loader

महबूबा का आरोप- मुझे फिर से अवैध हिरासत में लिया गया

एक साल से ज़्यादा समय तक हिरासत में रहीं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया है कि उन्हें 'फिर से अवैध हिरासत' में लिया गया है। उनका आरोप है कि दो दिनों से जम्मू-कश्मीर प्रशासन पुलवामा में उन्हें जाने की अनुमति नहीं जाने दे रहा है। उनका कहना है कि वह अपनी पार्टी पीडीपी के युवा ईकाई अध्यक्ष वहीद रहमान के परिजनों से मिलने जाना चाहती हैं। महबूबा ने कहा है कि उनकी बेटी इल्तिजा को घर में नज़रबंद कर दिया गया है। 

महबूबा मुफ़्ती ने इसको लेकर ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'मुझे फिर से अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है। दो दिनों से जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने मुझे पुलवामा में वहीद के परिवार से मिलने जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। बीजेपी के मंत्रियों और उनके कठपुतलियों को कश्मीर के हर कोने में घूमने की अनुमति है, लेकिन सुरक्षा केवल मेरे मामले में एक समस्या है।'

इसके साथ ही उन्होंने अपनी बेटी के हिरासत में लिए जाने के बारे में भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'उनकी क्रूरता की कोई सीमा नहीं है। वहीद को आधारहीन आरोपों में गिरफ्तार किया गया था और मुझे उसके परिवार को सांत्वना देने की भी अनुमति नहीं है। यहाँ तक ​​कि मेरी बेटी इल्तिजा को भी घर में नज़रबंद रखा गया है क्योंकि वह भी वहीद के परिवार से मिलना चाहती थी।'

उन्होंने कहा है कि वह इस मामले में आज ही प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगी। 

महबूबा मुफ़्ती जिस वहीद रहमान के परिवार से मिलने जाना चाहती हैं उन्हें नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी ने बुधवार को आतंकियों से संबंध के आरोपों में गिरफ़्तार किया है। आरोप लगाया गया है कि एक आतंकवादी मामले में हिज़बुल मुजाहिदीन के कमांडर नवीद बाबू से वहीद रहमान के संबंध हैं। 

ख़ास ख़बरें

एनआईए का कहना है कि उनका नाम निलंबित पुलिस उपाधीक्षक दविंदर सिंह के मामले में जाँच के दौरान सामने आया, जिन्हें इस साल की शुरुआत में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर एक वाहन में हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों को ले जाते हुए गिरफ्तार किया गया था।

माना जाता है कि वहीद रहमान महबूबा के क़रीबी हैं। वहीद दक्षिणी कश्मीर में पीडीपी को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खासकर उग्रवाद प्रभावित पुलवामा में जहाँ से उन्होंने डीडीसी चुनावों के लिए अपना नामांकन भी दाखिल किया है।

बता दें कि हाल ही में महबूबा मुफ़्ती को रिहा किया गया है। पिछले साल पाँच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म कर दो हिस्सों में बाँटने के दौरान महबूबा सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। वह एक साल से ज़्यादा हिरासत में रखी गईं। नेशनल कॉन्फ़्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला की रिहाई के बाद ही महबूबा को रिहा किया जा सका। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए


गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

जम्मू-कश्मीर से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें