एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन दिया है। उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' यानी CJP के प्रस्तावित आंदोलन के साथ एकजुटता जताई और 6 जून को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की है। सोनम वांगचुक ने एक वीडियो जारी कर कहा, 'मैंने पहले अपनी पोस्ट में कॉकरोचों से पूछा था कि वे मुझे साबित करें कि यह कॉकरोच जनता पार्टी भारतीय युवाओं की आवाज है, न कि किसी विदेशी साजिश का हिस्सा।' मोदी सरकार द्वारा एनएसए के तहत हिरासत से रिहा किए जाने के बाद पहली बार मोदी सरकार के ख़िलाफ़ किसी विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने की वांगचुक ने घोषणा की है।

वांगचुक ने आगे बताया कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके उनसे संपर्क में आए और उन्होंने अपना पूरा डेटा शेयर किया। उन्होंने कहा कि दीपके से बात करने के बाद मुझे विश्वास हो गया कि यह आंदोलन पूरी तरह देशभक्तिपूर्ण है और ये लोग देश को बेहतर बनाने के लिए त्याग कर रहे हैं।

मेरे लिए यह बहुत बड़ा मुद्दा: वांगचुक

सोनम वांगचुक ने कहा, '6 जून को शनिवार के दिन वे दिल्ली बुला रहे हैं ताकि हम शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर सकें। आपके लिए वजहें नीट पेपर लीक, CUET या CBSE की समस्याएँ हो सकती हैं, लेकिन मेरे लिए यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है।' वांगचुक ने बताया कि उन्होंने इंजीनियरिंग पूरा करने के बाद पिछले 40 साल से शिक्षा के क्षेत्र में काम किया है। उन्होंने कहा, 'जब मैंने देखा कि कुछ भी नहीं बदल रहा है तो मुझे निराशा हुई और लगा कि कुछ करना ज़रूरी है।'

विकसित भारत 2047 पर सवाल

वांगचुक ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने का सपना बहुत अच्छा है, लेकिन सिर्फ़ इरादों से नहीं, सही नीतियों और उनके सही क्रियान्वयन से ही यह संभव होगा। 'पिछले तीन-चार शिक्षा मंत्रियों को देख लीजिए, गूगल करके देखिए। उन्होंने क्या चमत्कार किया? इससे लगता नहीं कि विकसित भारत बन पाएगा। इसलिए मैं शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करता हूं।'

NEET पेपर लीक पर सख्त रवैया

सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक को बहुत गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा, 'यह लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। लेकिन सवाल यह है कि आगे क्या होगा? सारी व्यवस्था ठीक करने के लिए ज़रूरी है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें।' उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि 'किसी भी आत्मसम्मान वाले लोकतंत्र में अगर पेपर लीक होते हैं और सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।'
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'फिर दिल्ली आ रहा हूं...'

वांगचुक ने साफ कहा, 'अगर 5 जून तक भी इस्तीफा नहीं होता है, तो मजबूरन मैं भी 6 जून को दिल्ली आकर आप सभी के साथ और अभिजीत दीपके के साथ शामिल होऊंगा।' वीडियो के अंत में उन्होंने अपना प्रसिद्ध नारा दोहराया, “अब नहीं तो कब? हम नहीं तो कौन? अगर अब नहीं, तो कब? और अगर हम नहीं, तो भारत में बदलाव कौन लाएगा?”

मोदी सरकार ने वांगचुक को डाला था जेल में

लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने एनएसए के तहत जेल में डाला था। कई महीनों तक हिरासत में रखने के बाद मार्च महीने में उन्हें रिहा किया गया है। गृह मंत्रालय ने रिहाई को लेकर एक बयान में कहा था कि लद्दाख में शांति, स्थिरता और पारस्परिक विश्वास का माहौल बनाने तथा सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सार्थक संवाद को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के तहत यह कदम उठाया गया है।

सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया था। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी। केंद्र ने उन पर नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में हुए विरोध प्रदर्शनों का हवाला देकर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।

हिरासत के बाद उन्हें राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। वांगचुक को हिरासत में रखने के लिए मोदी सरकार की काफी आलोचना हुई थी। हिरासत से रिहा होने के बाद पहली बार मोदी सरकार के किसी विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने की उन्होंने घोषणा की है।

'कॉकरोच पार्टी' का दिल्ली में प्रदर्शन

युवाओं के मुद्दों को लेकर अब तक सोशल मीडिया पर सनसनी बनी कॉकरोच जनता पार्टी ने सड़कों पर उतरने की घोषणा की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके 6 जून को भारत वापस आ रहे हैं। वे दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे। अभिजीत दीपके ने सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर यह घोषणा की।
दीपके ने कहा, 'समय आ गया है कि हम सब मिलकर भारत के संविधान के रास्ते पर चलते हुए शांतिपूर्वक अपनी आवाज उठाएं। हम धर्मेंद्र प्रधान जी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अगर हम सब साथ मिलकर आवाज उठाएंगे तो उन्हें सुनना ही पड़ेगा।' दीपके ने आगे कहा, 'मैं 6 जून यानी शनिवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचूंगा। आप सभी से अनुरोध है कि एयरपोर्ट आएं। वहां से हम साथ मिलकर संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे।'

छात्रों व शिक्षा के मुद्दे पर आंदोलन

अभिजीत दीपके ने कहा कि NEET पेपर लीक के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली और लाखों छात्रों का साल बर्बाद हो गया। उन्होंने बताया, '8 लाख से ज्यादा लोगों ने उनकी याचिका पर साइन किए हैं। सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों ने इस मांग का समर्थन किया। लखनऊ, जयपुर, महाराष्ट्र समेत कई जगहों पर पहले से ही प्रदर्शन हो रहे हैं।' दीपके ने कहा, 'NEET के 22 लाख, CBSE के 17 लाख, CUET के 16 लाख और SSC GD के 40 लाख समेत कुल 1 करोड़ से ज्यादा छात्रों के भविष्य के साथ मजाक किया गया है। छात्र बहुत चिंतित हैं। किसी को तो जिम्मेदारी लेनी ही होगी।'
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कॉकरोच जनता पार्टी क्या है?

अभिजीत दीपके मई महीने में सोशल मीडिया पर चर्चा में आए थे। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी नाम का सैटायरिकल अकाउंट बनाया था। यह अकाउंट मुख्य न्यायाधीश के बयानों पर व्यंग्य करने से शुरू हुआ और बाद में युवाओं की नाराजगी, मीम्स और राजनीतिक टिप्पणियों का प्लेटफॉर्म बन गया। इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने इस अकाउंट को भारत में ब्लॉक कर दिया था। दीपके ने दिल्ली हाईकोर्ट में इस ब्लॉकिंग के खिलाफ याचिका भी दायर की थी।

बहरहाल, नीट पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग CBSE के OSM विवाद, NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में हो रही अन्य समस्याओं के बीच आई है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच सोनम वांगचुक जैसे प्रभावशाली व्यक्ति का आंदोलन में शामिल होना सरकार के लिए नई चुनौती बन सकता है। अभी तक शिक्षा मंत्री या केंद्र सरकार की तरफ़ से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।