जंतर-मंतर पर छात्र संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता से कथित मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था और अब अदालत ने उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
भारद्वाज की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब उसके एक पॉडकास्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में वो कथित तौर पर CJP की दलित कार्यकर्ता के पिता के साथ हुई मारपीट का जिक्र करता है। उसने उनके सिर पर हमला किया था। इस वीडियो के बाद CJP और विपक्षी नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए भारद्वाज की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।

हिंदू संगठनों का भारद्वाज के समर्थन में प्रदर्शन

उधर, स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में भी प्रदर्शन शुरू हो गया है। 5 सितंबर को हिंदू रक्षा दल समेत कुछ हिंदू संगठनों ने दिल्ली में जंतर-मंतर और संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारद्वाज के खिलाफ दर्ज FIR में POCSO एक्ट, SC/ST एक्ट और हत्या के प्रयास से जुड़ी धाराओं को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भारद्वाज के साथ अन्याय हो रहा है और उनकी गिरफ्तारी गलत है। पांच सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल संसद मार्ग थाने के अंदर जाकर पुलिस को ज्ञापन भी देने पहुंचा।
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23 जून को जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?

मामला 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़ा है। यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक के मुद्दे पर किया जा रहा था। प्रदर्शन के दौरान सीजेपी की दलित कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट हुई। FIR के मुताबिक, लड़की के पिता सीजेपी प्रदर्शन की अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बहस बढ़ने के बाद दो-तीन और लोग वहां पहुंच गए और उनके साथ मारपीट की गई। शिकायत में आरोप है कि लड़की के पिता के सिर पर कई बार घूंसे मारे गए और किसी कठोर वस्तु से भी हमला किया गया। पुलिस के पहुंचने पर स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को मौके से पकड़ा गया, जबकि कुछ अन्य लोग वहां से निकल गए। पुलिस के अनुसार, संजय को इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में सिर पर दो कटे-फटे घाव दर्ज किए गए थे। उस समय पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया था। 

वायरल पॉडकास्ट से फिर गरमाया मामला

मामले ने कई हफ्तों बाद तब नया मोड़ लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक करीब घंटे लंबा इंटरव्यू/पॉडकास्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें भारद्वाज कथित तौर पर यह कहता दिखाई दे रहा कि उन्होंने उस दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ दिया था। वायरल क्लिप में ही भारद्वाज ने शेखी बघारते हुए कहा था कि यह हत्या के प्रयास का मामला है। लेकिन उसके ऊपर बड़े भाई कपिल मिश्रा का हाथ है। उसे गिरफ्तार किए जाने से पहले ही उनका फोन आ गया था। कपिल मिश्रा बीजेपी नेता हैं और 2020 के दिल्ली दंगों के विवाद में उनका नाम आया था। पोडकास्ट सामने आने के बाद नेता विपक्ष राहुल गांधी, CJP ने पुलिस पर दबाव बनाया कि स्वतंत्र भारद्वाज पर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब भारद्वाज खुद सार्वजनिक रूप से घटना में अपनी भूमिका की बात कह रहा है तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया।

पोडकास्ट की बातों से पलटा स्वतंत्र भारद्वाजः विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने शुक्रवार को अपने वायरल बयान को लेकर सफाई दी। उसने कहा कि जंतर-मंतर पर जो हुआ वह हमला नहीं बल्कि 'आत्मरक्षा' थी। उसका दावा है कि उसे 10-15 लोगों ने घेर लिया था और उसे डर था कि भीड़ उसे पीट सकती है या उनकी हत्या कर सकती है। उसके मुताबिक उसने आत्मरक्षा में कार्रवाई की और इसी दौरान संजय कुमार के सिर में चोट लगी। भारद्वाज ने यह भी कहा कि उनके पास घटना से संबंधित वीडियो प्रमाण हैं और वह पुलिस की चल रही जांच में सहयोग कर रहे हैं। उसने राजनीतिक प्रभाव के कारण जेल से बाहर रहने के आरोप को भी खारिज किया और कहा कि पॉडकास्ट में उसके कुछ बयान व्यंग्य या मजाक के तौर पर कहे गए थे।

संसद मार्ग थाने के बाहर कांग्रेस, सीजेपी, दो सांसदों का प्रदर्शन

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी से पहले कांग्रेस और CJP के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया था। संगठन ने पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की थी। प्रदर्शन में CJP के नेताओं के अलावा आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी पहुंचे थे। CJP नेताओं ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वायरल वीडियो सामने आने के बावजूद कार्रवाई में देरी की गई। उन्होंने SC/ST एक्ट, हत्या के प्रयास और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं लगाने की मांग भी की। पुलिस ने राजनीतिक दबाव या किसी अनुचित प्रभाव के आरोपों को खारिज किया है।

स्वतंत्र भारद्वाज के राजनीतिक संपर्क

मामले को तब राजनीतिक रंग मिला है जब स्वतंत्र भारद्वाज की सोशल मीडिया गतिविधियों में बीजेपी और एनडीए से जुड़े कई प्रमुख नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आई हैं। Alt News और अन्य रिपोर्टों ने विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ उनकी तस्वीर का उल्लेख किया है। Alt News के अनुसार भारद्वाज ने 1 जुलाई को चिराग पासवान के साथ फोटो पोस्ट की थी। सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्टों में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कपिल मिश्रा, चिराग पासवान और अन्य बीजेपी नेताओं के साथ भारद्वाज की तस्वीरों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि चिराग पासवान ने फौरन दूरी बनाई। उन्होंने संसद मार्ग थाने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ लिखित शिकायत दी और कहा कि यह युवक उनके नाम का दुरुपयोग कर रहा है। चिराग पासवान ने उस पर कार्रवाई की भी मांग की। स्वतंत्र भारद्वाज ने कुछ मुस्लिम महिलाओं के फोटो एआई से बनाकर उन्हें आपत्तिजनक ढंग से सोशल मीडिया पर वायरल किया।