झारखंड के आंदोलनकारी छात्र जब कांग्रेस पर दबाव बना रहे हैं कि पार्टी हेमंत सोरेन सरकार से समर्थन वापस ले तो ऐसे में राहुल ने झारखंड के सीएम को पत्र लिखा है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री सोरेन से प्रदर्शनकारियों से 'व्यक्तिगत रूप से मिलने' को कहा है।
झारखंड में राज्य लोक सेवा आयोग (JPSC) और राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC/JSSC-CGL) की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन पिछले 24 दिनों से लगातार जारी है।
राहुल गांधी ने 14 अगस्त को लिखे अपने पत्र (जो 17 अगस्त को सार्वजनिक हुआ) में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें ताकि उनकी बची हुई समस्याओं का समाधान हो सके। राहुल ने कहा कि संविधान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार लोकतंत्र का एक मुख्य स्तंभ है। झारखंड के युवाओं का यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और उनकी मांगें जायज हैं।
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पत्र में राहुल गांधी ने उल्लेख किया कि राज्य सरकार द्वारा समिति का गठन कर बातचीत शुरू करना सराहनीय है, लेकिन फिर भी कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। ऐसे में सरकार को छात्रों के साथ खड़े होना चाहिए।
उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को RSS और भाजपा ने अपने नियंत्रण में ले लिया है और इसे छात्रों के शोषण का साधन बना दिया है।

20 अगस्त को CM आवास का घेराव

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लंबे समय से धरने पर बैठे छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की चेतावनी दी है। राज्य सरकार ने मामले सुलझाने के लिए छात्रों को नए दौर की वार्ता का प्रस्ताव भेजा है।

यूजीसी नेट परीक्षा के कुछ पेपर दोबारा कराने पर राहुल का हमला

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने देश में परीक्षाओं में धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। NTA द्वारा यूजीसी-नेट (UGC-NET) के समाजशास्त्र (Sociology), अंग्रेजी (English) और वाणिज्य (Commerce) विषयों की परीक्षा को दोबारा (Re-conduct) आयोजित करने के फैसले के बाद राहुल गांधी का बयान सामने आया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि NTA ने 22 से 30 जून के बीच आयोजित हुई UGC-NET परीक्षा के तीन विषयों को लगभग दो महीने बाद रद्द कर दिया। इसका कारण दोषपूर्ण प्रश्नपत्र तैयार करना और पुराने प्रश्नों को दोहराना बताया गया है।

राहुल गांधी ने कहा, "गलती NTA करती है, लेकिन सजा छात्रों को भुगतनी पड़ती है।" सालों तक तैयारी करने वाले हजारों उम्मीदवारों को दूर-दराज के केंद्रों पर जाकर परीक्षा देनी पड़ी थी, जिन्हें अब सितंबर में फिर से परीक्षा में बैठना होगा।

उन्होंने वर्तमान शिक्षा प्रणाली की आलोचना करते हुए इसे केवल पैसे, साल, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को चूसने वाली एक "एक्सट्रैक्शन मशीन" (Extraction Machine) करार दिया।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि क्या ये पेपर परीक्षा से पहले लीक हुए थे? उन्होंने कहा कि 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कोई आखिरी कदम नहीं था, बल्कि यह केवल पहला कदम था। इस एजेंसी और इसके नेतृत्व की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मंत्रालय की जवाबदेही मांगी। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने NTA को एक बड़ा धोखाधड़ी का जरिया बताते हुए इसे पूरी तरह से बंद करने की मांग की।