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बीजेपी के घोषणापत्र में सिर्फ़ एक व्यक्ति के मन की बात: कांग्रेस

बीजेपी के घोषणापत्र पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने बीजेपी के संकल्प पत्र को 'झाँसापत्र' बताया है। बीजेपी के घोषणापत्र के बाद कांग्रेस की ओर से रणदीप सिंह सुरजेवाला, अहमद पटेल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की। सुरजेवाला ने कहा कि पिछले घोषणापत्र में बीजेपी ने जो वादा किया था उसका ज़िक्र ही नहीं है।

कांग्रेस ने कहा है कि घोषणापत्र की तसवीर बताती है कि हमारे लिए देश के लोग महत्वपूर्ण हैं और उनके लिए अपना चेहरा। इसने कहा कि हमारे घोषणापत्र में देश के करोड़ों लोगों के विचारों का समावेश है, जबकि बीजेपी के घोषणापत्र में सिर्फ़ एक व्यक्ति के 'मन की बात'। अब देश अपने 'मन का फ़ैसला' सुनाएगा।

2 करोड़ रोजगार का क्या हुआ?

कांग्रेस ने कहा कि 2 करोड़ रोजगार, किसानों की आय दुगुनी करने और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस बुरी तरह फ़ेल रही है। कांग्रेस ने कहा, मोदी सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी लागू कर आम जनता को लूटने का काम किया और जनता से इकट्ठा किए गए पैसे को नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे चंद उद्योपतियों को दे दिया। बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में रोज़गार और नोटबंदी का नाम ही नहीं लिया।

काला धन क्यों नहीं आया?

कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 80 लाख करोड़ कालाधन लाने का वादा किया था। साथ ही लोगों के खाते में 15-15 लाख रुपये देने का भी वादा किया था, लेकिन यह सारे वादे जुमले साबित हुए।

कांग्रेस ने कहा, 'एक देश एक टैक्स' का बीजेपी का नारा था, लेकिन इसमें 900 बार बदलाव किया गया। इतने बार नियम-क़ानून बदलने से लोग संशय में रहे और व्यापार में नुक़सान हुआ।' कांग्रेस ने कहा कि रेवेन्यू कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये कम हुआ है।

सस्ते डीज़ल-पेट्रोल का ज़िक्र नहीं

सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी का वादा था सस्ता डीज़ल-पेट्रोल का, लेकिन घोषणापत्र में इसकी चर्चा ही नहीं है। सुरजेवाला ने कहा कि वादा था गंगा की सफाई का, लेकिन नमामि गंगे के पैसै ख़र्च ही नहीं हो पाये। उन्होंने कहा कि देश की जनता जाग चुकी है, अब 'न्याय' होगा।

'वादा करके तोड़ना इनकी फ़ितरत'

अहमद पटेल ने कहा कि वादा करके तोड़ना इनकी फ़ितरत है। उन्होंने ऐसे 125 से ज़्यादा वादे किये और तोड़े हैं। कांग्रेस ने कहा, ये शहंशाह 'मैं, मुझे और मेरा' के अहंकार में चूर है। कांग्रेस ने कहा, मोदी आज भी जुमलों की खेती कर रहे हैं।

'विभाजन और नफ़रत बीजेपी के डीएनए में'

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि विभाजन और नफ़रत बीजेपी के डीएनए में है, वह एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाना चाहती है, वह एक धर्म को दूसरे धर्म से लड़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी यूपी में हिंदू-मुसलमान की राजनीति करती है, गुजरात में पटेल-नॉन पटेल, महाराष्ट्र में मराठा-ग़ैर मराठा, राजस्थान में राजपूत-गुर्जर, हरियाणा में जाट-नॉन जाट, पंजाब में हिंदू-सिख की राजनीति करती है।

कांग्रेस ने माँग की कि संशय दूर हो, इसलिए 50 फ़ीसदी वीवीपैट मशीनों की पर्ची का मिलान किया जाए। विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए यह ज़रूरी है। उन्होंने पूछा कि कोई समस्या नहीं थी तो वीवीपैट मशीनों पर 18 हज़ार करोड़ रुपये क्यों ख़र्च किये गये।

इससे पहले कांग्रेस ने बीजेपी के घोषणापत्र पर ट्विटर पर भी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस ने कहा, 'चलिए, हम आपको वो याद दिलाते हैं, जिसे आप भूल गए लेकिन, देश की जनता को याद है- 15 लाख, 2 करोड़ रोजगार, किसानों की दुगुनी आय, महिला सुरक्षा। इन मुद्दों पर आप बुरी तरह विफल हुए हो और जनता आपको माफ़ नहीं करेगी। इसलिए- अब जनता की बारी है। सरकार तुम्हारी जानी है।'

बता दें कि बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सोमवार को संकल्प पत्र जारी कर दिया है। बीजेपी ने कहा है कि इस संकल्प पत्र के ज़रिए 130 करोड़ लोगों की आकाँक्षाएँ पेश की जा रही है और यह एक तरह का विज़न डॉक्यूमेंट है। संकल्प पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रवाद के प्रति हमारी पूरी प्रतिबद्धता है। आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सुरक्षा बलों को आतंकवादियों का सामना करने के लिए फ़्री हैंड की नीति जारी रहेगी। देश की सुरक्षा के साथ हमारी सरकार किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेगी। उत्तर-पूर्व में घुसपैठ को रोकने के लिए स्मार्ट फ़ेंसिंग के साथ प्रौद्योगिकी का भी उपयोग किया जाएगा। यूनिफ़ॉर्म सिविल कोर्ड को लागू करेंगे। घुसपैठ को रोकने की कोशिश करेंगे। इसके साथ ही कई मुद्दों का बीजेपी के घोषणापत्र में ज़िक्र है।

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