उज्जैन के बड़नगर में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक वैन को क्रेन से लटकाकर किए गए धमाके के बाद तीन मुस्लिम एवं एक हिन्दू के खिलाफ एफ़आईआर की गई है। इनमें तीन को गिरफ्तार भी किया गया है। ATS और FSL ने जांच शुरू की है।
मुहर्रम के दौरान वैन में विस्फोट का स्टंट
मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में मुहर्रम के एक जुलूस में चार पहिया वाहन को हवा में लटकाकर ‘धमाके’ के घटनाक्रम ने कई सारे सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद उज्जैन के साथ-साथ भोपाल (पुलिस मुख्यालय) भी सकते में बताया गया है। तीन मुस्लिम एवं एक हिन्दू युवक सहित कुल चार लोगों के खिलाफ एफआईआर की गई है। इनमें तीन को गिरफ्तार भी किया गया है।
बता दें, घटना दो दिन पुरानी है। मुहर्रम के जुलूस के दरमियान, सुनियोजित तरीके से इस ब्लास्ट को अंजाम दिया गया। घटना के बाद बड़नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ हुई है। सामने आया है, जुलूस के दौरान एक वैन में पटाखों के जरिए ब्लास्ट किया गया। आरोपियों ने वैन को क्रैन के जरिए 40 फीट हवा में उठाया। दो युवक लाल झंडे लेकर उस पर खड़ा रहे। झंडा लहराते रहे। अपनी बात रखते रहे। बाद में इसमें ब्लास्ट किया गया।
हंगामा इसलिए बरपा क्योंकि वैन पर लिखा हुआ था, ‘ले, फिर आ गए।’ सवाल यही उठाया गया कि ये ( ले, फिर आ गए) क्यों एवं किसके लिए लिखा गया होगा। हालांकि यह भी कहा गया है कि ‘ले, मैं फिर आ गया’ लिखा था।
एफएसएल, एटीएस टीमें जाँच में जुटीं
दावा ये भी कि विस्फोट पटाखों से किया गया। मगर पुलिस, एफएसएल टीम एवं एटीएस की टीमें हरेक एंगल से जांच कर रही है। विस्फोटक क्या था, पता लगाने में जुटी हुई है।
ब्लास्ट से वैन के कांच फूटकर हवा में उड़ गए थे। लोग नीचे तमाशबीन बने रहे। अच्छा यह रहा कि किसी को चोट नहीं लगी। घटनाक्रम के वीडियो सामने आने के बाद विरोध शुरू हुआ। हिन्दू संगठनों ने आपत्तियां जताईं। कार्रवाई की मांग की।
पुलिस हरकत में आयी और बाद में पूरी कार्रवाई की गई। आज जो खबरें निकलकर सामने आयीं हैं, उसमें तीनों मुस्लिम युवकों के खिलाफ एनएसए लगाने संबंधी एक्शन की बात भी सामने आयी है। उधर, चैथे हिन्दू आरोपी को अभी हिरासत में नहीं लिया गया है।
सामने आया है कि हिन्दू युवक किराये से क्रैन देने काम करता है। उसका कहना है, जुलूस में फूल बरसाने के लिए क्रैन की मांग की गई थी। आयोजकों की मांग पर उसने क्रैन दे दी। वीडियो वायरल होने के बाद उसे मालूम हुआ कि आयोजक गलत कथन करके वैन को ले गए थे।
घटना के बाद उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने मीडिया बयान में कहा, ‘बड़नगर में अडान और शरजील अखाड़ों में स्पर्धा चलती है। दोनों अखाड़े एक-दूसरे को नीचा दिखाने की ताक में रहते हैं। संभव है कि इसी वजह से पूरा घटनाक्रम हुआ और भड़काऊ संदेश लिखे गए हों, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।'
उज्जैन पुलिस कठघरे में
उज्जैन के एक वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा ने ‘सत्य हिन्दी’ से कहा, ‘मुहर्रम का मौका था। उज्जैन के साथ-साथ बड़नगर, उन्हेल, नागदा और महिदपुर संवेदनशील क्षेत्रों में शुमार हैं। सांप्रदायिक उन्माद की घटनाएं इन क्षेत्रों में होती रही हैं, लिहाजा पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतना चाहिए थी।’
राणा ने यह भी कहा, ‘मुख्यमंत्री का गृह जिला है। वे गृह महकमे के दायित्व का निर्वहन भी करते हैं, ऐसे में पुलिस की अतिरिक्त सतर्कता ज्यादा बनती है, लेकिन देखा गया है कि पुलिस टेकन फार ग्रांटेंट रहती है। अपराधों का छिपाना उसकी आदत में शुमार है।’