loader

महंगाई पर निर्मला को तमिलनाडु का जवाब - केंद्र सरकार फ्यूल पर टैक्स घटाए

तमिलनाडु ने केंद्र सरकार से कहा है कि केंद्र फ्यूल (ईंधन) पर अपने टैक्स घटाए, ताकि जनता को सस्ता पेट्रोल, डीजल आदि मिल सके। तमिलनाडु ने कहा कि ईंधन पर जीएसटी लगने के बाद तमिलनाडु जैसे राज्य की इस पर टैक्स लगाने की ताकत बहुत कम हो गई है। राज्य के पास अपनी आमदनी को बढ़ाने के लिए पर्याप्त रास्ते नहीं हैं। यह बात तमिलनाडु के वित्त मंत्री पीटीआर पलानीवेल त्यागराजन ने कही है।
पिछले सात वर्षों में, केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 23.42 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 28.23 रुपये प्रति लीटर टैक्स बढ़ा दिया है। नवंबर 2021 और मई 2022 में टैक्स में कमी की गई। पेट्रोल पर 13 रुपये और डीजल पर 16 रुपये घटाए गए। इसके बावजूद, टैक्स अभी भी 2014 की तुलना में पेट्रोल पर 10.42 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 12.23 रुपये प्रति लीटर से अधिक हैं। तमिलनाडु के वित्त मंत्री ने यह तथ्य बताते हुए कहा कि केंद्र को अपने टैक्स को और कम करे, इसका एकमात्र यही समाधान है।

ताजा ख़बरें
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 1 अगस्त को संसद में महंगाई, जीएसटी दरों में वृद्धि और पेट्रोल और डीजल पर करों पर दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए, त्याग राजन ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स को कम नहीं किया है, जबकि केंद्र सरकार ने अपने करों को कम कर दिया। 
तमिलनाडु के वित्त मंत्री ने कहा, केंद्र द्वारा पहली बार नवंबर 2021 में पेट्रोल और डीजल पर अपने करों को कम करने से पहले, तमिलनाडु ने अगस्त 2021 में पेट्रोल पर वैट में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर करों में कमी ने राज्य करों में 1.95 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। नतीजतन, पेट्रोल पर राज्य करों में कुल 4.95 रुपये प्रति लीटर की कमी आई है। इसी तरह, केंद्र सरकार द्वारा डीजल पर करों में कमी ने राज्य करों में 1.76 रुपये प्रति लीटर की कमी की है।
त्यागराजन ने कहा कि इसके अलावा, राज्य सरकार मत्स्य पालन और परिवहन विभागों को डीजल सब्सिडी प्रदान करती है। उन्होंने दावा किया कि पेट्रोल पर केंद्र की लेवी पिछले 7 वर्षों में काफी बढ़ गई है। हालांकि केंद्र के राजस्व में कई लाख करोड़ की वृद्धि हुई है, लेकिन राज्यों के राजस्व में एक समान वृद्धि नहीं हुई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ साझा करने योग्य मूल उत्पाद शुल्क को कम करते हुए पेट्रोल और डीजल पर उपकर और अधिभार में वृद्धि की है।

इसके अलावा, 3 नवंबर, 2021 को घोषित करों में केंद्र की कमी से तमिलनाडु को वार्षिक राजस्व में लगभग 1,050 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान होगा। मई 2022 में कमी से राज्य को वार्षिक राजस्व में 800 करोड़ रुपये का और नुकसान होगा।

जीएसटी लागू होने के बाद कर लगाने की राज्य की शक्ति बहुत कम हो गई है। राज्य के पास अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए पर्याप्त रास्ते नहीं हैं। इसलिए, यह केंद्र सरकार है जिसके पास आम आदमी की मदद करने के अवसर और संसाधन हैं और मैं केंद्र सरकार से आगे आने और अपने करों को कम करने का अनुरोध करता हूं।


-पीटीआर पलानीवेल त्यागराजन, वित्त मंत्री तमिलनाडु

मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या में तमिलनाडु की हिस्सेदारी 6.21 प्रतिशत है और सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सेदारी 9.16 प्रतिशत है। हालांकि, राज्य को केंद्रीय करों से हस्तांतरण के रूप में केवल 4.079 प्रतिशत मिलता है।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें