आयकर विभाग ने वेतनभोगियों द्वारा ITR में किए गए 'छूट के दावों' की जांच के लिए देशभर में छापेमारी शुरू की है। जानिए किन कारणों से यह कार्रवाई की गई और किसे निशाना बनाया गया है।
जांच में पाया गया कि कई इंटरमीडियरी फर्जी चंदे की व्यवस्था कर रहे थे, जिनमें कुछ मामलों में फंड को काल्पनिक संगठनों के माध्यम से भेजा गया, ताकि करदाताओं की कर देनदारी को कम दिखाया जा सके।