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दलित परिवार को पीटते पुलिसकर्मी।

गुना में दलित परिवार की फसल पर चला बुलडोज़र, दंपत्ति ने पिया जहर

मध्य प्रदेश के गुना शहर से किसान परिवार पर पुलिस की बर्बरता की तसवीरें सामने आयी हैं। यहां पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से दुःखी होकर एक किसान दंपत्ति ने जहर पी लिया। किसान की पत्नी की हालत गंभीर है। पूरे मामले को लेकर जांच बैठा दी गई है।

मामला गुना शहर के पीजी काॅलेज से लगी सरकारी जमीन का है। इस जमीन पर राजकुमार अहिरवार नामक दलित शख्स लंबे अर्से से खेती कर रहा था। मंगलवार को एसडीएम की अगुवाई में अतिक्रमण विरोधी दस्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस भी साथ थी।

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अमले ने राजकुमार और उसके परिवार द्वारा बोई गई अंकुरित फसल पर बुलडोज़र चलाना शुरू कर दिया। राजकुमार और उसके परिवार ने अमले के सामने मिन्नतें कीं। राजकुमार बताता रहा कि इस जमीन पर उसके बाप-दादा के जमाने से खेती हो रही है। उसका परिवार बरसों से जमीन पर काबिज़ है। उसने माना कि जमीन का पट्टा नहीं है और साथ ही कहा कि यहां पहले कभी कोई नहीं आया।

राजकुमार और उसका परिवार चाहता था कि फसल पकने और कटने तक उन्हें बख्श दिया जाये। लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। फसल पर बुलडोज़र चलता रहा। इससे दुःखी होकर राजकुमार अपनी झोपड़ी में गया और परिजनों के रोकने के बावजूद वहां रखा कीटनाशक गटक गया। 

राजकुमार को जहर पीता देख पत्नी रेखा बाई ने भी कीटनाशक पी लिया। एसडीएम और अमला इसे देखता रहा। दस्ते में शामिल कुछ लोग पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते रहे।

इसके बाद हंगामा बढ़ा और राजकुमार एवं उसकी पत्नी अचेत हुए तो अमला और पुलिस बल दंपत्ति को जबरन अस्पताल ले गये। रेखा की हालत नाजुक बनी हुई है। कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दे दिये हैं।

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खेती ही आजीविका का जरिया 

राजकुमार के परिवार में एक दर्जन के लगभग सदस्य हैं। परिवार की आजीविका खेती से ही चलती है। कीटनाशक पीने से पहले राजकुमार ने अफसरों को रो-रोकर दलील दी थी कि खेती के लिए उसने चार लाख रुपये का कर्ज लिया है। उसकी फसल को तबाह किया गया तो वह और उसका परिवार कहीं का नहीं रहेगा और पूरे परिवार के सामने आत्महत्या के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचेगा। मगर अधिकारी नहीं पसीजे।

पुलिस ने मौके से राजकुमार और उसके परिजनों को हटाने के लिए बल का प्रयोग भी किया था। महिला पुलिस कर्मी भी राजकुमार की लातों से पिटाई करती नज़र आई थी। राजकुमार की पत्नी की भी पिटाई की गई थी। मारपीट और धक्का-मुक्की में राजकुमार की पत्नी के कपड़े तक फट गये थे।

Dalit family in Guna tried to commit suicide - Satya Hindi
बिलखते बच्चे।
इस दंपत्ति के बच्चे पूरा घटनाक्रम देखकर बिलख रहे थे। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया। सोशल मीडिया पर यह वायरल हुआ तो लोगों ने पुलिस की कारगुजारी की निंदा की। 

कांग्रेस ने लिया सरकार को आड़े हाथ

कमल नाथ सरकार में विधि मंत्री रहे पीसी शर्मा ने गुना की इस घटना पर गहरा अफसोस जताया है। उन्होंने बुधवार को भोपाल में कहा, ‘किसानों पर गोली चलाने वाली सरकार लौट आयी है। अब तो ऐसे ही नज़ारे प्रदेश में देखने को मिलेंगे।’ शर्मा ने मुख्यमंत्री के किसान पुत्र होने और बीजेपी में आये कांग्रेस के पुराने नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के किसान प्रेम को भी ढोंग बताया।

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा, ‘शिवराज सरकार प्रदेश को कहाँ ले जा रही है? 

ये कैसा जंगल राज है? क्या ऐसी कार्रवाई की हिम्मत इन क्षेत्रों में तथाकथित जनसेवकों व रसूख़दारों द्वारा क़ब्ज़ा की गयी हज़ारों एकड़ शासकीय भूमि को छुड़ाने के लिए भी शिवराज सरकार दिखायेगी? दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो, अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।’

गुना से कई बार जीते हैं सिंधिया

गुना वही क्षेत्र है, जहां से बीजेपी के राज्यसभा के सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया कई बार सांसद रहे हैं। हालांकि वे कांग्रेस की टिकट पर गुना लोकसभा सीट से जीतते रहे थे लेकिन पिछले चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार से हार गये थे। 

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संजीव श्रीवास्तव
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