रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत को "विशेष चिंता का देश" घोषित किया जाना चाहिए और रॉ के साथ-साथ एक पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी विकास यादव उर्फ विक्रम यादव पर प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए।
भारतीय दूतावास ने इस रिपोर्ट पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। भारत सरकार पहले भी इस तरह के दावों को "गहरा पक्षपातपूर्ण" बताकर खारिज करती रही है। मोदी सरकार का कहना है कि उनकी नीतियां सभी समुदायों के लिए समान रूप से लाभकारी हैं।