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स्मृति ईरानी और बेटी के नाम पर गोवा में रेस्तरां-बार नहींः हाईकोर्ट  

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उनकी बेटी गोवा रेस्तरां और बार के मालिक नहीं हैं, दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए यह बात कही है। अदालत ने कहा कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश, पवन खेड़ा, नेट्टा डिसूजा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर बीजेपी नेता स्मृति ईरानी और उनकी बेटी पर झूठे तीखे हमले की साजिश रची।

कोर्ट ने कहा कि दस्तावेजों पर विचार करने पर यह स्पष्ट रूप से देखा गया है कि ऐसा कोई लाइसेंस नहीं था जो कभी वादी या उसकी बेटी के पक्ष में जारी किया गया था। वादी या उसकी बेटी रेस्तरां के मालिक नहीं हैं। अदालत ने तीन कांग्रेस नेताओं के खिलाफ महिला और बाल विकास मंत्री ईरानी द्वारा दायर 2 करोड़ के दीवानी मानहानि के मुकदमे की सुनवाई करते हुए कहा कि वादी या उनकी बेटी ने कभी लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया था। 
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स्मृति ईरानी पर कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि उनकी 18 वर्षीय बेटी गोवा में "अवैध बार" चला रही है।

हाईकोर्ट ने कहा कि यह माना जाता है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए बयान "बदनाम करने जैसे हैं और दुर्भावनापूर्ण इरादे से फर्जी प्रतीत होते हैं। केवल लोगों के बीच सार्वजनिक उपहास बनाने के लिए ऐसा किया गया। 
इसमें कहा गया है कि "वादी (ईरानी) ने प्रथम दृष्टया मामला बनाया है और सुविधा का संतुलन वादी के पक्ष में और प्रतिवादियों के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस नेता अपने ट्वीट नहीं हटाते हैं, तो ट्विटर को ऐसा करना होगा यानी उनके बयान हटाने होंगे।
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