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चुनाव के पहले चरण में ज़बरदस्त वोटिंग, 60 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े

लोकसभा चुनाव में पहले चरण का मतदान शाम को पूरा हो गया। मतदान सुबह सात बजे ही शुरू हो गया था। कश्मीर में अलगाववादियों की बंद की अपील और माओवाद प्रभावित इलाक़ों में चुनाव के बहिष्कार के बावजूद बड़ी तादाद में लोगों ने वोट डाला। अधिकतर जगहों पर 60 प्रतिशत से ज़्यादा मतदान हुआ, कुछ जगहों पर तो यह 78 प्रतिशत तक पहुँच गया। चुनाव आयोग ने मतदान ख़त्म होने के बाद हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अंडमान व निकोबार में 70.67 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 66 प्रतिशत और तेलंगाना में 60  प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दूसरी ओर, उत्तराखंड में 57.85 फ़ीसदी, छत्तीसगढ़ में 56 फ़ीसदी तो जम्मू-कश्मीर में 54.49 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया। 

सबसे ज़्यादा 81.8 प्रतिशत वोट त्रिपुरा में पड़े तो पश्चिम बंगाल में 81 फ़ीसदी लोगों ने वोट डाले। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के नागालैंड और मणिपुर में 78 प्रतिशत तो असम में 68 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 
Brisk voting in first phase of Loksabha polls - Satya Hindi

यह मतदान मोटे तौर पर शांतिपूर्ण रहा और छिटपुट वारदात छोड़ हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं हुई। आंध्र प्रदेश में एक जगह वाईएसआर कांग्रेस और तेलुगुदेशम पार्टी के समर्थकों में मारपीट हुई और पुलिस को लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ना पड़ा। इसी तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना में फ़र्जी वोटिंग के आरोप पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़पें हुई, पुलिसवालों पर पथराव किए गए। बाद में पुलिस ने गोलियाँ चला दीं, लेकिन इसमे किसी के जख़्मी होने की ख़बर नहीं है। 

ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें

इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के ख़राब होने की छिटपुट शिकायतें आती रहीं, पर इस वजह से चुनाव पर कोई बहुत बड़ा असर नहीं पड़ा। पश्चिम बंगाल के कूच बिहार ज़िले के एक बूथ पर ईवीएम ख़राब होने की वजह से देर से मतदान शुरू हुआ। इसी तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आरोप लगाया गया कि एक बूथ पर बहुजन समाज पार्टी के हाथी का का बटन दबाने से बीजेपी को वोट पड़ता देखा गया। पर इसकी सच्चाई की पुष्टि नहीं की जा सकी है। 

टीडीपी ने की 150 केंद्रों पर पुनर्मतदान की माँग

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबून नायडू में वहां लोकसभा के साथ ही रहे विधानसभा चुनाव के दौरान गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने 150 बूथों पर फिर से मतदान कराने की माँग की है।

बसपा का आरोप

बहुजन समाज पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रशासन के लोगों ने दलित समुदाय के लोगों को वोट नहीं डालने दिया है उन्होंने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत भी की है। पार्टी के नेता सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि उन्होंने इसकी लिखित शिकायत की है। 
पहले चरण के मतदान में लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है। दोपहर बाद तीन बजे तक लगभग 55 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। आंध्र प्रदेश और सिक्किम में 55 प्रतिशत और अरुणाचल में 51 प्रतिशत वोट पड़ने की ख़बर है। 
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उत्तर प्रदेश के अमेठी संसदीय सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है। वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को चुनौती दे रही हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने इसी सीट से राहुल गाँधी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ा था और हार गई थीं। यह संसदीय सीट राहुल की पारंपरिक सीट है और यहाँ उनकी स्थिति मजबूत समझी जाती है। माना जाता है कि वह इस बार राहुल को कड़ी टक्कर दे सकती हैं। 

