देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन आतानु चक्रवर्ती ने बुधवार देर रात बोर्ड से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बैंक के अंदर कुछ घटनाओं, अपने व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप न बताते हुए इस्तीफे का आधार बताया। बैंक की फाइलिंग में यह जानकारी दी गई। उनके इस्तीफे की वजह से एचडीएफसी बैंक के शेयर 19 मार्च को पांच फीसदी तक गिर गए।

चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा, “पिछले दो वर्षों में बैंक के अंदर जो कुछ घटनाएं और चलन मैंने देखा है, वे मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे इस फैसले का आधार है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “मेरे इस्तीफे का कोई अन्य सामग्री कारण नहीं है, सिवाय ऊपर बताए गए के।”
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने पूर्व एचडीएफसी वाइस चेयरमैन केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
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आतानु चक्रवर्ती, जो पहले वित्तीय सेवाएं विभाग में उच्चाधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं, मई 2021 में एचडीएफसी बैंक बोर्ड में शामिल हुए थे। उनके कार्यकाल के दौरान बैंक का एचडीएफसी के साथ विलय हुआ, जिससे भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक (संपत्ति के आधार पर) बना। यह विलय बैंक के लिए ऐतिहासिक रहा।
एचडीएफसी बैंक भारत के तीन सिस्टेमिकली इंपॉर्टेंट बैंक (SIB) में से एक है, साथ में आईसीआईसीआई बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया। यह देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी है (रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद), जिसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन 12.9 लाख करोड़ रुपये है और डिपॉजिट 28.5 लाख करोड़ रुपये हैं।
चेयरमैन के अचानक इस्तीफे से निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। एक पूर्व एचडीएफसी बैंक कर्मचारी ने कहा, “चेयरमैन और सीनियर मैनेजमेंट के बीच कई मुद्दों पर तालमेल की कमी की अफवाहें थीं, लेकिन ये खुलकर चर्चा में नहीं आईं।”
इस्तीफा पत्र में चक्रवर्ती ने बोर्ड और सीनियर मैनेजमेंट को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया तथा स्वतंत्र और गैर-कार्यकारी निदेशकों की सराहना की, जिन्होंने बोर्ड और समितियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने बैंक के मध्य और जूनियर स्तर के कर्मचारियों में जोश की भी तारीफ की, जिसे उन्होंने “संगठन” का आधार बताया।

एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 5% तक की भारी गिरावट

चेयरमैन के इस्तीफे की खबर के बाद 19 मार्च को एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। शेयर 5% तक गिरकर 52-वीक लो पर पहुंच गए। पिछले सत्र के बंद भाव 845.35 रुपये के मुकाबले गुरुवार सुबह कारोबार के दौरान शेयर 805 रुपये के स्तर तक फिसल गए, जो करीब 4.5 से 5 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। बैंक निफ्टी भी 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटा। निवेशक इस अचानक घटनाक्रम से सतर्क हो गए हैं।
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यह इस्तीफा बैंक की गवर्नेंस और भविष्य की रणनीति पर सवाल उठा रहा है, हालांकि बैंक ने कहा है कि चेयरमैन ने कोई अन्य कारण नहीं बताया। एचडीएफसी बैंक की यह घटना बाजार की नजर में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सिस्टेमिक रूप से महत्वपूर्ण बैंक है।