स्पीकर ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा कि बाग़ी विधायकों को उनके समक्ष उपस्थित होने का अब और मौक़ा नहीं मिलेगा और अब यह अध्याय बंद हो चुका है। इसका क्या मतलब है? जब अध्याय बंद हो चुका है तो फिर बाक़ी के बाग़ी विधायकों पर फ़ैसला बाद में क्यों?
स्पीकर ने कहा कि दलबदल विरोधी क़ानून के तहत अयोग्य क़रार दिए गए सदस्य चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। यानी विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने तक वे निर्वाचित नहीं हो सकते हैं। बता दें कि यदि समय से पहले विधानसभा भंग हुई तभी 2023 से पहले ये चुनाव लड़ पाएँगे।