, मतदान की फुटेज तक पहुंच और पूर्ण मतदाता डेटा की मांग की। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया। चुनाव आयोग और भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को फिर से खारिज किया।
राहुल गांधी की नसीहत
राहुल गांधी की मंशा वोट चोरी को फिर से उठाने की लग रही है। राहुल गांधी ने कांग्रेस और अपने सहयोगियों सहित अन्य विपक्षी नेताओं को तृणमूल कांग्रेस की हार पर जश्न मनाने से सावधान किया था। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया। बिना नाम लिए राहुल ने कहा, "कांग्रेस में कुछ लोग और अन्य लोग टीएमसी की हार पर खुश हो रहे हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि असम और बंगाल के वोट चोरी भाजपा द्वारा भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने की मिशन में एक बड़ा कदम है।" राहुल गांधी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे छोटी-छोटी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को अलग रखें। उन्होंने कहा, "पेटी पॉलिटिक्स को अलग रखें। यह एक पार्टी या दूसरी पार्टी की बात नहीं है। यह भारत की बात है।"