पथराव, गोलीबारी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना संसटीय सीट पर एक जगह फ़र्ज़ी वोटिंग के मुद्दे पर ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों में झड़प हुई। इसके बाद ग्रामीणों में पथराव किया। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने गोलियाँ चला दीं। किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है। लेकिन गोलीबारी की वजह से इलाक़े में तनाव है।  
यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गाँधी ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली से संसदीय चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है। पहले यह समझा जाता था कि वह इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगी। पर उनके मैदान में उतरने से इस चुनाव क्षेत्र में मुक़ाबला दिलचस्प हो गया है। वह रायबरेली से लगातार चुनाव लड़ती और जीतती रही हैं। 

सोनिया, स्मृति ने पर्चा भरा

यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गाँधी ने रायबरेली पूजा अर्चना की और उसके बाद हवन किया। उसके बाद वह रोड शो के लिए निकल गईं। उनका रोड शो फ़िलहाल चल रहा है, जिसमें बड़ी तादाद में लोगों ने भाग लिया। इसका सांकेतिक महत्व है, क्योंकि बीजेपी की साइबर सेना के लोग सोनिया के धर्म को लेकर उन पर तंज करते रहते हैं। वे कांग्रेस पर मुसलमान समर्थक के साथ ही हिन्दू विरोधी होने का आरोप भी लगाते रहते हैं। समझा जाता है कि सोनिया गाँधी ने पूजा-हवन कर इसका जवाब देने की कोशिश की है। यह भी समझा जाता है कि यह बीजेपी के उग्र हिन्दुत्व के जवाब में कांग्रेस का सॉफ़्ट हिन्दुत्व है। 
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी में चुनाव का पर्चा भरने के पहले रोड शो किया, जिसमें बड़ी तादाद में लोग मौजूद थे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। इसके पहले उन्होंने पूजा अर्चना की। समझा जाता है कि योगी आदित्यनाथ का रोड शो में भाग लेना यह संकेत देता है कि स्मृति ईरानी उग्र हिन्दुत्व के अजेंडे को ही आगे ले जाएँगी। 

आंध्र में मारपीट, लाठीचार्ज

आंध्र प्रदेश के पुथलपट्टू सीट के बांदरलापल्ली इलाक़े में तेलुगु देशम पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस के समर्थकों में झड़प, हुई। स्थानीय पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने मारपीट कर रहे कार्यकर्ताओं को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। 

फ़र्ज़ी मतदान का आरोप ख़ारिज

चुनाव आयोग ने फ़र्ज़ी मतदान के आरोप को सिरे से ख़ारिज कर दिया है। मुज़फ़्फ़रनगर के बीजेपी उम्मीदवार संजीव बालियान ने कहा था कि बुर्क़ा पहले मुसलिम महिलाएँ वोट डाल रही है। कुछ महिलाएँ बुर्क़े की आड़ में कई बार वोट डाल रही है। इस तरह फ़र्ज़ी मतदान हो रहा है। मुख्य चुनाव आयोग ने इस आरोप को ख़ारिज करते हुए कहा कि हर मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने के बाद ही उसे वोट डालने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहचान सुनिश्चित किए बग़ैर किसी को वोट डालने नहीं दिया जाएगा। 
इसके पहले मुज़फ़्फ़रनगर के बीजेपी उम्मीदवार संजीव बालियान ने मुसलिम महिलाओ के बुर्क़े में वोट डालने का विरोध किया है। उनका तर्क है कि एक महिला कई बार वोट डाल सकती है, उन्हें पहचानना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है। यह नहीं रुका तो वह पुनर्मतदान की माँग करेंगे। बालियान ने फ़र्जी वोटिंग का आरोप लगाया है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी का आरोप भी मढ़ा है। 
कैराना से महागठबंधन की उम्मीदवार और समाजवादी पार्टी की नेता तबस्सुम हसन ने कहा है कि बुर्के में वोट डालने का विरोध करना बदतमीज़ी है। आप किसी का विरोध सिर्फ बुर्क़े के आधार पर नहीं कर सकते, उन्होंने कहा। 
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गर्मी और धूप से बचने के लिए कई जगहों पर लोग सुबह-सुबह ही मतदान केंद्रों पर पँहुच गए। लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। इस वजह से सुबह 11 बजे तक अनुमान से अधिक वोट पड़े। नोयडा और गौतम बुद्ध नगर के दूसरे इलाक़ों, मेरठ और ग़ाज़ियाबाद में सुबह के 11 बजे तक 25 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े। पूर्वोत्तर के मेघालय में 27 फ़ीसदी वोट गिरे हैं। इसी तरह तेलंगाना में 23 प्रतिशत और उत्तराखंड में 24 प्रतिशत लोगों ने 11 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 
लोकसभा चुनाव का पहला चरण एक नज़र में। 18 राज्यों और 2 केंद्र शासित क्षेत्रों की 91 सीटों पर हो रहा है मतदान। इसमें कई मंत्रियों और विपक्ष के बड़े नेताओं का भविष्य भी दाँव पर है। कई जगहों पर ज़ोरदार मतदान की ख़बरें आ रही हैं। जम्मू-कश्मीर में बंद का असर नहीं, जम्मू के अलावा घाटी में हो रहा है मतदान। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाक़ों में लोग बड़ी तादाद में वोट डालने आ रहे हैं। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार वोट डालने वालों से अपील की है कि वे बड़ी से बड़ी संख्या में अपने-अपने घरों से निकल कर मतदान करें। 

