साक्षी अजितेश के विवाह ने पूरे देश में भूचाल क्यों ला दिया है। क्या बच्चों को ख़ुद की मर्जी से शादी करने का अधिकार नहीं है? क्या समाज ऐसे ही जातियों जकड़ा रहेगा? ऐसी घटनाएँ बार-बार क्यों होती हैं? देखिए शीतल के सवाल में वरिष्ठ पत्रकार शम्भू नाथ शुक्ल के साथ आज के हालात पर चर्चा।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।






















