इसराइली चैनल i24NEWS की एंकर शेरोन गैल ने पिछले साल एक इंटरव्यू में नेतन्याहू से पूछा था कि क्या वे "ग्रेटर इसराइल" के "नज़रिए" में यकीन रखते हैं, तो नेतन्याहू ने कहा "बिल्कुल"। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे "ग्रेटर इसराइल" के नज़रिए से जुड़ाव महसूस करते हैं, तो नेतन्याहू ने कहा: "बहुत अधिक।" नेतन्याहू का यह इंटरव्यू सामने आने के बाद अरब लीग के देशों ने नेतन्याहू की कड़ी निन्दा की थी। आज इसराइल पश्चिमी एशिया का नक्शा बदलने की कोशिश कर रहा है। ईरान पूरी ताकत से इसराइल को रोक रहा है लेकिन अरब देश आज इसराइल और अमेरिका के साथ इस युद्ध में खड़े हैं। 
अतिराष्ट्रवादी इसराइली भी "ग्रेटर इसराइल" की अवधारणा को एक विस्तारवादी नज़रिए के रूप में पेश करते हैं। जिसमें उनके मुताबिक कब्जे वाला वेस्ट बैंक, ग़ज़ा, लेबनान, सीरिया, मिस्र और जॉर्डन के कुछ हिस्से हैं। मौजूदा ईरान युद्ध में इसराइल लेबनान में ईरान से ज्यादा हमले कर रहा है। वो लेबनान के एक हिस्से में कब्जा करने जा रहा है। वो हिस्सा इसी ग्रेटर इसराइल का कथित हिस्सा है। लेबनान दुनिया से इसकी गुहार लगा रह है। लेकिन दुनिया के तमाम देश चुप हैं। ईरान से बड़ी लड़ाई लेबनान में चल रही है। इसराइली सेना लातीनी नदी के किनारे तक पहुंची हुई ह।
सवाल ये है कि आज ये सवाल इतना महत्वपूर्ण क्यों हो गया है। कांग्रेस के महासचिव और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शनिवार को इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से उठाया है। इसे समझने की ज़रूरत है।
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कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि इसराइल पश्चिम एशिया युद्ध की आड़ में "ग्रेटर इसराइल" के अपने सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे फ़िलिस्तीनी राज्य की सारी उम्मीदें खत्म हो रही हैं। कांग्रेस ने वेस्ट बैंक में इसराइल की कार्रवाइयों के खिलाफ आवाज़ न उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर हवाई बमबारी और ईरान की जवाबी कार्रवाई शुरू हुए 28 दिन हो चुके हैं।
रमेश ने X पर कहा, “पिछले चार हफ्तों में, जब दुनिया की निगाहें होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी देशों के हमलों पर टिकी थीं, तब इसराइल ने (1) ग़ज़ा के लोगों पर अपना अत्याचार जारी रखा; (2) दक्षिणी लेबनान में अपने लिए एक बड़ा बफर जोन बनाने की मुहिम शुरू की और (3) वेस्ट बैंक पर अपने कब्जे को स्थायी अधिकार में बदलने के लिए निर्णायक कदम उठाए।” उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा मौजूदा युद्ध इसराइल को ग्रेटर इजरायल के अपने सपने को आगे बढ़ाने का मौका दे रहा है और साथ ही फिलिस्तीनी राज्य की किसी भी उम्मीद को खत्म कर रहा है।

मोदी की इसराइल यात्रा के बाद नेतन्याहू की नीयत सामने आई

जयराम रमेश ने कहा, “मोदी के इसराइल से रवाना होने के ठीक दो दिन बाद अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर बमबारी शुरू कर दी। लेकिन लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि उनके इसराइल पहुंचने से कुछ ही दिन पहले, इसराइली कैबिनेट ने 1967 के बाद पहली बार कब्जे वाले वेस्ट बैंक के लगभग आधे हिस्से में भूमि पंजीकरण को मंजूरी दी थी।” कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “इससे लाखों फिलिस्तीनियों को बेदखल होना पड़ेगा। लेकिन मोदी में अपने अच्छे दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू के सामने आवाज उठाने और सच बोलने का साहस नहीं है।”
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कांग्रेस ने पिछले महीने प्रधानमंत्री मोदी की इसराइल यात्रा की कड़ी आलोचना की थी, जबकि इसराइल ग़ज़ा में नागरिकों पर "निर्दयतापूर्वक" हमले जारी रखे हुए है। अभी तक ग़ज़ा में इसराइल 72 हज़ार लोगों की हत्या कर चुका है। कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार ने फ़िलिस्तीनियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बारे में खोखले और पाखंडी बयान दिए हैं, लेकिन वास्तविकता में उसने उन्हें त्याग दिया है। 
रमेश ने पिछले महीने कहा था कि कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में इसराइल द्वारा हज़ारों फ़िलिस्तीनियों को बेदखल और विस्थापित करने का सिलसिला तेज़ हो गया है और इसकी दुनिया भर में निंदा हो रही है।