E20 मुद्दे को अब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बहुत बड़े पैमाने पर उठाएँगे। उन्होंने शुक्रवार को केंद्र सरकार की ई20 नीति पर बड़ा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह नीति लोगों के वाहनों को नुकसान पहुंचा रही है और आम लोगों की जेब पर सीधा बोझ डाल रही है। उन्होंने इसमें भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया और कहा कि 'पूरी दाल ही काली है'। राहुल ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को देशभर में बड़े स्तर पर उठाएगी। इधर, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के दबाव में E20 नीति लागू की है ताकि अमेरिकी इथेनॉल के लिए भारत में बड़ा बाजार तैयार किया जा सके।

राहुल गांधी ने एक्स पर जारी एक वीडियो में कहा कि E20 का मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा, 'आमतौर पर हम कहते हैं कि दाल में कुछ काला है, लेकिन यहां तो पूरी दाल ही काली है।' राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में हर तरफ भ्रष्टाचार है और सरकार की नीतियों की प्राथमिकता ही गलत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी क्योंकि इससे लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।

'कार, स्कूटर बर्बाद हो रहे, लोगों से चोरी हो रही'

राहुल गांधी ने दावा किया कि E20 ईंधन से लोगों के स्कूटर, कार और अन्य वाहन खराब हो रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह लोगों के स्कूटर बरबाद कर रहा है, लोगों की ज़िंदगी बर्बाद कर रहा है और असल में सीधे-सीधे लोगों से चोरी कर रहा है।' हालाँकि राहुल गांधी ने अपने बयान में किसी विशेष अध्ययन या आँकड़े का ज़िक्र नहीं किया।
बता दें कि E20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है। सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी, किसानों को गन्ने और अन्य फसलों से अतिरिक्त आय मिलेगी और कार्बन उत्सर्जन कम होगा। लेकिन कई वाहन मालिकों और कुछ उद्योग संगठनों ने पुराने वाहनों पर इसके असर को लेकर चिंता जताई है।

अमेरिका के दबाव में लागू हुई नीति: केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी शुक्रवार को E20 नीति पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादक है और वहां अतिरिक्त उत्पादन की खपत नहीं हो पा रही है।
केजरीवाल ने दावा किया, 'डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में भारत सरकार E20 लागू कर रही है ताकि अमेरिका से इथेनॉल आयात किया जा सके।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना पर्याप्त तैयारी के E20 लागू कर दिया और यह नहीं देखा कि देश के पुराने वाहन इस ईंधन के अनुकूल हैं या नहीं।

अमेरिका से इथेनॉल आयात का दावा

केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले वर्ष भारत ने अमेरिका से करीब एक अरब लीटर इथेनॉल आयात किया। इस वर्ष यह आयात बढ़कर पांच अरब लीटर तक पहुंच सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति का उद्देश्य अमेरिकी इथेनॉल के लिए भारत में बड़ा बाजार तैयार करना है। हालाँकि केंद्र सरकार ने इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने क्या कहा?

राहुल गांधी के आरोपों के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत की ईंधन वितरण व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है। पुरी के अनुसार देशभर में रोज़ क़रीब 2000 पेट्रोल नमूनों की जांच की जाती है। भारत में करीब 1.07 लाख पेट्रोल पंप हैं। प्रतिदिन 6 से 7 करोड़ ग्राहक ईंधन खरीदते हैं। जांच के दौरान केवल चार मामलों में ही ईंधन गुणवत्ता से जुड़ी समस्या मिली। उन्होंने कहा कि सरकार ने E20 लागू करने से पहले बड़े पैमाने पर परीक्षण भी शुरू किए थे।
बहरहाल, ई20 नीति को लेकर देश में दो तरह की राय सामने आ रही है। सरकार का कहना है कि इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, विदेशी तेल आयात कम होगा, किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को फायदा होगा। वहीं आलोचकों का कहना है कि सभी पुराने वाहन ई20 के लिए पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। इससे इंजन और फ्यूल सिस्टम पर असर पड़ सकता है। यदि पर्याप्त तकनीकी तैयारी नहीं हुई तो वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के ताज़ा बयानों के बाद ई20 नीति एक बार फिर राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। एक ओर सरकार इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित ईंधन की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे आम लोगों और वाहन मालिकों के हितों के ख़िलाफ़ बताते हुए सरकार से जवाब मांग रहा है। आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है।