भले ही हटाये गये कांग्रेस समर्थित पेजों की संख्या ज़्यादा हों, लेकिन बीजेपी को 'सिल्वर टच' वाला नुक़सान कहीं ज़्यादा चुभने वाला लगता है।
'द क्विंट' ने 'एनडीटीवी' की 2017 में की गयी एक पड़ताल की रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसमें भार्गव जानी नाम के व्यक्ति का नाम आया था जिसने ख़ुद को लिंक्डइन पर बीजेपी का सोशल मीडिया मैनेजर बताया था। जानी ने यह भी बताया था कि प्रधानमंत्री ट्विटर पर उनको फॉलो करते हैं। इसके साथ ही जानी ने तब ख़ुद को सिल्वर टच टेक्नॉलजी में दिसंबर 2016 से ही सोशल मीडिया मैनेजर भी बताया था।एनडीटी की रिपोर्ट के अनुसार सिल्वर टच के पोर्टफ़ोलियो में 46 सरकारी वेबसाइटों का ज़िक्र किया गया है और इसमें राष्ट्रपति, विदेश मंत्रालय जैसे विभागों के लिए ऐप विकसित करने का दावा किया गया है।ऑल्ट न्यूज़ ने हिमाँशु जैन नाम के एक व्यक्ति के हवाले से भी 'द इंडिया आई', सिल्वर टच और बीजेपी के बीच जुड़ाव को बताया है। हिमाँशु जैन सिल्वर टच के पूर्णकालिक निदेशक हैं। 'द इंडिया आई' वेबसाइट का डोमेन नेम भी हिमाँशु जैन के नाम से 24 जून 2016 को दर्ज किया गया। उसी दिन 'चेंजिंग इंडिया' नाम के फ़ेसबुक पेज को 'द इंडिया आई' कर दिया गया। वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार हिमाँशु जैन का फ़ेसबुक पेज 'द इंडिया आई' पेज से जुड़ा हुआ दिखा था। इसके अलावा 'द इंडिया आई' फ़ेसबुक पेज पर दर्ज फ़ोन नंबर से ही 'HeMan NAMO' नाम का एक ट्विटर हैंडल था।