इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम को तुरंत टैंकर और साफ़ पानी की नियमित सप्लाई के आदेश दिए। उधर राहुल गांधी ने ‘पानी नहीं, ज़हर बांटा गया’ कहकर डबल इंजन सरकार और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर जवाबदेही मांगी।
इंदौर पुलिस चौकी टायलेट का पानी खुली पेयजल सप्लाई लाइन से मिलता हुआ
इंदौर में दूषित पानी से लोगों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इंदौर नगर निगम को तुरंत अतिरिक्त पानी के टैंकर भेजने और साफ़ पानी की नियमित सप्लाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इंदौर की सुंदरता और सम्मान को बनाए रखना चाहिए। इधर, राहुल गांधी ने मध्य प्रदश में डबल इंजन सरकार पर हमला बोला और कहा कि 'पानी नहीं, जहर बांटा गया'। उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आपत्तिजनक टिप्पणी पर निशाना साधा और कहा कि ये ‘फोकट’ सवाल नहीं - ये जवाबदेही की मांग है।
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पीने के पानी से डायरिया फैल गया है, जिससे कई लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों बीमार पड़ गए। भागीरथपुरा इलाका इंदौर का घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां करीब 15000 लोग रहते हैं। 26 दिसंबर 2025 से लोगों को नल का पानी बदबूदार, कड़वा और गंदा लगने लगा। पीने के बाद उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायतें शुरू हो गईं। जांच में पता चला कि मुख्य पानी की पाइपलाइन में लीकेज था और उसके ऊपर बने एक टॉयलेट से सीवेज का गंदा पानी मिल गया। पुलिस चौकी के पास बने टॉयलेट में सेफ्टी टैंक नहीं था, जिससे गंदगी सीधे पाइप में घुस गई।
इंदौर शहर में क्या हालात हैं?
लैब टेस्ट में पानी के 26 सैंपल बैक्टीरिया से दूषित पाए गए। अब तक 1400 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं। 200 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 32 आईसीयू में हैं। मृतकों की अलग-अलग संख्या बतायी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सिर्फ 4 मौतें दूषित पानी से हुईं। मेयर ने कहा कि उन्हें 10 मौतों की जानकारी मिली है। स्थानीय लोग और कुछ रिपोर्टों में 14 मौतों का दावा है, जिसमें एक 5-6 महीने का बच्चा भी शामिल है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अस्पतालों का दौरा किया और मरने वालों के परिवार को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया। कुछ अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है।
हाईकोर्ट का सख्त आदेश
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने बड़ा फैसला दिया। जस्टिस द्वारकाधीश बंसल और जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की बेंच ने कहा, 'इंदौर इतना सम्मानित शहर है, पूरा देश अच्छी बातें कहता है। अगर पानी से लोग मर रहे हैं तो यह गलत है। इंदौर की सुंदरता बनाए रखो।' कोर्ट ने नगर निगम को अतिरिक्त टैंकर भेजने का आदेश दिया। जस्टिस बंसल ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि आप और पानी के टैंकर भेजें और वकील को तस्वीरें भेजें... हमें 10 मिनट के अंदर टैंकर भेजने चाहिए... कलेक्टर, SDM, जिसे भी आप बुलाना चाहें, पानी के टैंकर पहुंचने चाहिए।'राहुल का हमला: पानी नहीं, जहर बांटा गया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। एक्स पर पोस्ट करके उन्होंने कहा, 'इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया और प्रशासन कुंभकर्ण की नींद में सोया रहा। हर घर में मातम है, गरीब बेबस हैं। लोगों ने बार-बार गंदे पानी की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सीवेज पानी में कैसे मिला? सप्लाई क्यों नहीं रोकी गई?'राहुल ने इसे भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार की नाकामी बताया और कहा कि मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का केंद्र बन गया है। उन्होंने पुराने मामलों का जिक्र किया जैसे कफ सिरप से मौतें और अस्पतालों में लापरवाही। उन्होंने कहा, 'गरीब मरते हैं तो मोदी जी हमेशा चुप रहते हैं।'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान की ढोल पीटने वाले मोदी जी इंदौर की मौतों पर चुप हैं। इंदौर 8 बार सबसे साफ शहर बना, लेकिन लोगों को साफ पानी नहीं मिला। यह भाजपा की नाकामी है।
कैलाश विजयवर्गीय का आपत्तिजनक बयान
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बेहद आपत्तिजनक बयान देकर विवादों में फँस गए हैं। 31 दिसंबर 2025 को मंत्री विजयवर्गीय प्रभावित इलाके का दौरा कर मीडिया से बात कर रहे थे। एक पत्रकार ने उनसे दूषित पानी को लेकर सवाल किया तो विजयवर्गीय भड़क गए और उन्होंने अपशब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने पत्रकार से कह दिया, 'फोकट का सवाल मत पूछो' और फिर आपत्तिजनक स्लैंग शब्द 'घंटा' का प्रयोग किया। वीडियो वायरल हो गया, जिससे भारी आलोचना हुई। सोशल मीडिया पर उनको बदजुबान और ज़िम्मेदारी से भागने वाला क़रार दिया गया। उनकी चौतरफ़ा आलोचना हुई।
विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे और उनकी टीम दो दिनों से बिना सोए हालात सुधारने में लगे हैं, गहरे दुख में उनके शब्द गलत निकल गए, इसके लिए खेद है। कांग्रेस ने इसे अहंकार और असंवेदनशीलता बताया, मंत्री का इस्तीफा मांगा और प्रतीकात्मक रूप से 'घंटा' बजाकर विरोध किया।उमा भारती का अपनी ही सरकार पर हमला
बीजेपी नेता उमा भारती ने अपनी ही सरकार पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा है, 'साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है।'
उन्होंने आगे कहा, 'जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।'
नगर निगम का बचाव
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त रोहित सिसोनिया ने कहा कि टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। लीकेज की जगह ढूंढी गई और ठीक की गई। पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। टैंकर भेजे जा रहे हैं और लोगों को उबला पानी पीने की सलाह दी जा रही है।
इंदौर का क्या सबक मिला?
यह संकट बताता है कि साफ-सफाई का अवॉर्ड मिलना काफी नहीं। पानी की पाइपलाइनों की नियमित जांच और रखरखाव ज़रूरी है। जानकार कहते हैं कि घनी बस्तियों में ऐसी गलतियां जानलेवा हो सकती हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी रिपोर्ट मांगी है।