शिअद के बयान के बाद बीजेपी की मुश्किलें इसलिए और ज़्यादा बढ़ गई हैं क्योंकि पश्चिम बंगाल से लेकर, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पहले ही एनआरसी का विरोध कर चुके हैं।
बीजेपी की सबसे अहम सहयोगी रही शिवसेना एनडीए छोड़ चुकी है। झारखंड में ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने तो साथ छोड़ा ही, बीजेपी चुनाव भी हार गई। झारखंड में ही जेडीयू और लोकजनशक्ति पार्टी ने उसके ख़िलाफ़ चुनाव लड़ा है।