मंगलवार को जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) विश्वविद्यालय में छात्रों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक कार्यक्रम के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन शुरू होते ही विश्वविद्यालय परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और दिल्ली पुलिस के जवान मुख्य प्रवेश द्वारों पर तैनात कर दिए गए। जामिक के छात्रों का दावा है कि वे दो घंटे तक आरएसएस के कार्यक्रम को रोकने में सफल रहे।
छात्र विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग (FET) के अंदर आयोजित हो रहे कार्यक्रम का विरोध कर रहे थे। उन्होंने नारे लगाते हुए कार्यक्रम को रद्द करने की मांग की और कहा कि यह एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी के परिसर के लिए उपयुक्त नहीं है। अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
एसएफआई का आरोप है कि संगठन के संयुक्त सचिव और अन्य एसएफआई कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और वे घायल हो गए। महिला छात्राओं के साथ पुरुष गार्डों ने मारपीट की। 50 से अधिक छात्राएं घायल हुईं। छात्राएं कार्यक्रम को लगभग दो घंटे तक स्थगित करवाने में सफल रहीं।
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छात्रों के संघर्ष में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की जामिया यूनिट ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। एसएफआई ने कहा कि यह कार्यक्रम आरएसएस की शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित ‘युवा कुंभ’ का हिस्सा है। एसएफआई ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय द्वारा इस कार्यक्रम को अनुमति देना “सीधा उकसावा” है और अल्पसंख्यक छात्रों की सुरक्षा व सम्मान को लेकर गंभीर चिंता जताई।
एसएफआई ने एक्स पर कहा- “एसएफआई जामिया, आइसा जामिया, एनएसयूआई जामिया, AIRSO, DISCC, फ्रेटरनिटी मूवमेंट और अन्य छात्र संगठन आरएसएस शताब्दी समारोह युवा कुंभ के विरोध में जामिया विश्वविद्यालय के एफईटी सभागार के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह कार्यक्रम अब हो रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन इसमें भाग ले रहा है।” छात्र संगठनों ने FET ऑडिटोरियम के बाहर प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन से तुरंत कार्यक्रम की अनुमति वापस लेने की मांग की।
छात्रों का कहना है कि आरएसएस से जुड़े कार्यक्रम को केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर में अनुमति देना विवादास्पद है और इससे अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है।अभी तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। 

गार्गी कॉलेज में हो चुका है बवाल

26 अप्रैल को एबीवीपी के कार्यकर्ता जबरन कॉलेज गार्गी कॉलेज में घुस गए और वहां तोड़फोड़ की। एबीवीपी आरएसएस की छात्र शाखा है। गार्गी कॉलेज लड़कियों का कॉलेज है।एबीवीपी आए दिन इस कॉलेज में अपनी गतिविधियां करने की कोशिश करता है, लेकिन कॉलेज की छात्राओं का उसे समर्थन नहीं मिल रहा है। इस घटना के बाद गार्गी की छात्राओं ने नेता विपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर इस घटनाक्रम से उन्हें अवगत कराया। बता दें कि 2020 में भी गार्गी कॉलेज के वार्षिक समारोह में असामाजिक तत्व घुस आए थे। उस घटना में गार्गी की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ भी की गई थी। बाद में इस घटना की जांच भी हुई। छात्राओं ने उस समय गंभीर आरोप लगाए थे।