Vd satheesan को केरल में कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया गया है। विधायकों ने आमराय से कांग्रेस आला कमान को इसकी घोषणा का अधिकार दिया था। दस दिनों तक चली उठापटक के बाद यह नतीजा सामने आया। केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला भी दावेदार थे।
वीडी सतीशन केरल के सीएम बनेंगे। उन्हें गुरुवार को विधायक दल का नेता चुना गया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और इससे पहले विपक्ष के नेता रहे वी.डी. सतीशन केरल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद दस दिनों तक चली लंबी बातचीत के बाद यह घोषणा कांग्रेस ने की है। कांग्रेस हाई कमांड ने छह बार के विधायक और राज्य में पार्टी के सबसे लोकप्रिय चेहरों में से एक सतीशन को चुना है, जबकि अन्य वरिष्ठ नेताओं केसी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला की संभावनाओं को दरकिनार कर दिया है। इन तीनों नामों पर पार्टी के भीतर काफी चर्चा हुई थी, जिसके चलते पिछले 10 दिनों से केरल में गुटबाजी चरम पर थी। केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला ने वीडी सतीशन को सीएम नामित किए जाने का समर्थन किया है। चेन्निथला तो विधायक दल की बैठक में भी थे।
दिल्ली में हुई घोषणा
कांग्रेस नेता दीपा दासमुंसी ने दिल्ली में सतीशन के नाम का ऐलान करते हुए बताया- "कांग्रेस विधायक दल की तिरुवनंतपुरम में बैठक हुई थी और आमराय से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष को केरल में सीएलपी के नए नेता की नियुक्ति का अधिकार दिया जाए। पार्टी ने वी.डी. सतीशन को सीएलपी का नेता नियुक्त करने का निर्णय लिया है।"
हालांकि पहले ऐसी खबरें आईं थी कि कांग्रेस विधायक दल के अधिकांश सदस्य कथित तौर पर एआईसीसी महासचिव वेणुगोपाल के पक्ष में थे। वहीं सतीशन को पिछले पांच वर्षों में पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरने के बाद व्यापक जनसमर्थन प्राप्त था, खासकर 2022 में पार्टी को मिली चुनावी हार के बाद। हालांकि तीनों नेता मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा करने के लिए दृढ़ थे। सूत्रों के अनुसार सतीशन को नियुक्त करने का निर्णय अंततः पार्टी नेतृत्व और अन्य मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के बीच आम सहमति से लिया गया।
वीडी सतीशन का बयानः यह मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है
केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वी.डी. सतीशन ने कहा, "मैं इस पद को व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि ईश्वरीय आशीर्वाद मानता हूं। एआईसीसी की सभी गतिविधियों का समन्वय के.सी. वेणुगोपाल ने किया। उनका सहयोग अमूल्य था। रमेश चेन्निथला भी मेरे नेता हैं। मैं इन सभी को पूर्ण विश्वास में लूंगा। मैं केरल के हर वर्ग के लोगों का समर्थन चाहता हूं। एक नए केरल का निर्माण केवल सामूहिक प्रयासों से ही हो सकता है। कोई भी इसे अकेले नहीं कर सकता; एक टीम इसे हासिल कर सकती है।"
सतीशन के नाम का ऐलान के बाद केसी वेणुगोपाल का बयान
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली में गुरुवार को कहा कि "अंतिम निर्णय आ गया है और कांग्रेस आलाकमान ने केरल सरकार के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में वीडी सतीशन को चुना है। मैं इस फैसले का तहे दिल से स्वागत करता हूं। मैं वीडी सतीशान को इस पद के लिए बधाई देता हूं। मुझे लगता है कि केरल की जनता ने यूडीएफ को एक बड़ा समर्थन दिया है। वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार केरल की जनता की आकांक्षाओं और वादों को पूरा कर सकती है। निश्चित रूप से, हम केरल सरकार के साथ पूरी तरह से खड़े हैं।"
पार्टी के नेतृत्व वाले मोर्चे की 102 सीटों की शानदार जीत का श्रेय व्यापक रूप से सतीशन को दिया जाता है, जो आक्रामक चुनाव प्रचार और एक व्यापक गठबंधन के गठन के कारण संभव हो पाई। उन्होंने प्रमुख राजनीतिक मंचों पर भ्रष्टाचार के आरोपों, शासन संबंधी मुद्दों और आर्थिक चिंताओं को लेकर पिनारयी विजयन के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार पर विपक्ष के हमलों का नेतृत्व भी किया।
हालांकि पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए सतीशन का नाम सर्वमान्य उम्मीदवार के रूप में उभरा था, भले ही पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए किसी उम्मीदवार को नामित नहीं किया था। लेकिन केसी वेणुगोपाल की दावेदारी की वजह से कांग्रेस आलाकमान के निर्णय लेने में मुश्किल आ रही थी। माना जाता है कि वेणुगोपाल को नव निर्वाचित विधायकों के बहुमत का समर्थन प्राप्त था, जिनमें से कई उनके प्रति वफादार माने जाते थे, साथ ही गांधी परिवार के साथ उनके घनिष्ठ संबंध भी थे। लेकिन जमीनी हकीकत सतीशन के पक्ष में थी।