अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया है कि भारत और पाकिस्तान पर 200% टैरिफ लगाने की उनकी धमकी ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को खत्म कर दिया। उन्होंने दावा किया कि 11 जेट विमानों को मार गिराया गया। विपक्ष ने सरकार से सवाल पूछे हैं।
पीएम मोदी और यूएस राष्ट्रपति ट्रंप के बीच रिश्ते फिर से सुधरते नज़र आ रहे हैं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को देने का दावा कर रहे हैं। सवाल उठता है मोदी सरकार इस पर करारा जवाब अमेरिका और ट्रंप को क्यों नहीं दे रही है। विपक्षी दलों ने भारत की कड़ी प्रतिक्रिया न आने पर सवाल उठाए हैं। ट्रंप इन बयानों के साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तारीफ भी कर रहे हैं। हालांकि भारत में ट्रंप के इन दावों को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा, लेकिन सरकार कड़ा जवाब नहीं दे रही है। भारत ने सिर्फ इतना कहा है कि संघर्ष का समापन पाकिस्तानी डीजीएमओ की पहल पर हुआ था।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए सैन्य संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाई। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने दोनों देशों पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देकर युद्ध को रोका। यह दावा उन्होंने गुरुवार (19 फरवरी, 2026) को बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग में किया, जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने भी ट्रंप की तारीफ की।
विपक्ष दलों के तीखे सवाल- क्या डील ने सील लगा दी है
ट्रंप का बयान सामने आने के बाद भारत के प्रमुख विपक्षी दल तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा है- क्या DEAL ने मुँह पर SEAL लगा दी है? या तो बात साफ़ की जाए कि क्या हुआ था या बाहरी हस्तक्षेप के दावों को ख़ारिज किया जाए। अखिलेश ने कहा- भाजपाई राजनीति ने अब क्या संप्रभुता को भी गिरवी रख दिया है? देश के नागरिकों, किसानों, कारोबारियों और मज़दूरों का हित तो भाजपा सरकार ने इस डील के माध्यम से पहले ही गिरवी रख दिया है। जब देश में न खेती होगी, न कारखाने-मिलें चलेंगी, न छोटे-बड़े उद्योग तो आम जनता को काम-रोज़गार कहाँ मिलेगा। युवक-युवतियों का भविष्य कैसे बनेगा। ये देश के सम्मान का मामला है। स्पष्टीकरण अपेक्षित है। कांग्रेस ने एक्स पर लिखा है- मोदी को जवाब देना चाहिए- कि आपने देश के सम्मान का सौदा क्यों किया? आखिर आप ट्रंप से डरते क्यों हैं?
पैसे से बढ़कर कुछ नहीं, 11 जेट मार गिराए गएः ट्रंप
ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग में कहा, "मैंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। मैंने कहा, 'सुनो, अगर तुम दोनों इसे सुलझाओगे नहीं तो मैं तुम्हारे साथ कोई व्यापार सौदा नहीं करूंगा।'" ट्रंप ने आगे बताया कि उन्होंने दोनों देशों पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी, जिसके बाद दोनों देश पीछे हट गए। उन्होंने जोर देकर कहा, "पैसे से बढ़कर कुछ नहीं है। जब पैसे के नुकसान की बात आई, तो उन्होंने कहा, 'शायद हम लड़ना नहीं चाहते।'" ट्रंप ने यह भी दावा किया कि संघर्ष के दौरान 11 महंगे जेट विमान मार गिराए गए थे। पहले वे सात जेट्स का जिक्र करते थे, लेकिन अब संख्या बढ़ाकर 11 कर दी है।
भारत-पाकिस्तान संघर्ष अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकवादी हमले से शुरू हुआ था। 22 अप्रैल, 2025 को हुए इस हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में ट्राई-सर्विस मिलिट्री स्ट्राइक की। इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध टूट गए और तनाव चरम पर पहुंच गया। संघर्ष 10 मई, 2025 को एक 'सीजफायर समझौते' के साथ खत्म हुआ।
ट्रंप ने संघर्ष समाप्त होने से पहले ही अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर दावा किया था कि उन्होंने 'युद्ध रोका' है। बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के हवाले से कहा, "उन्होंने (पाकिस्तानी पीएम) हमारे चीफ ऑफ स्टाफ के सामने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोककर 25 मिलियन जिंदगियां बचाईं... वह युद्ध जोरों पर था। विमान गिराए जा रहे थे।"
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने मीटिंग में ट्रंप की प्रशंसा करते हुए कहा, "आपके समय पर और प्रभावी हस्तक्षेप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर हासिल करने में मदद की, जिससे लाखों लोगों की जान बच सकती थी। आप वाकई शांति के आदमी हैं और दक्षिण एशिया के लोगों के सच्चे रक्षक हैं।" भारत इस मीटिंग में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल था, लेकिन पूर्ण सदस्य नहीं है।
भारत का कहना है कि सीजफायर में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। पाकिस्तानी डीजीएमओ ने ही नई दिल्ली को ट्रूस के लिए कॉल किया था। ट्रंप के इन बार-बार के दावों के बावजूद भारत में इन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, क्योंकि आधिकारिक रिकॉर्ड्स अमेरिकी हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं करते। लेकिन भारत सरकार ट्रंप के बार-बार के दावों का कड़ा प्रतिवाद नहीं कर रही है।
ट्रंप के ताजा दावों में नई बात यह है कि उन्होंने जेट्स की संख्या बढ़ा दी है, जो उनके पहले के बयानों से अलग है। यह घटना ऐसे समय में चर्चा में है जब ट्रंप राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं और खुद को वैश्विक शांति के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं।