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आर्यन की जमानत पर 26 को हाई कोर्ट में होगी सुनवाई, जेल पहुंचे शाहरूख़ 

कॉर्डेलिया क्रूज़ ड्रग्स रैकेट मामले में जेल में बंद आर्यन खान ने जमानत के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। इससे पहले विशेष एनडीपीएस अदालत ने आर्यन को जमानत देने से इनकार कर दिया था। आर्यन के साथ ही उनके दोस्तों अरबाज़ मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को भी जमानत नहीं मिली है। एनसीबी लगातार इन तीनों को जमानत दिए जाने का विरोध करती रही है। 

आर्यन के वकील सतीश मानेशिंदे ने हाई कोर्ट के सामने आर्यन की जमानत की याचिका को रखा। हाई कोर्ट इस मामले में अगले मंगलवार यानी 26 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। 

उधर, शाहरूख़ ख़ान गुरूवार को आर्यन से मिलने जेल पहुंचे। आर्यन मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं। 
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बुधवार को आर्यन की जमानत अर्जी खारिज करते हुए विशेष अदालत ने कहा था कि आर्यन की वाट्सऐप चैट से पता चलता है कि वह नियमित रूप से अवैध ड्रग गतिविधियों में शामिल थे। जज वीवी पाटिल ने कहा, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि आर्यन के ज़मानत पर रहते हुए इसी तरह का अपराध करने की संभावना नहीं है।

कोर्ट ने यह भी कहा था कि आर्यन के साथ यात्रा कर रहे उनके दोस्त से प्रतिबंधित सामग्री मिली थी और उन्हें इसकी जानकारी थी। अरबाज मर्चेंट और आर्यन को अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल पर एक साथ पकड़ा गया था। 

आर्यन के पास से कोई ड्रग्स नहीं मिली थी जबकि मर्चेंट के पास से कथित तौर पर छह ग्राम चरस जब्त की गई थी। अदालत ने इस मामले में पिछले गुरुवार को फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था। 

आर्यन के वकीलों ने अदालत में तर्क दिया था कि एनसीबी के अधिकारियों को आर्यन के पास से न तो कोई ड्रग्स मिली और न ही मेडिकल जांच में ड्रग्स लिए जाने की पुष्टि हुई है।

पिछली सुनवाई के दौरान एनसीबी की ओर से एनडीपीएस अदालत में पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा था कि आर्यन और अरबाज़ मर्चेंट क्रूज़ पर एक साथ ड्रग्स लेने वाले थे। उन्होंने कहा था कि आर्यन पिछले कई सालों से ड्रग्स ले रहा था और इसकी पुष्टि उसकी वाट्सऐप चैट और अरबाज़ मर्चेंट से हुई पूछताछ से हुई है। 

अनिल सिंह ने अदालत को यह भी बताया था कि आर्यन ड्रग्स लेने का आदी हो गया था। उन्होंने कहा था कि एनसीबी ने जिस ड्रग पेडलर अचित कुमार को पकड़ा है उसने भी इस बात की पुष्टि की थी कि आर्यन उससे ड्रग्स लिया करता था।

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आर्यन के वकील की दलील

जबकि आर्यन के वकील अमित देसाई ने अनिल सिंह की दलीलों के जवाब में कहा था कि आज के जेनरेशन के बच्चों की भाषा और इंग्लिश हमसे काफ़ी अलग है। उनकी बातचीत करने की स्टाइल अलग है और यह किसी को संदेहजनक भी लग सकती है। 

देसाई ने अनिल सिंह की तरफ़ इशारा करते हुए पूछा था कि क्या आपको लगता है कि यह लड़का इंटरनेशनल ड्रग ट्रैफिकिंग में शामिल होगा? उन्होंने कहा था कि एनसीबी द्वारा लगाए गए सभी आरोप ग़लत और बेबुनियाद हैं।

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