loader

अपने नेताओं संग मजबूती से खड़ी दिखेगी कांग्रेस, बीजेपी को देगी जवाब

कांग्रेस अब बीजेपी द्वारा उसके नेताओं को भ्रष्टाचारी बताने पर चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस ऐसे नेताओं के साथ पूरी ताक़त के साथ तो खड़ी दिखेगी ही, इसे मुद्दा भी बनाएगी कि मोदी सरकार विपक्षी नेताओं को चुन-चुन कर निशाना बना रही है। आईएनएक्स मीडिया मामले में तिहाड़ जेल में क़ैद पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम से कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मिलने के क़दम से पार्टी ने यही रणनीतिक संदेश दिया है। 
ताज़ा ख़बरें

तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद इसकी झलक भी दिखाई दी जब मनमोहन सिंह ने चिदंबरम को हिरासत में रखने को लेकर सवाल उठाया। सिंह ने कहा कि उनके साथी चिदंबरम को लगातार हिरासत में रखे जाने से पार्टी चिंतित है लेकिन पार्टी को इस बात का भरोसा है कि अदालत से उन्हें न्याय मिलेगा।  

देश से और ख़बरें

पूर्व प्रधानमंत्री ने चिदंबरम का मजबूती से बचाव करते हुए कहा कि सरकार चलाने की हमारी व्यवस्था में किसी अकेले व्यक्ति द्वारा कोई फ़ैसला नहीं लिया जाता है, बल्कि यह सामूहिक फ़ैसला होता है। सिंह ने इस ओर इशारा किया कि आईएनएक्स मीडिया मामले में विदेशी निवेश को मंजूरी देने के मामले में कई अफ़सर और जिनमें सरकार के छह सचिव भी शामिल थे, सभी ने उस प्रस्ताव की जाँच की थी और चिदंबरम ने सर्वसम्मति से की गई सिफ़ारिश को ही स्वीकार किया था। 

सिंह ने कहा, ‘अगर अफ़सर दोषी नहीं हैं, तो यह समझ नहीं आता कि इस मामले में मंत्री कैसे दोषी साबित हो सकते हैं। जबकि उन्होंने सिर्फ़ अफ़सरों की सिफ़ारिश को ही स्वीकार किया है।’ पूर्व प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया कि अगर किसी सिफ़ारिश को स्वीकार करने के लिए मंत्री ज़िम्मेदार होगा तो सरकार की पूरी व्यवस्था ही ढह जाएगी। 
कांग्रेस जानती है कि अगर वह अपनी पार्टी के नेताओं के साथ मजबूती से खड़ी नहीं दिखी तो बीजेपी बिना अदालत का कोई फ़ैसला आए उसके नेताओं के ख़िलाफ़ ऐसी छवि बना देगी, जिससे जनता उन्हें अपराधी समझने लगे। बिलकुल 2जी केस की तरह।

बता दें कि 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले को बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार में बड़ा मुद्दा बनाया था। लेकिन दिसंबर 2017 में जब इस मामले की सुनवाई कर रहे जज ने कहा था कि वह सबूत के इंतजार में 7 साल तक हर दिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कोर्ट में बैठते थे लेकिन कोई भी ऐसा सबूत कोर्ट में नहीं आया जिससे घोटाला साबित होता हो। लेकिन बीजेपी इसका राजनीतिक फ़ायदा ले चुकी थी और उसने 2जी, जीजाजी के नाम से चुनाव प्रचार कर अपनी सरकार बना ली थी। 

कांग्रेस को इस बात का भी पता है कि ऐसा नहीं है कि केवल चिदंबरम ही मोदी सरकार के निशाने पर हैं। उसके कई नेता जाँच एजेंसियाँ के रडार पर हैं। इस सूची में सोनिया गाँधी से लेकर राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा का भी नाम शामिल है।

कांग्रेस के दिग्गज नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, कर्नाटक कांग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार, सोनिया गाँधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके भांजे रतुल पुरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित कांग्रेस नेताओं की लंबी फ़ेहरिस्त है, जिन पर जाँच एजेंसियाँ कभी भी शिकंजा कस सकती हैं। 

2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार में भी नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को भ्रष्टाचारी बताने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ा था। मोदी कांग्रेस पर यह कहकर हमला करते थे कि भ्रष्टाचार ही कांग्रेस की संस्कृति है। मोदी ने कहा था कांग्रेस के कई नेता अदालतों के चक्कर लगा रहे हैं।

ख़बरों के मुताबिक़, कांग्रेस ने अपनी सभी राज्य इकाइयों को बता दिया है कि वे मोदी सरकार द्वारा पार्टी नेताओं के ख़िलाफ़ की जा रही कार्रवाई का पुरजोर विरोध करें। क्योंकि पार्टी जानती है कि अगर उसने इस तरह की कार्रवाई का विरोध नहीं किया तो उसके लिए जनता के बीच में अपनी और पार्टी नेताओं की छवि का बचाव करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। एक तो कांग्रेस दो लोकसभा चुनाव में क़रारी शिकस्त खाने के बाद पस्त पड़ी है और दूसरा अगर मोदी सरकार उसके वरिष्ठ नेताओं को जेल के अंदर भेजती रही तो उसके अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा हो जाएगा, इसलिए पार्टी ने तय किया है कि वह अपने नेताओं के साथ पूरी ताक़त के साथ खड़ी दिखेगी। 

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें