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पीएम पद पर फ़ैसला बाद में करने पर राज़ी सभी बीजेपी विरोध दल

कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर हुई एक विशाल रैली में मौजूद सभी बेजेपी-विरोधी दलों के नेता इस बात पर एकमत दिखे कि प्रधानमंत्री कौन बने, इस पर बात में विचार किया जाएगा। फ़िलहाल बीजेपी को हराना और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद से हटाना ही लक्ष्य है। मोटे तौर पर सफल कही जाने वाली इस रैली में जहां लाखों की तादाद में लोग मौजूद थे, वहीं लोगों के निशाना पर सिर्फ़ और सिर्फ़ नरेंंद्र मोदी ही थे। 
लगभग 25 दलों के नेताओं ने इसमें शिरकत की। सभी ने एकसुर से मोदी पर हमला बोला और बीजेपी को हराने की बात की। नेशनल कॉन्फ्रेंस के फ़ारूक़ अब्दुल्ला, एनसीपी के शरद पवार, बीजेपी के बागी नेता शत्रुघ्न सिन्हा और यशवंत सिन्हा, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल समेत लगभग सभी नेता ने यही कहा कि प्रधानमंत्री कौन बनेगा, यह कोई समस्या नहीं है। कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री पद पर निर्णय बाद में हो जाएगा, फ़िलहाल मोदी को हटाने के लिए मिल कर काम करना ज़रूरी है। 
यह पूरा शो ममता बनर्जी का था और यह माना जाता था कि मंच से उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की माँग कोई उठा सकता है। पर ऐसा नहीं हुआ। तृणमूल कांग्रेस की ओर से सिर्फ़ बनर्जी बोलीं और उन्होंने अपनी बात मोदी पर हमला करने तक सीमित रखीं। 
ममता बनर्जी ने यह ज़रूर कहा कि जिस राज्य में जो दल मजबूत है और बीजेपी को हराने की स्थिति में है, वहां बाकी सभी दल उसका समर्थन करें। उनका इशारा अपने राज्य पश्चिम बंगाल की ओर ही था। वे पहले भी यह कह चुकी हैं कि अपने राज्य में उनकी पार्टी ही बीजेपी को शिकस्त दे सकती है, लिहाज़ा तमाम दल वहां उसका समर्थन करें।
बीजेपी का पुरज़ोर विरोध करने वाली पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी का कोई नेता इस विशाल रैली में नहीं गया। सीपीआईएम और तृणमूल राज्य में एक दूसरे के विरोधी हैं और वे एक साथ चुनाव लड़ें, इसकी संभावना निहायत ही कम है। 
लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए ज़रूरी है कि बीजेपी और नरेंद्र मोदी को हटाया जाए। वे देश के लिए घातक हैं और इसे बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पद के बारे में सिर्फ़ इतना कहा कि इस मामले पर बात में बैठक होगी, समय आने पर किसी नेता का चुनाव होगा। पर फ़ौरी ज़रूरत मोदी को हटाना है और यही लक्ष्य होना चाहिए। 

ईवीएम नहीं, बैलट पेपर

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी के नेता चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री पर ज़बरदस्त हमला करते हुए कहा कि वे सिर्फ़ दिखावा करते हैं, कोई ठोस काम नहीं करते। हमें ऐसे प्रधानमंत्री की ज़रूरत है जो देश की समस्याओं का हल निकाले, किसानों-मजदूरो के लिए काम करे। इसलिए मोदी को पद से हटाना ज़रूरी है। उन्होंने मोदी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इसने रफ़ाल सौदे में घपला किया है, अदालत में ग़लत दस्तावेज़ दिए हैं, फ़र्ज़ीवाड़ा किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्नाटक की चुनी हुई जनता दल के साथ कुछ बुरा हुआ तो बीजेपी को गंभीर नतीजे भुगुतने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में घपला करती है, छेड़छाड़ करती है, इसलिए इन मशीनों का विरोध किया जाना चाहिए। उन्होंने फिर से बैलट पेपर से वोट करवाने की माँग की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस साल नया प्रधानमंत्री चुना जाएगा। पर उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। 

जो पाकिस्तान नहीं कर सका, बीजेपी ने किया

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर चोट करते हुए कहा कि जो काम पाकिस्तान 70 साल मे नहीं कर पाया, वह काम मोदी-शाह की जोड़ी करने जा रही है। वह देश को हिन्दू-मुसलमान के नाम पर बाँट रहे हैं। वे देश को टुकड़े-टुकड़े कर देंगे। उन्हें हटाना ज़रूरी है। सच्चे देश भक्त हो तो मोदी-शाह को भगाओ। इस बार का चुनाव प्रधानमंत्री चुनने के लिए नहीं, मोदी और शाह को भगाने के लिए है। 

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने बीजेपी पर चोट करते हुए कहा कि वे यह बताएँ कि प्रधानमंत्री पद के लिए उनके पास नरेंद्र मोदी के अलावा दूसरा कौन चेहरा है। उनके पास कोई जवाब नहीं होगा।
उनके पास एक ही चेहरा है और उस व्यक्ति ने पूरे देश के साथ धोखा किया है, लोगों को निराश किया, उनका कोई काम नहीं किया है। ऐसे में वे यह सवाल न करें कि हमारे पास कौन चेहरा है। अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री के रूप में ममता बनर्जी के नाम को कोई चर्चा नहीं की, सिर्फ़ यह कहा कि विपक्ष के पास प्रधानमंत्री के मुद्दे पर कोई संकट नहीं है। 

'झूठी सरकार'

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने कहा कि ऐसी झूठ बोलने वाली सरकार कभी नहीं आई। जो कर्नाटक में हुआ वह एमपी में भी हो सकता है। विपक्ष एकजुट होकर ही मोदी को हटा सकता है। यह सरकार हर संस्थान को बर्बाद करने पर तुली है। बीजेपी के हर उम्मीदवार के ख़िलाफ़ विपक्ष का सिर्फ़ एक उम्मीदवार होना चाहिए।

 राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफ़ी माँगनी चाहिए। 

 बीजेपी के बाग़ी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि यह लड़ाई मोदी के ख़िलाफ़ नहीं विचारधारा के ख़िलाफ़ है। मोदी सरकार हर लोकतांत्रिक व्यवस्था को बर्बाद करने में लगी है। यह लड़ाई लोकतंत्र बचाने की है। सरकार का विरोध करने वाले देश विरोधी नहीं हैं। मुझे अब जीवन में कुछ नहीं चाहिए लेकिन सिर्फ़ इस सरकार को सत्ता से हटाना ही मेरा लक्ष्य है। 

 रैली में हार्दिक पटेल ने कहा- देश को बचाने के लिए आज विपक्ष एकजुट हुआ है। जैसे सुभाष बाबू देश के लिए गोरों से लड़े थे वैसे ही हमें इन चोरों से मिलकर लड़ना होगा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बीजेपी सरकार में दलितों और आदिवासियों का शोषण हुआ है। 

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