विकलागों, बुजुर्गों ने भी किया मतदान

बुजुर्गों ने भी बढ़ चढ़ कर मतदान में हिस्सा लिया है। पश्चिम बंगाल में एक जगह लगभग 100 साल के व्यक्ति ने किया मतदान। इसी तरह शारीरिक रूप से अक्षम लोगों की भी दिलचस्पी देखी गई और उन्होंने मतदान किया। 
पश्चिम बंगाल के कूच बिहार ज़िले में एक मतदान केंद्र पर ईवीएम में ख़राबी पाई गई। कुछ देर तक मतदान रुका रहा। इस तरह की शिकायतें बीच-बीच में कई जगहों से आईं, पर कोई बड़ी शिकायत नहीं मिली। 

अलगावादियों का बंद, माओवादियों का बहिष्कार

छत्तीसगढ़ में माओवादी विद्रोहियों ने मतदान का बहिष्कार किया है। राज्य के नारायणपुर में एक जगह आईईडी में विस्फ़ोट हुआ है। लेकिन किसी के घायल होने या मारे जाने की ख़बर नहीं है। इसी तरह महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से भी विस्फोट की खबर आई है। 
अलगाववादियों ने जम्मू-कश्मीर में बंद की अपील की थी। लेकिन लोग अपने-अपने घरों से निकल कर वोट डालने आ रहे हैं। कुछ बूथों पर लंबी लाइनें भी देखी गईं। समझा जाता है कि बंद की अपील का कोई ख़ास असर नहीं है। राज्य की दो लोकसभा सीटों के लिए मतदान हो रहे हैं। 
कुछ जगहों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के ख़राब होने की छिटपुट ख़बरेें आईं। आंध प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने पोलिंग शुरू होते ही सपरिवार वोट डाला। 
जम्मू-कश्मीर के अलगाववादियों ने मतदान के ही दिन बंद की अपील कर रखी थी। इसका कोई ख़ास असर नहीं देखा गया। जम्मू ही नहीं, बारामूला और घाटी के दूसरे इलाक़ों में भी लोग लोगों ने बड़ी तादाद में वोट दिया। लोग अपने घरों से सुबह ही निकल मतदान केंद्रों तक पहुँच गए थे। 
पहले चरण के मतदान में उम्मीद से अधिक वोट पड़े। अधिक वोट अमूमन सरकार के ख़िलाफ़ पड़ते हैं। इस लिहाज़ से यह कहा जा सकता है कि यह चरण बीजेपी के पक्ष में नहीं गया। लेकिन यह भी सच है कि अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाज़ी है और चुनाव के नतीजों का इंतजार किया जाना चाहिए। 

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