मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में 2022 के मॉब लिंचिंग मामले में कोर्ट ने दीपक उर्फ बाबा केवट, अज्जू, प्रकाश कौशल, पवन बाथव, अमर, कन्हैया बाथव, अनुज, संजू, आकाश, गौरव यादव, आकाश सराठे, चेतन मराठा, देवेंद्र और संदीप को सजा सुनाई।
दोषी करार दिए जाने के बाद कोर्ट परिसर में हंगामा
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा तहसील के बराखड़ गांव के चर्चित मॉब लिंचिंग मामले में अदालत के फ़ैसले के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है। दोषियों को रविवार को उपजेल से जिला जेल में शिफ्ट किया गया है। सिवनी मालवा कोर्ट की एडीजे तबस्सुम खान की अदालत ने 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फ़ैसले के ठीक बाद न्यायाल परिसर में भारी हंगामा हुआ था। इसके बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ानी पड़ी। परिसर में ही जज का आवास है।
पुलिस वाहन के सामने लेटे परिजन
एडीजे तबस्सुम खान का फ़ैसला 55 पेजों का है। उन्होंने ये निर्णय शुक्रवार को दिया। निर्णय के बाद दोषियों के परिजन भावुक होकर रोने-बिलखने लगे थे। विरोध शुरू कर दिया था। जिससे कोर्ट परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। जब पुलिस दोषियों को जेल ले जाने लगी थी, तब भी कुछ परिजन पुलिस वाहन के सामने लेट गए थे। वाहन रोकने की कोशिश में पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात संभाले और सभी दोषियों को जेल रवाना किया था। फैसले को लेकर परिजनों ने कहा था, ‘उनके बच्चे गौसेवा के उद्देश्य से मौके पर पहुंचे थे। दावा रहा था कि उन्हें गलत तरीके से कठोर सजा दी गई है।’फैसले का भारी विरोध देखते हुए न्यायालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। न्यायालय परिसर में ही जज साहिबा का भी घर है। अतिरिक्त बल अभी भी तैनात बताया गया है।
दोषी नर्मदापुर जेल में शिफ्ट
कोर्ट के निर्णय का सड़कों पर तो विरोध नहीं हुआ है, लेकिन पूरे कस्बे में मसला चर्चा का सबब है। पुलिस हर तरह का एहतियात बरत रही है। संभवतः एहतियात के तहत ही रविवार को सभी दोषियों को सिवनी मालवा उपजेल से नर्मदापुरम जिला जेल शिफ्ट कर दिया है।
सिवनी मालवा के वरिष्ठ पत्रकार विजय ठाकुर ने ‘सत्य हिन्दी’ से कहा, ‘फैसले के बाद स्थानीय लोगों में रोष है। दोषियों को उपजेल से जिला जेल शिफ्ट किया गया है। मसले को लेकर नगर में लगातार चर्चाओं का सिलसिला जारी है। विरोध कर रहे लोगों में अभी तक कोई सड़क पर तो नहीं आया है, लेकिन हर तरह की रणनीति पर विचार हो रहा है।’विजय ठाकुर ने यह भी कहा, ‘साल 2022 की घटना अलग-अलग तरीकों से मीडिया में रिपोर्ट हुई थी। ट्रक चालक वाहन लेकर फरार होना चाहता था। मगर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ। रोकने वाली भीड़ वाहन को भगा ले जाने से ज्यादा कुपित हुई थी। बाद में मारपीट-लिंचिंग वाला घटनाक्रम हुआ था। कई लोगों ने आरोपियों को बचाया भी था।’
मॉब लिंचिंग का घटनाक्रम कुछ यूं था!
राजधानी भोपाल से लगे नर्मदापुरम (पूर्व का नाम होशंगाबाद) के सिवनी मालवा के बराखड़ गांव में 3 अगस्त 2022 की रात महाराष्ट्र के अमरावती जा रहे एक ट्रक को सिवनी मालवा के बराखड़ गांव के पास रोक लिया गया था। ट्रक में करीब 30 मवेशी भरे थे। आरोप था, ग्रामीणों और गो-रक्षकों की भीड़ ने ट्रक में सवार तीन लोगों को घेरकर लाठी-डंडों से जमकर पीटा था।हमले में घायल ट्रक ड्राइवर शेख लाला ने बाद में बताया था कि 50-60 लोग सड़क पर खड़े थे। उन्होंने ट्रक रुकवाया और बिना कोई पूछताछ किए मारपीट शुरू कर दी थी। भीड़ तब तक पीटती रही जब तक वे लहूलुहान नहीं हो गए थे। बाद में पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां नाजिर अहमद की मौत हो गई थी।
इस पूरे घटनाक्रम का तब एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें भीड़ लाठी-डंडों से हमला करती और ‘मारो-मारो’ चिल्लाती दिखी थी। कुछ लोगों ने बीच-बचाव भी किया था, जिससे अन्य दो लोगों की जान बच सकी थी।
कोर्ट ने लगाई थीं ये धाराएं
पुलिस ने भीड़ में 14 आरोपियों को चिन्हित करते हुए सभी पर हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और रास्ता रोकने समेत विभिन्न धाराएं लगाई थीं। जांच के बाद चालान पेश किया था। करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को फैसला सुनाया गया।
दोषी करार दिए जाने वाले 8 अपराधी। 14 दोषी क़रार दिए गए हैं।
इन्हें मिली कोर्ट से सजा
1 दीपक उर्फ बाबा केवट (38 वर्ष)
2 अज्जू उर्फ अजय राठौर (36)
3 प्रकाश कौशल (33)
4 पवन बाथव (31)
5 अमर उर्फ भोला बाथव (38)
6 कन्हैया बाथव (32)
7 अनुज उर्फ बल्लू रघुवंशी (24)
8 संजू उर्फ राजेंद्र कौशल (39)
9 आकाश उर्फ पिंटोली बाथव (31)
10 गौरव यादव (24)
11 आकाश सराठे (33) राही चौक, सिवनी मालवा
12 चेतन मराठा (23)
13 देवेंद्र उर्फ छोटू कोरी (22)
14 संदीप उर्फ राजा कौशल (26)